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रायपुर पुलिस की ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, नागपुर से आरोपी गिरफ्तार

Raipur पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को नागपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर नमन जग्गी और आयुष अग्रवाल को सट्टा पैनल और तकनीकी सपोर्ट उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी का नाम अंकित अग्रवाल है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में बड़े सट्टा नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। नागपुर में छिपा था आरोपी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अंकित अग्रवाल लंबे समय से ऑनलाइन सट्टा कारोबार से जुड़ा हुआ था। वह मुख्य आरोपियों को तकनीकी सपोर्ट और सट्टा पैनल उपलब्ध कराता था। इसी पैनल के जरिए ऑनलाइन बेटिंग और पैसों का लेन-देन किया जाता था। तकनीकी इनपुट और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस को आरोपी के नागपुर में छिपे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद टीम ने वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया और रायपुर लाया गया। पहले भी पकड़े जा चुके हैं आरोपी इस मामले में पुलिस पहले ही नमन जग्गी और आयुष शर्मा को 5 मई को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था और इसमें कितने लोग शामिल हैं। बैंक ट्रांजैक्शन और लैपटॉप की जांच पुलिस आरोपी के मोबाइल, लैपटॉप और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है। आशंका है कि करोड़ों रुपए का ऑनलाइन लेन-देन फर्जी आईडी और अलग-अलग खातों के जरिए किया गया। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। चार महीने में 78 आरोपी गिरफ्तार कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद साल 2026 में रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा मामलों में अब तक 15 केस दर्ज किए हैं। इन मामलों में 78 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 67 लाख रुपए कैश, 217 मोबाइल, 20 लैपटॉप, 10 कार और 4 दोपहिया वाहन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब साढ़े 3 करोड़ रुपए बताई जा रही है। बाबू खेमानी की भी हुई थी गिरफ्तारी इससे पहले 17 अप्रैल को रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट के मास्टरमाइंड बाबू खेमानी को मुंबई से गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि उसने “3 STUMPS” नाम से ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट शुरू की थी। पुलिस उसके विदेशी कनेक्शन की भी जांच कर रही है। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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जबलपुर के होटल में महिला की संदिग्ध मौत, कमरे में खून से सनी मिली लाश

Jabalpur के धनवंतरी नगर इलाके में स्थित एक होटल के कमरे से महिला की संदिग्ध हालत में लाश मिलने से हड़कंप मच गया। महिला का शव खून से सना हुआ था। सूचना मिलते ही संजीवनी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस को शुरुआती जांच में कई लापरवाहियां भी मिली हैं। होटल प्रबंधन ने महिला का आधार कार्ड या कोई पहचान पत्र नहीं लिया था। साथ ही उसका नाम-पता भी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया। नाश्ता देने पहुंचे कर्मचारी ने दी सूचना जानकारी के मुताबिक रिलेक्स-इन होटल के कमरा नंबर-9 में करीब 40 वर्षीय महिला एक युवक के साथ रुकी थी। शुक्रवार दोपहर होटल का कर्मचारी नाश्ता देने कमरे तक पहुंचा। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद होटल मैनेजर को सूचना दी गई। जब दूसरी चाबी से दरवाजा खोला गया तो महिला की लाश कमरे में पड़ी मिली। महिला के शरीर पर खून और चोट के निशान भी पाए गए। युवक होटल से गायब पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला के साथ एक युवक भी होटल में आया था। युवक दमोह का रहने वाला बताया जा रहा है। गुरुवार शाम के बाद से वह होटल में दिखाई नहीं दिया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। होटल रिकॉर्ड में युवक का नाम गुड्डू बंसल बताया गया है। उसने पहचान पत्र के तौर पर ड्राइविंग लाइसेंस जमा कराया था। कमरे से शराब की बोतल मिली पुलिस को कमरे से शराब की बोतल भी मिली है। वहीं महिला के पास से कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिला। सीएसपी एमएल नागोतिया ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लग रहा है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी। पुलिस होटल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। होटल प्रबंधन पर भी सवाल जांच के दौरान यह भी सामने आया कि होटल प्रबंधन ने महिला का आईडी कार्ड नहीं लिया था। पुलिस इस लापरवाही को लेकर होटल मैनेजर से पूछताछ कर रही है। फिलहाल पुलिस महिला की पहचान करने और फरार युवक को पकड़ने की कोशिश में जुटी है। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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बिलासपुर में गैस एजेंसी पर कालाबाजारी का आरोप, उपभोक्ताओं ने किया हंगामा

