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इंदौर में पहले नंबर पर वैदेही, बोलीं-आईएएस बनना है:सोशल मीडिया से दूरी, 5-6 घंटे पढ़ाई कर बनीं टॉपर, दुष्यंत प्रदेश में चौथे नंबर पर

मध्यप्रदेश बोर्ड (MPBSE) ने मंगलवार को 12वीं कक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया। इस बार भी इंदौर की बेटियों ने बाज़ी मार ली।आर्ट्स ग्रुप में वैदेही मंडलोई ने प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया है, जबकि किंजल किंगरानी को छठा स्थान और कॉमर्स ग्रुप में गौरीषी यादव को दसवां स्थान मिला है। ✨ वैदेही मंडलोई – IAS बनने का सपना लिए 486 अंक 📚 किंजल किंगरानी – सेल्फ स्टडी से मेरिट में 👩‍💼 गौरीषी यादव – कॉरपोरेट की राह पर 👨‍🔬 अन्य टॉपर्स भी रहे शानदार 💪 दिव्यांग श्रेणी में भी इंदौर की बेटी का जलवा 🏆 प्रदेश टॉपर: सतना की प्रियल द्विवेदी ✅ 12वीं का कुल परिणाम 74.48%, बेटियों का जलवा कायम 🔍 ऐसे देखें रिजल्ट ( https://deshharpal.com/ ) छात्र अपना परिणाम निम्न पोर्टल्स पर देख सकते हैं: देश हरपल अपील करता है कि छात्र केवल आधिकारिक पोर्टल्स का ही उपयोग करें और किसी भी अफवाह या अनाधिकारिक वेबसाइट पर भरोसा न करें।
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छनेरा की चार्वी, बोरगांव के आर्यन ने टॉप किया:दोनों ने प्रदेश मेरिट में आठवां स्थान पाया; खंडवा में दसवीं का रिजल्ट…

मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने मंगलवार को 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित किया। इस बार खंडवा जिले के दो विद्यार्थियों ने प्रदेश की मेरिट लिस्ट में अपना स्थान बनाकर जिले का मान बढ़ाया है।छनेरा की चार्वी शमनानी और बोरगांव बुजुर्ग के आर्यन दशोरे ने 500 में से 493 अंक हासिल किए हैं। मेहनत की मिसाल: कॉन्वेंट स्कूलों से निकले दोनों टॉपर्स फिलहाल, जिले की विस्तृत मेरिट सूची जारी नहीं हुई है, लेकिन इन दोनों छात्रों की उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गई है। तन्वी मोठे का भी शानदार प्रदर्शन सरस्वती शिशु मंदिर, कल्लनगंज की छात्रा तन्वी मोठे, पिता रामचंद्र मोठे, ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 500 में से 488 अंक अर्जित किए हैं। खंडवा जिले की ऐतिहासिक छलांग इस वर्ष 10वीं बोर्ड में खंडवा का ओवरऑल स्कोर 83.37% रहा, जिससे जिला प्रदेश में 14वें और संभाग में दूसरे स्थान पर रहा। यह पिछले पांच वर्षों में जिले का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। पिछले 5 सालों में खंडवा जिले का 10वीं बोर्ड प्रदर्शन: देश हरपल की ओर से इन होनहार विद्यार्थियों को ढेरों शुभकामनाएं (https://deshharpal.com/)अगर आप चाहें तो हम इस खबर के लिए एक सोशल मीडिया पोस्ट कैप्शन या विजुअल वीडियो स्क्रिप्ट भी तैयार कर सकते हैं।
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किसान के बेटे जयदीप ने 12वीं में टॉप किया:480 अंक के साथ प्रदेश में चौथा स्थान; खंडवा ने संभाग में पहला स्थान पाया

मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने मंगलवार को 12वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी किया। इस बार खंडवा जिले से छैगांवमाखन हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्र जयदीप कछाया ने प्रदेश की मेरिट लिस्ट में चौथा स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। जयदीप ने एग्रीकल्चर संकाय से 500 में से 480 अंक अर्जित किए हैं। किसान का बेटा बना टॉपर, खेती को ही चुना कॅरियर काल्दाखेड़ी गांव निवासी जयदीप के पिता सुमेरसिंह कछाया एक छोटे किसान हैं, जो महज 1 हेक्टेयर जमीन पर खेती करते हैं। जयदीप ने भी एग्रीकल्चर को ही अपना भविष्य चुना है और इन दिनों इंदौर में रहकर आगे की तैयारी कर रहे हैं। उनकी छोटी बहन आंचल फिलहाल ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ रही हैं। “पिता ने खेत से दूर रखा, पढ़ाई में पूरा साथ दिया” देश हरपल से बातचीत में जयदीप ने कहा, “मेरे पिता ने मुझे खेती के काम से दूर रखा और पढ़ाई पर पूरा फोकस करने को कहा।” उन्होंने आगे कहा, “टीचर्स का भी भरपूर सहयोग मिला। छात्र जीवन में सीखने की ललक जरूरी है और माता-पिता व गुरुजन जो कहें, उस पर चलना चाहिए।“ खंडवा का ऐतिहासिक प्रदर्शन इस बार खंडवा जिले का कुल पास प्रतिशत 83.28% रहा, जो पिछले 5 सालों में सबसे अधिक है। प्रदेशभर में जिला आठवें और नर्मदापुरम संभाग में पहले स्थान पर रहा। सरकारी स्कूलों ने दिखाया दम खंडवा के सरकारी स्कूलों ने इस बार 84.63% रिजल्ट देकर प्राइवेट स्कूलों (80.02%) को पीछे छोड़ दिया। सरकारी स्कूलों ने 4.6% बेहतर प्रदर्शन किया, जो शिक्षा में बढ़ते सरकारी सुधार का संकेत है। पिछले 5 सालों में ऐसा रहा रिजल्ट ( https://deshharpal.com/ )
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राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम टीआईटी कॉलेज पहुंची:भोपाल के लव जिहाद मामले में हो रही पूछताछ, छात्राओं की सुरक्षा का लिया जायजा

भोपाल में कॉलेज छात्राओं के साथ हुए रेप, ब्लैकमेलिंग और कथित लव जिहाद के गंभीर मामले की जांच तेज हो गई है। राष्ट्रीय महिला आयोग की तीन सदस्यीय टीम सोमवार को रायसेन रोड स्थित टीआईटी कॉलेज पहुंची, जहां उन्होंने कॉलेज प्रशासन, संबंधित अधिकारियों और पीड़िताओं को पढ़ाने वाले शिक्षकों से लंबी पूछताछ की। टीम ने कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की भी बारीकी से जांच की। यह जानने की कोशिश की गई कि क्या पीड़ित छात्राओं ने घटना से पहले कॉलेज प्रबंधन या किसी अन्य अधिकारी को कोई शिकायत दी थी। मौके पर विशेष जांच टीम (SIT) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जो इस मामले में दर्ज हुई एफआईआर के आधार पर जांच कर रहे हैं। महिला आयोग की टीम ने कॉलेज स्टाफ और संबंधित विभाग प्रमुखों से अलग-अलग बातचीत कर आवश्यक जानकारी जुटाई। होटल रेडिसन में महिला आयोग और पुलिस के बीच विशेष बैठक सूत्रों के अनुसार, सोमवार को होटल रेडिसन में महिला आयोग की टीम और भोपाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच एक अहम बैठक हुई, जिसमें केस की वर्तमान स्थिति और आगे की कार्रवाई पर चर्चा हुई। इससे पहले शनिवार को टीम बाग सेवनिया थाने भी पहुंची थी, जहां केस की शुरुआती रिपोर्ट दर्ज हुई थी। रविवार को टीम ने पुलिस अधिकारियों से केस की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी थी। पीड़िताओं को न्याय और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने स्पष्ट किया है कि वह केवल जांच की निगरानी नहीं कर रही, बल्कि सभी पक्षों को आवश्यक सुझाव भी दे रही है ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। आयोग ने भरोसा दिलाया कि पीड़ित छात्राओं को पूर्ण न्याय मिलेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जमीनी जांच के लिए गठित की गई विशेष समिति https://deshharpal.com/ इस हाई-प्रोफाइल केस की गहराई से जांच के लिए महिला आयोग ने एक विशेष समिति बनाई है, जिसमें झारखंड की पूर्व डीजीपी निर्मल कौर, हाईकोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता निर्मला नायक समेत अन्य सदस्य शामिल हैं। यह समिति भोपाल पहुंचकर जमीनी सच्चाई का आकलन कर रही है।
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छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में फिर आंधी-तूफान:50-60KM/घंटे की रफ्तार से चल रही हवाएं; 6 मई तक ऐसा ही रहेगा मौसम

