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जबलपुर में नौकरानी से मारपीट और ठगी: नशा देकर 6.30 लाख निकाले, CCTV में कैद हुई क्रूरता

मध्यप्रदेश के जबलपुर से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नौकरानी के साथ न सिर्फ बेरहमी से मारपीट की गई, बल्कि साजिश रचकर उसके बैंक खाते से लाखों रुपये भी निकाल लिए गए। घटना आधारताल थाना क्षेत्र की है। पीड़िता पूनम बर्मन ने एएसपी सूर्यकांत शर्मा को शिकायत के साथ CCTV फुटेज भी सौंपे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मालकिन अंजू पांडे उसे थप्पड़ मार रही है और बाल पकड़कर जमीन पर घसीट रही है। नशा देकर चेक पर साइन करवाए, खाते से निकाले पैसे जानकारी के मुताबिक पूनम, अंजू पांडे के घर काम करती थी। आरोप है कि उसे नशे की गोलियां खिलाकर जबरन चेक पर साइन करवाए गए। इसके बाद उसे कार में बैठाकर बैंक ले जाया गया और खाते से पैसे निकलवा लिए गए। जब पूनम को होश आया और उसने विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई। खाते में थे 6.30 लाख रुपए, सब निकाल लिए पीड़िता की बहन हीरा बाई ने बताया कि पूनम के बैंक खाते में करीब 6 लाख 30 हजार रुपए थे, जिन्हें आरोपी ने निकलवा लिया। इतना ही नहीं, उसकी पूरी कमाई और बैंक से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी अपने पास रख लिए गए। “पैसे देने से मना किया तो पीटा” पूनम ने बताया कि वह कई महीनों से काम कर रही थी। अचानक उसकी मालकिन ने पैसों की मांग शुरू कर दी। जब उसने मना किया, तो उसके साथ मारपीट की गई और पूरी साजिश के तहत उसके खाते से पैसे निकलवा लिए गए। पुलिस को सौंपी शिकायत, जांच जारी बुधवार को पूनम अपनी बहनों के साथ एसपी कार्यालय पहुंची और पूरे मामले की शिकायत की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज और शिकायत के आधार पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। शिवपुरी में भी शर्मनाक घटना इसी तरह का एक और मामला शिवपुरी से सामने आया है, जहां एक बस कंडक्टर ने महिला यात्री को सड़क पर फेंक दिया। महिला का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने ज्यादा किराया देने से इनकार किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कंडक्टर ने महिला के साथ मारपीट की और गालियां दीं। इस दौरान पास खड़ा उसका मासूम बच्चा अपनी मां को छोड़ने की गुहार लगाता रहा, लेकिन कंडक्टर का दिल नहीं पसीजा। 👉 ऐसी ही सच्ची और जमीनी खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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पहलगाम हमले को 1 साल: इंदौर के नथानियल परिवार का दर्द आज भी जिंदा, ‘जन्नत’ की यात्रा बनी जिंदगी का सबसे बड़ा घाव

22 अप्रैल 2025… यह वो तारीख है, जिसे इंदौर का नथानियल परिवार शायद कभी नहीं भूल पाएगा। कश्मीर की खूबसूरत वादियों में सुकून तलाशने निकले इस परिवार की जिंदगी उसी दिन बिखर गई थी। पहलगाम में हुए आतंकी हमले को आज एक साल पूरा हो गया है, लेकिन उस दिन की चीखें आज भी इस परिवार के दिलों में गूंजती हैं। घाटी में बहा खून वक्त के साथ भले ही मिट गया हो, लेकिन इंदौर के सुशील नथानियल के घर में आज भी उस दर्द की गूंज सुनाई देती है। यह हमला सिर्फ एक घटना नहीं था, बल्कि एक बेटे के सपनों और एक पत्नी की पूरी दुनिया को खत्म कर देने वाला हादसा था। “अगर मैंने घुड़सवारी की जिद न की होती…” सुशील के बेटे ऑस्टिन आज भी उस दिन को याद कर कांप उठते हैं। वे बताते हैं,“पापा का सपना था कि वे इंदौर आकर मुझे विदेश पढ़ने भेजेंगे। सब कुछ तय था… लेकिन उस दिन अगर मैंने घुड़सवारी की जिद न की होती, तो शायद मैं पापा के साथ होता… और शायद कहानी कुछ और होती।” ऑस्टिन की आंखों में आज भी उस दिन की तस्वीरें किसी डरावने सपने की तरह घूमती हैं। दूसरों की जान बचाते हुए खुद शहीद हो गए परिवार और चश्मदीदों के मुताबिक, जब हमला हुआ तो सुशील खुद बचने के बजाय वहां फंसे लोगों को निकालने में जुट गए। यही उनका स्वभाव था—दूसरों की मदद करना। ऑस्टिन बताते हैं कि पापा उन्हें फोन करने वाले थे, लेकिन पास खड़े एक व्यक्ति ने मना किया कि फोन की आवाज आतंकियों को आकर्षित कर सकती है।सुशील ने कई लोगों को सुरक्षित निकाल दिया, लेकिन जब उनकी बारी आई, तो आतंकियों की गोली ने उनके सपनों को खत्म कर दिया। एक साल बाद भी नहीं भरे जख्म सुशील की पत्नी जेनिफर आज भी उस सदमे से बाहर नहीं आ पाई हैं। उनकी आंखों के आंसू अब तक नहीं सूखे हैं।घर का माहौल आज भी खामोश है, और हर छोटी आवाज उन्हें उस दिन की गोलियों की याद दिला देती है। अब बेटे ऑस्टिन के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी अपने करियर से ज्यादा अपनी मां को संभालने की है। अधूरे रह गए सपने परिवार के मुताबिक, सुशील हमेशा कहते थे कि इंदौर में सुकून से रहेंगे और बेटे को अच्छी पढ़ाई दिलाएंगे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।जिस कश्मीर को वे सुकून की तलाश में गए थे, वहीं से उनकी लाश वापस लौटी। आज एक साल बाद भी यह परिवार सिर्फ इंसाफ का इंतजार कर रहा है। परिवार के बारे में ऐसे बना था कश्मीर ट्रिप का प्लान ऑस्टिन ने बताया कि पहले कहीं और जाने का प्लान था, लेकिन पापा के काम के चलते तारीखें नहीं मिल पा रही थीं।फिर तय हुआ कि ईस्टर सूरत में मनाया जाएगा और वहीं से घूमने जाएंगे। इंदौर से सूरत पहुंचकर परिवार ने दो दिन साथ बिताए और फिर कश्मीर जाने का प्लान बना।सूरत से वे चंडीगढ़ पहुंचे, शॉपिंग की और फिर कश्मीर के लिए रवाना हुए। पूरा परिवार इस ट्रिप को लेकर बेहद उत्साहित था।ऑस्टिन ने इस यात्रा के हर पल को फोटो और वीडियो में कैद किया था—लेकिन उन्हें क्या पता था कि ये यादें जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द बन जाएंगी। 👉 देश-विदेश की ऐसी ही संवेदनशील और सच्ची खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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MP में BJP विधायक बनाम IPS विवाद: प्रीतम लोधी के बयान पर बवाल, IPS एसोसिएशन ने की कार्रवाई की मांग