Bilaspur में बालाजी गैस एजेंसी के खिलाफ गुरुवार को उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए एजेंसी के बाहर हंगामा किया। बाद में कई उपभोक्ता शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट भी पहुंचे। लोगों का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग और भुगतान करने के बाद भी उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा। वहीं कुछ लोगों को सीधे सिलेंडर दिए जा रहे हैं। “स्टॉक खत्म” कहकर लौटाया उपभोक्ताओं ने बताया कि वे घंटों लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन एजेंसी कर्मचारी “स्टॉक खत्म” होने की बात कहकर वापस भेज देते हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों को बिना लाइन के सिलेंडर दे दिए जाते हैं। इसी बात को लेकर महिलाओं और बुजुर्गों ने भी नाराजगी जताई। किसी और को दे रहे सिलेंडर लोगों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन बुकिंग असली उपभोक्ता के नाम पर होती है, लेकिन सिलेंडर किसी दूसरे व्यक्ति को दे दिया जाता है। इस वजह से जिन लोगों ने समय पर बुकिंग की, उन्हें भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। हंगामे के बाद पहुंची पुलिस विवाद बढ़ने पर एजेंसी संचालक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने की कोशिश की। हालांकि उपभोक्ता मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते रहे। कलेक्ट्रेट पहुंचकर की शिकायत हंगामे के बाद कई उपभोक्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने अपर कलेक्टर शिवकुमार बनर्जी को शिकायत दी। इसके बाद एडीएम ने खाद्य विभाग को जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी उपभोक्ता को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। कलेक्टर पहले ही दे चुके हैं चेतावनी हाल ही में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने गैस वितरण व्यवस्था की समीक्षा की थी। उन्होंने साफ कहा था कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि यदि किसी एजेंसी पर कालाबाजारी का मामला सही पाया गया, तो उसका लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है।
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सीहोर पहुंचीं मंत्री कृष्णा गौर, बंगाल हिंसा और ममता सरकार पर बोला हमला

Sehore प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश सरकार की प्रभारी मंत्री Krishna Gaur ने मीडिया से चर्चा करते हुए पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था और Mamata Banerjee सरकार पर तीखा हमला बोला। मंत्री कृष्णा गौर ने बंगाल में हो रही हिंसा को सत्ता खोने की “हताशा” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में तृणमूल कांग्रेस ने राज्य में “गुंडा राज” स्थापित कर दिया था। “डर के माहौल में नहीं कर पाते थे मतदान” मंत्री गौर ने कहा कि बंगाल की जनता लंबे समय से टीएमसी सरकार से परेशान थी। लोगों में डर का माहौल था, जिसकी वजह से वे खुलकर अपनी पसंद से मतदान नहीं कर पाते थे। उन्होंने चुनाव आयोग की तारीफ करते हुए कहा कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रही। आयोग ने सख्ती दिखाई, जिसके कारण जनता ने निर्भय होकर मतदान किया। “हार की हताशा में हो रही हिंसा” हालिया हिंसा की घटनाओं पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि टीएमसी अब हार की हताशा में ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बंगाल की कानून व्यवस्था को गंभीरता से लिया है। आने वाले समय में किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने कहा कि हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। समीक्षा बैठक में भी हुई शामिल सीहोर दौरे के दौरान कृष्णा गौर ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में भी हिस्सा लिया। बैठक में जिले के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंचे और लंबित कार्य जल्द पूरे किए जाएं। बैठक में विधायक Sudesh Rai, Gopal Singh Engineer, जिला भाजपा अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना सुरेंद्र अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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इंदौर में भाजपा नेता और ट्रैफिक पुलिस के बीच विवाद, हंगामे के बाद दो पुलिसकर्मी निलंबित