रायपुर। मई की शुरुआत के साथ ही वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रहा है। बीते कुछ दिनों से तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने प्रदेश के कई जिलों में कहर बरपाया है। 6 मई तक 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। शनिवार को रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई, वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में ओले गिरे। इस बदलाव से तापमान में 4-5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। किसानों पर दोहरी मार: फसलें चौपट, बिजली सेवा ठप तेज आंधी और ओलों ने रबी फसलों, फल-सब्जियों और खासकर आम के उत्पादन को भारी नुकसान पहुंचाया है। भिलाई में पपीते, केले और चीकू की 500 एकड़ खेती बर्बाद हो गई। धमधा क्षेत्र के धौराभाठा गांव में 500 एकड़ पर ऑर्गेनिक खेती करने वाले किसान राजेश पुनिया ने बताया कि करीब 70-80 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बिजली आपूर्ति भी प्रभावित तेज अंधड़ से इलेक्ट्रिक पोल और तार टूटने के कारण रायपुर, भिलाई समेत कई जिलों में बिजली आपूर्ति ठप रही। पावर कंपनी की टीम ने युद्धस्तर पर काम करते हुए शुक्रवार शाम तक 80% व्यवस्था बहाल कर दी थी, जबकि शेष शिकायतों का निपटारा देर रात तक जारी रहा। खेतों से बाजार तक असर बदला मौसम क्यों? मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के ऊपर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय है, वहीं हरियाणा से केरल तक ट्रफ लाइन बनने से छत्तीसगढ़ में अचानक मौसम बदला है। आगे क्या? राहत भी, गर्मी भी मौसम विभाग ने बताया कि अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा। हालांकि गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी, जिससे थोड़ी राहत महसूस की जा सकती है। https://deshharpal.com/ पर बने रहें, हम आपको पल-पल की सटीक खबर सबसे पहले देंगे।
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KR लॉ कॉलेज में NSUI का हंगामा:बिलासपुर में एनवल फंक्शन में स्टेज पर चढ़कर दी धमकी, अभद्रता व धमकी देने का भी आरोप

बिलासपुर। कौशलेंद्र राव (KR) लॉ कॉलेज में आयोजित वार्षिकोत्सव और पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान NSUI नेताओं ने जमकर हंगामा मचाया। आरोप है कि नेताओं ने छात्राओं से अभद्रता, मंच से माइक छीनने और कार्यक्रम बंद कराने की धमकी तक दी। डिप्टी सीएम के आने से ठीक पहले हुई इस घटना से माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना को लेकर छात्र-छात्राओं ने एसपी से शिकायत कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप छात्रा नेहा तिवारी और अंजूलता साहू ने बताया कि 28 अप्रैल को कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा था। तभी NSUI के जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह, लोकेश नायक, शुभम जायसवाल सहित कई पदाधिकारी पहुंचे और मंच पर चढ़कर कार्यक्रम में बाधा डालने लगे। उन्होंने कार्यक्रम प्रस्तुत कर रही छात्राओं से दुर्व्यवहार किया और माइक छीनकर धमकी भी दी। सम्मान न मिलने पर भड़के NSUI पदाधिकारी छात्रों के अनुसार, NSUI नेताओं ने अपना नाम मंच से पुकारे जाने की मांग की थी। उन्होंने एक पर्ची के माध्यम से मंच संचालन कर रहे छात्र-छात्राओं को अपने नामों के साथ अन्य पदाधिकारियों के नाम मंच पर बुलाने को कहा। जब ऐसा नहीं हुआ, तो NSUI जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह ने गुस्से में मंच पर चढ़कर हंगामा शुरू कर दिया। डिप्टी सीएम के आने से पहले ही माहौल बिगड़ा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम अरुण साव के आगमन से ठीक पहले ही NSUI नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। मंच संचालन कर रहे छात्रों से माइक छीनने और मारपीट की धमकी देने की बात सामने आई है। छात्राओं का कहना है कि खराब तबीयत और मौसम के कारण वे तुरंत शिकायत नहीं कर सकीं, लेकिन अब सभी एकजुट होकर न्याय की मांग कर रहे हैं। पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप जानकारी के अनुसार, NSUI जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह पर पहले भी श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल, तोरवा के प्रबंधन ने वसूली और स्कूल बंद कराने की धमकी का आरोप लगाया था। उस मामले में भी लिखित शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। https://deshharpal.com/आपके साथ – छात्रों की आवाज़, सच्चाई की पहचान।
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गोलीबारी के बाद मची अफरातफरी…इंजीनियर ने बताई आंखो देखी:बिलासपुर निगम के CE बोले-जवान के गोली मारने की फैली अफवाह, बंद कर दी गई दुकानें, कर्फ्यू सा नजारा

“पहलगाम आतंकी हमला: पर्यटकों में मची अफरातफरी, बिलासपुर से गए अधिकारी बोले- ‘हम उसी जगह जाने वाले थे'” जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले के दौरान मची अफरातफरी का ज़िक्र करते हुए बिलासपुर नगर निगम के चीफ इंजीनियर राजकुमार मिश्रा ने DeshHarpal को बताया कि उनका परिवार भी उसी वक्त वहां मौजूद था — और जहां हमला हुआ, वहीं जाने की उनकी योजना थी। “हम सब पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन कुछ पल डराने वाले थे” — राजकुमार मिश्रा राजकुमार मिश्रा, जो श्रीनगर में ट्रेनिंग के सिलसिले में गए थे, 21 अप्रैल की रात अपने परिवार के साथ पहलगाम पहुंचे थे। उनके साथ स्मार्ट सिटी मैनेजर एसपी साहू, उनकी पत्नी रितु साहू और मिश्रा जी की पत्नी मंजू मिश्रा, बेटियां खुशी और ख्याति मिश्रा भी थीं। हमले से पहले तक सब सामान्य था, फिर पल में बदला माहौल मिश्रा ने बताया कि पहलगाम में 22 अप्रैल को बैसरन जाने की उनकी योजना थी — और दुर्भाग्य से वही इलाका हमले की चपेट में आया। उन्होंने कहा: “हम जैसे ही निकलने की सोच रहे थे, तभी हमला हुआ। सेना ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सभी रास्ते बंद कर दिए और हमें होटल में रोक लिया गया।” अफवाह, अफरातफरी और अचानक पसरा सन्नाटा हमले के तुरंत बाद पहले अफवाह फैली कि किसी स्थानीय को सेना ने गोली मार दी है, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया। देखते ही देखते सभी दुकानें बंद हो गईं और कर्फ्यू जैसा माहौल बन गया। “चारों तरफ अफरातफरी थी। पर्यटक अपने होटल लौटने की जल्दी में थे। सेना हर कोने पर तैनात थी।” – मिश्रा सुरक्षित वापसी की तैयारी में मिश्रा परिवार मिश्रा ने बताया कि होटल स्टाफ और सुरक्षाबलों ने उनके परिवार की पूरी मदद की। सभी सुरक्षित हैं और अब बिलासपुर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि पहलगाम के खूबसूरत नज़ारे अब डर और चिंता की यादों से जुड़ गए हैं। https://deshharpal.com/DeshHarpal की विशेष रिपोर्ट: एक बार फिर आतंक ने कश्मीर की वादियों को दहला दिया है। जहां एक तरफ देश आतंक के खिलाफ खड़ा है, वहीं दूसरी तरफ पर्यटक और आम लोग हर पल सुरक्षा के भरोसे जी रहे हैं।
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इवनिंग वॉक पर निकले बुजुर्ग के हाथ से मोबाइल छीना:पुलिस ने दो दिन बाद दर्ज की FIR, आरोपी फरार

भोपाल में बुज़ुर्ग से मोबाइल झपट कर भागे बाइक सवार बदमाश, सीसीटीवी में तलाश रही पुलिस भोपाल के पिपलानी इलाके से एक और चौंकाने वाला झपटमारी का मामला सामने आया है। इवनिंग वॉक पर निकले 71 वर्षीय बुज़ुर्ग सुदर्शन शर्मा का मोबाइल बाइक सवार तीन बदमाश झपटकर फरार हो गए। यह घटना 20 अप्रैल की शाम करीब 6:30 बजे छत्रसाल नगर के पास की है, लेकिन एफआईआर मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात दर्ज की गई। बुज़ुर्ग का दर्द — “चलते-चलते झपट लिया और भाग निकले” सुदर्शन शर्मा, जो भवानी धाम कॉलोनी के निवासी हैं, हर दिन की तरह उस शाम भी टहलने निकले थे। तभी अचानक एक बाइक पर तीन युवक उनके करीब आए और उनके हाथ से मोबाइल छीनकर भाग निकले। बुज़ुर्ग कुछ समझ पाते, उससे पहले आरोपी गायब हो चुके थे। झपटमार अब भी फ़रार, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज पिपलानी थाना पुलिस बुज़ुर्ग ने मोबाइल की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आस-पास के सीसीटीवी कैमरों की मदद से बदमाशों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में सक्रिय पुराने अपराधियों से पूछताछ की जा रही है ताकि कोई सुराग हाथ लगे। थानेदार बोले: “हम लगातार निगरानी कर रहे हैं। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ़्तार किया जाएगा।” DeshHarpal की अपील भोपालवासियों से अनुरोध है कि बाहर निकलते वक्त सतर्क रहें, खासकर बुज़ुर्गों के साथ। झपटमार बेखौफ घूम रहे हैं और अब आम जनता की सुरक्षा सवालों के घेरे में है।
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West Bengal Riots, Murshidabad Violence