Indore के महूनाका चौराहे पर शुक्रवार दोपहर भाजपा नेताओं और ट्रैफिक पुलिस के बीच विवाद हो गया। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। भाजपा के विधानसभा-4 प्रभारी वीरेंद्र शेडगे ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया है। वहीं ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि वीरेंद्र शेडगे मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चला रहे थे। चेकिंग के दौरान शुरू हुआ विवाद जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर महूनाका चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस हेलमेट चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान वीरेंद्र शेडगे दोपहिया वाहन से वहां से गुजर रहे थे। बताया जा रहा है कि एक पुलिसकर्मी ने हाथ देकर उनकी बाइक रोकने की कोशिश की। आरोप है कि बाइक नहीं रुकने पर पुलिसकर्मी ने चलती गाड़ी पर हाथ उठा दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। वीरेंद्र शेडगे का आरोप है कि उन्हें रोकर थप्पड़ मारा गया। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की है। विरोध के बाद दो पुलिसकर्मी सस्पेंड मामला बढ़ने पर भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। विरोध बढ़ता देख यातायात विभाग ने कार्रवाई करते हुए ट्रैफिक कॉन्स्टेबल शेखर और सूबेदार लक्ष्मी को निलंबित कर दिया। वहीं ट्रैफिक टीआई राधा यादव को कार्यालय अटैच किया गया है। CCTV फुटेज की जांच जारी एसीपी शिवेंदु जोशी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। चौराहे के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फुटेज सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के मुताबिक शुरुआती जांच में वीरेंद्र शेडगे मोबाइल पर बात करते हुए नजर नहीं आए हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया चक्काजाम घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने महूनाका चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए, जिससे इलाके में यातायात प्रभावित हो गया। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। काफी देर तक मौके पर तनाव का माहौल बना रहा। बाद में पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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अस्पताल में 4 दिन तक मर्चुरी में पड़ा रहा नवजात का शव, पिता बोला- कर्ज के कारण बंधक बना रखा था

Sehore जिला अस्पताल से गुरुवार को एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई। एक पिता अपनी नवजात बेटी का शव गोद में लेकर अस्पताल से बाहर निकला। बच्ची का शव पिछले चार दिनों से अस्पताल की मर्चुरी में रखा हुआ था। पिता रवि रघुवंशी का आरोप है कि 70 हजार रुपए के कर्ज के कारण एक किसान ने उसे बंधक बनाकर रखा था। इसी वजह से वह बेटी की मौत के बाद भी अस्पताल नहीं पहुंच सका। जुड़वां बहनों में से एक थी बच्ची जानकारी के मुताबिक 24 मार्च को रवि और अंजलि रघुवंशी के यहां जुड़वां बच्चियों का जन्म हुआ था। जन्म के दौरान एक बच्ची की मौत हो गई थी। दूसरी बच्ची बेहद कमजोर हालत में पैदा हुई थी। उसका वजन सिर्फ 1.4 किलो था। बच्ची प्रीमैच्योर थी, इसलिए उसे जिला अस्पताल के ICU में भर्ती किया गया था। करीब 40 दिनों तक डॉक्टरों ने उसका इलाज किया, लेकिन 3 मई को उसकी मौत हो गई। चार दिन तक नहीं पहुंचे परिजन बच्ची की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों से कई बार संपर्क करने की कोशिश की। हालांकि, परिवार की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। चार दिन तक कोई शव लेने नहीं पहुंचा, जिसके बाद अस्पताल ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ढूंढकर लाई माता-पिता को पुलिस पहले आष्टा तहसील के हकीमाबाद गांव पहुंची, जहां परिवार का घर है। वहां पता चला कि दंपती मजदूरी करने देवास जिले के जालेरिया गांव गए हैं। इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और दोनों को सीहोर लेकर आई। बाद में बच्ची का शव परिजनों को सौंप दिया गया। पिता ने लगाया बंधक बनाने का आरोप पूछताछ में पिता रवि रघुवंशी ने बताया कि वह किसान मनोज जाट के यहां मजदूरी करता था। उस पर करीब 70 हजार रुपए का कर्ज था। रवि का आरोप है कि किसान ने कर्ज के बदले उसे और उसके साथी को जबरन रोक रखा था। उसने कहा कि उसे अस्पताल जाने नहीं दिया गया। रवि ने दावा किया कि अगर वह समय पर अस्पताल पहुंच जाता, तो शायद उसकी बच्ची की जान बच सकती थी। पुलिस कर रही मामले की जांच पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि मजदूर को जबरन बंधक बनाकर रखा गया था या नहीं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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बिलासपुर में आरक्षक की मौत पर बढ़ा विवाद, विधायक दिलीप लहरिया ने अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की मांग की