West Bengal Riots: मुर्शिदाबाद से मालदा तक बेघर हुए हिंदू परिवार, ममता सरकार पर उठे गंभीर सवाल”

(Desh Harpal l विशेष रिपोर्ट): West Bengal Riots, Murshidabad Violence, Hindu Refugees, Detention Camp Allegations West Bengal के Murshidabad जिले में दंगों के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि सैकड़ों Hindu Families को जान बचाकर Malda के शरणार्थी शिविरों में पनाह लेनी पड़ी। पर अफसोस की बात यह रही कि जिस सरकार से उन्हें सुरक्षा की उम्मीद थी, उसी के तंत्र ने उन्हें ‘डिटेंशन कैंप’ जैसे माहौल में कैद कर दिया। Murshidabad Riots के दौरान, बड़ी संख्या में दंगाई भीड़ ने हिंदू घरों और दुकानों को निशाना बनाया। जब ये लोग जान बचाकर Malda पहुंचे, तो उन्हें सरकारी कैंपों में रखा गया—जहां उनके साथ मानवीय व्यवहार की जगह उन्हें धमकियों और निगरानी का सामना करना पड़ा। Refugees ने State Human Rights Commission, Mahila Aayog और यहां तक कि राज्यपाल तक को अपनी पीड़ा सुनाई। सबसे चौंकाने वाला हिस्सा ये रहा कि जब मीडिया इस मुद्दे को रिपोर्ट करने पहुंचा, तो उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। IPS Officer Faisal Raza ने कोर्ट के किसी कथित आदेश का हवाला देकर मीडिया कवरेज पर रोक लगाई, लेकिन जब उनसे आदेश दिखाने की मांग की गई तो वो टालमटोल और धमकियों पर उतर आए। BJP Leader Suvendu Adhikari ने इन शिविरों को ‘Detention Camps’ बताया और कहा, “सरकार ने इन शरणार्थियों को संवेदनशील क्षेत्र में राहत देने की बजाय जेल जैसा ट्रीटमेंट दिया है। करीब 400 लोग अपने घर छोड़कर यहां आए हैं और अब उन्हें कैद की तरह रखा जा रहा है।” Congress ने भी राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की। इस बीच सबसे गंभीर सवाल यह है कि – मिडिया की टीम ने जब इन कैंपों की जमीनी सच्चाई जानने की कोशिश की, तो कई स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्हें Forced Silence में रखा गया है। न मीडिया से बात करने की अनुमति है, न ही बाहर किसी को बुलाने की। ये हालात न सिर्फ एक राज्य की विफलता को दिखाते हैं, बल्कि ये भी दर्शाते हैं कि भारत में अपने ही देश में कुछ नागरिक खुद को Refugee जैसा महसूस कर रहे हैं। Note: यह मामला सिर्फ कानून-व्यवस्था का नहीं बल्कि मानवता का भी है। देश को इस पर ध्यान देने की सख्त ज़रूरत है। (पांचजन्य से साभार)
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Bhopal

भोपाल के एक युवा ने ChatGPT से यह सवाल किया कि “यदि भोपाल पर अंग्रेजों का कब्जा नहीं होता और नवाबों का ही शासन होता तो भोपाल कैसा दिखता?”

भोपाल, 15 अप्रैल | देश हरपल ब्यूरो भोपाल के एक युवा द्वारा की गई एक साधारण सी कल्पना आधारित पूछताछ अब चर्चा का विषय बन चुकी है। कुछ दिन पहले इस युवा ने दुनिया के सबसे लोकप्रिय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल ChatGPT से यह सवाल किया कि “यदि भोपाल पर अंग्रेजों का कब्जा नहीं होता और नवाबों का ही शासन बना रहता तो भोपाल कैसा दिखता?” इस सवाल के जवाब में AI ने एक काल्पनिक छवि तैयार की, जिसमें भोपाल को पूरी तरह एक इस्लामिक राजशाही प्रभाव वाले शहर की तरह दिखाया गया है। तस्वीर में ऊँची-ऊँची मीनारें, विशाल गुम्बद वाली मस्जिदें, मुग़ल शैली की इमारतें और हरियाली लिए हरे रंग के गुंबद प्रमुख रूप से दिखाई दे रहे हैं। हालांकि AI द्वारा बनाई गई यह तस्वीर कल्पनाशीलता पर आधारित है, लेकिन इसमें भोपाल की विविध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का अभाव महसूस किया गया। शहर के कई नागरिकों और इतिहास के जानकारों का कहना है कि भोपाल की पहचान केवल नवाबी शासन या मुग़ल वास्तुकला तक सीमित नहीं रही है। भोपाल की वास्तुकला में जहाँ एक ओर ताज-उल-मस्जिद जैसी ऐतिहासिक मस्जिदें हैं, वहीं भारत भवन, भीम बेटका की गुफाएं और आदिवासी संस्कृति की छाप भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। मुद्दा उठता है — क्या AI जैसे प्लेटफॉर्म भारत जैसे सांस्कृतिक रूप से विविध देश की पूरी तस्वीर पेश करने में सक्षम हैं? टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों का मानना है कि AI अपने उत्तरों को प्रशिक्षित डेटा और एल्गोरिदम के आधार पर बनाता है, जिसमें कभी-कभी एकपक्षीय छवि उभर सकती है। ऐसे में यूज़र्स को भी यह समझना होगा कि AI द्वारा दी गई तस्वीरें या जवाब कल्पना आधारित हो सकते हैं, और उनका ऐतिहासिक या सामाजिक संतुलन जरूरी नहीं। देश हरपल इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में विशेषज्ञों, इतिहासकारों और तकनीकी विशेषज्ञों की राय के साथ एक विस्तृत चर्चा प्रकाशित करेगा।
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Shiv Sena

Shiv Sena UBT Crisis: उद्धव ठाकरे गुट में बड़ी टूट, 9 में से 6 सांसद बागी

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी तूफान देखने को मिल रहा है। Shiv Sena (UBT) खेमे में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी के 9 में से 6 सांसदों के बागी होने की खबर ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। यह घटनाक्रम सीधे तौर पर Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाले गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं। संजय राउत का तीखा रिएक्शन, प्रेस कॉन्फ्रेंस में बढ़ा तनाव इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता Sanjay Raut ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहद कड़ा रुख अपनाया। बताया जा रहा है कि इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और राउत ने बगावत को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनकी यह प्रतिक्रिया सोशल और राजनीतिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि वे हमेशा से उद्धव गुट के सबसे मुखर चेहरों में रहे हैं। चार साल पहले भी टूटी थी शिवसेना, शिंदे ने किया था बड़ा विद्रोह यह पहली बार नहीं है जब शिवसेना में इतनी बड़ी टूट देखने को मिली हो। लगभग 4 साल पहले Eknath Shinde के नेतृत्व में 39 विधायकों ने अलग होकर राजनीतिक समीकरण बदल दिए थे। उस समय हुई बगावत के बाद महाराष्ट्र की सत्ता में बड़ा बदलाव आया था और शिवसेना दो गुटों में बंट गई थी। उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ा संकट ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर उद्धव ठाकरे गुट की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 9 में से 6 सांसदों के अलग होने की खबरों से पार्टी संगठन कमजोर होता दिख रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह बगावत आगे बढ़ती है, तो इसका असर आने वाले चुनावी समीकरणों पर भी साफ दिखाई दे सकता है। महाराष्ट्र पॉलिटिक्स में बढ़ी हलचल महाराष्ट्र की राजनीति पहले से ही अस्थिर दौर से गुजर रही है और इस नई टूट ने इसे और ज्यादा गर्मा दिया है। लगातार बदलते गठबंधन और अंदरूनी मतभेदों के बीच यह घटनाक्रम राज्य की सियासत में नए सवाल खड़े कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि उद्धव ठाकरे इस राजनीतिक संकट को कैसे संभालते हैं और पार्टी को एकजुट रखने में कितने सफल होते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sonu Nigam