Bilaspur के श्रीराम केयर अस्पताल में आरक्षक सत्यकुमार पाटले की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इलाज में लापरवाही के आरोपों के बीच मस्तूरी विधायक Dilip Lahariya ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने और मृत आरक्षक के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर यह मामला विधानसभा में भी उठाया जाएगा। पथरी के इलाज के दौरान हुई थी मौत जानकारी के अनुसार, सरकंडा थाने में पदस्थ आरक्षक सत्यकुमार पाटले पेट दर्द की शिकायत के बाद इलाज के लिए श्रीराम केयर अस्पताल पहुंचे थे। जांच में डॉक्टरों ने पथरी की समस्या बताई और ऑपरेशन की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद सत्यकुमार की तबीयत अचानक बिगड़ गई, लेकिन कई घंटों तक कोई विशेषज्ञ डॉक्टर देखने नहीं आया। समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उनकी हालत गंभीर हो गई और बाद में मौत हो गई। मौत के कारण पर बना सस्पेंस परिवार का कहना है कि डॉक्टरों ने पहले किडनी में इंफेक्शन बताया था, लेकिन बाद में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया। वहीं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। इस मामले में सिम्स के चार डॉक्टरों की टीम ने बिसरा जांच कराने की सलाह दी है। विधायक परिजनों के साथ पहुंचे कलेक्ट्रेट बुधवार को विधायक दिलीप लहरिया मृतक आरक्षक के परिजनों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने कलेक्टर संजय अग्रवाल से मुलाकात कर मामले की शिकायत की। विधायक ने कहा कि यह अस्पताल में लापरवाही का पहला मामला नहीं है। पहले भी अस्पताल को लेकर शिकायतें सामने आ चुकी हैं। “सामान्य इलाज के लिए गया था आरक्षक” विधायक लहरिया ने कहा कि सत्यकुमार किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित नहीं थे। वे सिर्फ पथरी का इलाज कराने अस्पताल गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत इलाज और लापरवाही के कारण एक जवान की जान चली गई। अब अस्पताल में हुई अन्य मौतों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मामले की जांच कराने और रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं परिजनों ने आरोप लगाया है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें
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रायपुर में मकान से संदिग्ध विस्फोटक सामग्री बरामद, बम स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी

Raipur के रावाभाठा इलाके में एक मकान से संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस, बम स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मामला खमतराई थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस ने मौके से बैटरी, वायर, एयरगन, कैमिकल से भरी दो बोतलें और डेटोनेटर जैसी संदिग्ध सामग्री जब्त की है। बैग में मिला संदिग्ध सामान जानकारी के मुताबिक रावाभाठा इलाके में रहने वाली मितानिन पुष्पा साहू के घर बुधवार शाम एक युवक बैग लेकर पहुंचा था। युवक ने अपना नाम विनय देवांगन बताया और कुछ देर के लिए बैग रखने की बात कहकर वहां से चला गया। बैग को लेकर परिवार को शक हुआ। इसके बाद उन्होंने वार्ड पार्षद अश्वनी यादव को इसकी जानकारी दी। स्थानीय लोगों के साथ पहुंचे पार्षद सूचना मिलने के बाद पार्षद अश्वनी यादव स्थानीय लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। गुरुवार सुबह बैग खोलकर देखा गया तो उसमें एयरगन, वायर, बैटरी और देसी बम बनाने में इस्तेमाल होने वाला संदिग्ध सामान मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही नॉर्थ थाना पुलिस, बम स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। डीसीपी ने लिया जायजा मौके पर डीसीपी नॉर्थ जोन मयंक गुर्जर भी पहुंचे और जांच की स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जब्त सामग्री की जांच की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि सामान का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। वहीं घर में मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि संदिग्ध सामान विनय देवांगन नाम के व्यक्ति का हो सकता है। हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस अब विनय देवांगन से पूछताछ की तैयारी कर रही है। मामले में जल्द बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।
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सीहोर जिला अस्पताल की मर्चुरी में 4 दिन से रखा नवजात बच्ची का शव, माता-पिता लेने नहीं पहुंचे