Sonu Nigam Injury गर्दन की समस्या के चलते मुश्किल में सिंगर, रेस्ट की सलाह

मशहूर सिंगर Sonu Nigam की तबीयत को लेकर इन दिनों चिंता बढ़ गई है। जानकारी के मुताबिक, उन्हें पिछले कुछ समय से गर्दन में लगातार दर्द और भारीपन महसूस हो रहा था, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया। जांच के बाद सामने आया कि उनकी गर्दन की नसों पर दबाव (nerve compression) की स्थिति बन गई है। इसी वजह से डॉक्टरों ने तुरंत MRI और CT स्कैन कराने की सलाह दी। रिपोर्ट आने के बाद फिलहाल उन्हें आराम करने और मेडिकल निगरानी में रहने को कहा गया है। क्या है पूरा मामला? रिपोर्ट्स के अनुसार, सोनू निगम को: खुद भी महसूस कर रहे हैं परेशानी सूत्रों के मुताबिक, सोनू निगम ने भी माना है कि इस दर्द की वजह से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के कारण उनका कॉन्फिडेंस भी थोड़ा कम महसूस हो रहा है और वह इस दर्द से जूझ रहे हैं। काम पर असर पड़ने की आशंका इस हेल्थ इश्यू की वजह से उनके आने वाले कुछ प्रोग्राम्स और रिहर्सल्स पर असर पड़ सकता है। हालांकि अभी तक उनकी टीम की तरफ से किसी शो के कैंसिल या पोस्टपोन होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फैंस कर रहे हैं जल्द ठीक होने की दुआ जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर फैंस काफी चिंतित नजर आए। लोग लगातार उनके गाने, आवाज और संगीत में दिए योगदान को याद करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Shiv Sena

₹50-50 Crore Offer Claim: Shiv Sena UBT Split Row से सियासी हलचल तेज, Delhi तक पहुंचा मामला

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भारी हलचल देखने को मिल रही है। Shiv Sena (UBT) को लेकर दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद बगावत के रास्ते पर चले गए हैं। इस खबर ने न सिर्फ मुंबई बल्कि दिल्ली की सियासत को भी गर्मा दिया है। बागी सांसदों की स्पीकर से मुलाकात की संभावना हालांकि अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, बागी सांसद आज लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर सकते हैं, जिसके बाद इस पूरे मामले की दिशा तय हो सकती है। Sanjay Raut का बड़ा आरोप: ₹50-50 करोड़ का ऑफर इस बीच शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Sanjay Raut ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी पार्टी के सांसदों को तोड़ने के लिए ₹50-50 करोड़ रुपये तक का ऑफर दिया गया है। राउत ने यह भी दावा किया कि कुछ सांसदों को चार्टर्ड विमान से दिल्ली लाया गया, जिससे राजनीतिक माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है। Uddhav Thackeray खेमे में चिंता पार्टी प्रमुख Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाले गुट में इस कथित टूट को लेकर चिंता गहराती जा रही है। पार्टी का कहना है कि यह सब एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसका मकसद संगठन को कमजोर करना है। Delhi और Maharashtra दोनों जगह नजरें टिकी दिल्ली और महाराष्ट्र दोनों जगह इस मामले पर नजरें टिकी हुई हैं, खासकर लोकसभा स्पीकर के अगले कदम पर सभी की निगाहें हैं। अगर यह मामला आगे बढ़ता है तो संसद में भी शिवसेना (UBT) की स्थिति पर बड़ा असर पड़ सकता है। राजनीतिक असर और भविष्य की तस्वीर राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये दावे सही साबित होते हैं, तो महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसका असर आने वाले चुनावी समीकरणों और विपक्षी गठबंधन पर भी पड़ सकता है। स्थिति अभी अनिश्चित फिलहाल स्थिति पूरी तरह अनिश्चित बनी हुई है और सभी पक्षों के आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
Monsoon

Monsoon Update पश्चिमी तट पर अटका मानसून, Mumbai Rain में 7–8 दिन की देरी

देश में इस समय मानसून (Monsoon) की रफ्तार उम्मीद से काफी धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक मानसून सिस्टम अभी पश्चिमी तट पर ही अटका हुआ है और आगे बढ़ने में लगातार देरी हो रही है। इसका सीधा असर यह है कि मुंबई समेत कई बड़े शहरों में बारिश की एंट्री अब 7–8 दिन बाद तक टल सकती है। देश में बारिश की स्थिति: कई इलाके अब भी सूखे IMD के अनुसार फिलहाल देश के करीब 103 जिलों में ही सामान्य बारिश दर्ज की जा रही है। बाकी क्षेत्रों में मानसून कमजोर पड़ा हुआ है, जिससे कई राज्यों में गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। किसान भी बारिश की अनियमितता को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। Mumbai Monsoon Update: बारिश का इंतजार बढ़ा देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मानसून की पहली तेज बारिश का इंतजार लंबा होता जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वायुमंडलीय परिस्थितियां अनुकूल नहीं होतीं, तब तक मानसून का आगे बढ़ना मुश्किल रहेगा। इसी वजह से मुंबई में बारिश की शुरुआत में लगभग एक हफ्ते की देरी संभव है। Rajasthan Weather Alert: 23 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट राजस्थान में मौसम ने फिर से करवट ली है। राज्य के 23 जिलों में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। Monsoon Slowdown India: क्यों अटका है मानसून? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार मानसून की धीमी गति के पीछे कुछ मुख्य कारण हैं— इन्हीं वजहों से मानसून पश्चिमी तट पर अटका हुआ है और आगे बढ़ने में समय ले रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
2027 Election

2027 Election Chessboard: OBC और Brahmin वोट बैंक को लेकर BSP-SP की नई रणनीति

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 चुनाव (2027 Election) भले अभी दूर हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी चुनावी रणनीतियों पर काम शुरू कर दिया है। राज्य की दो प्रमुख विपक्षी पार्टियां—बहुजन समाज पार्टी (BSP) और समाजवादी पार्टी (SP)—अपने सामाजिक आधार को मजबूत करने में जुटी हुई हैं। एक तरफ मायावती OBC वोटरों को साधने की कोशिश कर रही हैं, तो दूसरी ओर अखिलेश यादव ब्राह्मण समाज के नेताओं के साथ लगातार संपर्क बढ़ा रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे आने वाले चुनावों की शुरुआती तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों दल अपने पारंपरिक वोट बैंक से आगे बढ़कर नए सामाजिक समीकरण बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। OBC वोट बैंक पर BSP की नजर बहुजन समाज पार्टी लंबे समय से दलित राजनीति की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती रही है। हालांकि पिछले कुछ चुनावों में पार्टी का जनाधार कमजोर हुआ है। ऐसे में मायावती अब पिछड़ा वर्ग यानी OBC समुदाय को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में दिखाई दे रही हैं। पार्टी संगठन स्तर पर विभिन्न जिलों में बैठकों और कार्यक्रमों के जरिए OBC समाज तक पहुंच बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। BSP नेताओं का मानना है कि यदि दलित और पिछड़ा वर्ग एक साथ आते हैं तो पार्टी फिर से मजबूत स्थिति में लौट सकती है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में OBC मतदाता किसी भी चुनाव का परिणाम बदलने की क्षमता रखते हैं। यही वजह है कि BSP इस वर्ग पर विशेष ध्यान दे रही है। ब्राह्मण समाज को साधने में जुटी SP समाजवादी पार्टी भी आगामी चुनावों को लेकर अपनी रणनीति को नया रूप दे रही है। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लगातार विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों और ब्राह्मण नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। SP का मानना है कि केवल पारंपरिक यादव और मुस्लिम वोट बैंक के सहारे सत्ता तक पहुंचना आसान नहीं होगा। इसलिए पार्टी अब ब्राह्मण समाज सहित अन्य वर्गों के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ब्राह्मण समुदाय उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाता है। ऐसे में इस वर्ग के साथ बढ़ता संवाद समाजवादी पार्टी के लिए भविष्य में फायदेमंद साबित हो सकता है। BJP के सामाजिक समीकरण को चुनौती देने की तैयारी उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी पिछले कई वर्षों से मजबूत सामाजिक गठबंधन के दम पर चुनाव जीतती रही है। पार्टी को सवर्ण, गैर-यादव OBC और कई अन्य वर्गों का व्यापक समर्थन मिला है। अब विपक्षी दल इसी सामाजिक समीकरण में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। BSP जहां OBC और दलित वर्ग को एक मंच पर लाने की रणनीति बना रही है, वहीं SP ब्राह्मणों समेत विभिन्न समुदायों को साथ जोड़ने का प्रयास कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये रणनीतियां जमीन पर असर दिखाती हैं तो 2027 का चुनाव पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा दिलचस्प हो सकता है। 2027 की चुनावी बिसात धीरे-धीरे हो रही तैयार उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय और सामाजिक समीकरण हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। यही कारण है कि चुनाव से काफी पहले ही राजनीतिक दल अपने-अपने वोट बैंक को मजबूत करने में जुट गए हैं। मायावती का OBC फोकस और अखिलेश यादव की ब्राह्मण नेताओं के साथ बढ़ती सक्रियता यह संकेत दे रही है कि 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सियासी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। आने वाले महीनों में प्रदेश की राजनीति में ऐसे कई नए समीकरण और गठबंधन देखने को मिल सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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