Sehore जिला अस्पताल की मर्चुरी में एक नवजात बच्ची का शव पिछले चार दिनों से रखा हुआ है। बच्ची की 3 मई को इलाज के दौरान मौत हो गई थी, लेकिन अब तक उसके माता-पिता शव लेने अस्पताल नहीं पहुंचे हैं। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक बच्ची करीब 40 दिनों तक ICU में भर्ती रही। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। जन्म के समय वजन था सिर्फ 1.4 किलो सिविल सर्जन डॉ. यू.के. श्रीवास्तव ने बताया कि हकीमाबाद निवासी अंजली और रवि के यहां 24 मार्च को जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ था। प्रसव के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई थी। वहीं दूसरी बच्ची बेहद कमजोर थी। जन्म के समय उसका वजन केवल 1.4 किलोग्राम था। इसी वजह से उसे तुरंत गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती किया गया था। बच्ची की मौत के बाद बंद कर दिया संपर्क डॉक्टरों के अनुसार इलाज के दौरान बच्ची के पिता सिर्फ एक-दो बार ही अस्पताल पहुंचे थे। 3 मई को बच्ची की मौत होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया। अस्पताल की ओर से उनके काम करने की जगह पर भी सूचना भेजी गई, फिर भी कोई शव लेने नहीं पहुंचा। पुलिस टीम हकीमाबाद रवाना चार दिन तक कोई नहीं आने पर अस्पताल प्रशासन ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। अब पुलिस और अस्पताल प्रबंधन नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई कर रहे हैं। पुलिस की एक टीम हकीमाबाद रवाना हुई है। पुलिस परिजनों को अस्पताल बुलाकर बच्ची का शव सौंपने और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराने की कोशिश
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खंडवा में 32 साल के युवक की हार्ट अटैक से मौत, दोस्तों के साथ कार्यक्रम से लौट रहे थे घर

Khandwa के रामनगर क्षेत्र निवासी 32 वर्षीय सौरभ मालवीय की बुधवार देर शाम हार्ट अटैक से मौत हो गई। वे दोस्तों के साथ ग्राम सिंगोट में एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। लौटते समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार, रास्ते में सौरभ ने सीने में तेज दर्द की शिकायत की। उनके दोस्त ने तुरंत कार रोकी, लेकिन कुछ ही देर में उनकी हालत और गंभीर हो गई। इसके बाद दोस्त उन्हें तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो चुकी थी। “मां वैष्णो जल” नाम से चलाते थे RO प्लांट सौरभ मालवीय रामनगर क्षेत्र में “मां वैष्णो जल” नाम से RO वाटर प्लांट संचालित करते थे। वे अपने मिलनसार और शांत स्वभाव के कारण इलाके में अच्छी पहचान रखते थे। उनके परिवार में मां, पत्नी और सात साल की बेटी है। सौरभ के अचानक निधन की खबर से परिवार और परिचित गहरे सदमे में हैं। 7 दिन पहले मनाई थी शादी की सालगिरह परिजनों ने बताया कि सौरभ की शादी की सालगिरह सिर्फ सात दिन पहले ही मनाई गई थी। वहीं उनकी मां पिछले एक साल से बीमार चल रही हैं। उनका इलाज मुंबई में चल रहा था और इसी महीने उन्हें वापस घर लाया गया था। ऐसे में सौरभ की अचानक मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। घटना के बाद रामनगर क्षेत्र में शोक का माहौल है। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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