मध्यप्रदेश में बीजेपी विधायक Pritam Singh Lodhi के एक बयान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने करैरा के एसडीओपी Ayush Jakhad पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके बाद Madhya Pradesh IPS Association ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ‘भाषा अमर्यादित और निंदनीय’ आईपीएस एसोसिएशन ने प्रेस नोट जारी कर विधायक की भाषा को अमर्यादित और निंदनीय बताया। संगठन का कहना है कि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह की टिप्पणी न केवल अनुचित है, बल्कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों के मनोबल पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। अध्यक्ष ने जताई नाराजगी एसोसिएशन के अध्यक्ष Chanchal Shekhar ने कहा कि वायरल वीडियो में जिस तरह की अभद्र और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया है, वह सार्वजनिक जीवन की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने इसे बेहद गंभीर मामला बताया। अधिकारी और परिवार पर टिप्पणी एसोसिएशन के अनुसार, वीडियो में नए नियुक्त पुलिस अधिकारी और उनके परिवार के प्रति भी अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। इसे जनप्रतिनिधि के पद की मर्यादा के विपरीत बताते हुए संगठन ने कहा कि ऐसे व्यवहार से पूरे प्रशासनिक तंत्र पर असर पड़ता है। ‘धमकीपूर्ण व्यवहार स्वीकार्य नहीं’ एसोसिएशन ने साफ कहा कि जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी भाषा और आचरण में संयम रखें। इस तरह की धमकीपूर्ण भाषा किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार नहीं की जा सकती। कार्रवाई की मांग Madhya Pradesh IPS Association ने विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही यह भी कहा कि यह घटना ऐसे दिन सामने आई है, जब Civil Services Day मनाया जा रहा है, जो और भी दुर्भाग्यपूर्ण है। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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बिलासपुर में अनोखा विरोध:फाइलके लिए सालभर चक्कर काटने पर युवक बादाम लेकर पहुंचा ऑफिस, 2 अफसर अटैच

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सरकारी लापरवाही के खिलाफ एक अनोखा विरोध सामने आया है। फ्लैट नामांतरण की फाइल एक साल तक पेंडिंग रहने से नाराज युवक बादाम लेकर ऑफिस पहुंच गया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए 2 अधिकारियों को मुख्यालय अटैच कर दिया है। एक साल तक फाइल रही पेंडिंग जानकारी के मुताबिक, तरुण साहू ने 17 मार्च 2025 को फ्लैट नाम ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था। 11 नवंबर 2025 को प्रक्रिया पूरी होने के बाद पत्र भी जारी कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद फाइल उन्हें नहीं दी गई।इस दौरान युवक को करीब एक साल तक बार-बार ऑफिस के चक्कर लगाने पड़े। बादाम देकर जताया विरोध फाइल नहीं मिलने से परेशान युवक शुक्रवार को हाउसिंग बोर्ड ऑफिस आधा किलो बादाम लेकर पहुंचा। उसने स्टेट मैनेजर की टेबल पर बादाम रखते हुए कहा—“इसे खाइए, याददाश्त बढ़ेगी। जब याद आ जाए कि मेरी फाइल कहां है, तो बता दीजिए।”इस अनोखे विरोध का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। 2 अधिकारियों पर कार्रवाई मामले को गंभीर मानते हुए गृह निर्माण मंडल ने जांच कराई। लापरवाही सामने आने पर संपदा अधिकारी-कार्यपालन अभियंता एलपी बंजारे और संपदा प्रबंधक पूनम बंजारे को तत्काल प्रभाव से नवा रायपुर मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। विभाग के आयुक्त ने कहा है कि आम लोगों के काम में देरी और लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महिला अधिकारी ने लगाए आरोप वीडियो वायरल होने के बाद हाउसिंग बोर्ड की एक महिला अधिकारी सहित अन्य कर्मचारी एसपी ऑफिस पहुंचे। उन्होंने युवक पर जातिगत गाली देने जैसे गंभीर आरोप लगाए और कार्रवाई की मांग की। हालांकि, अभी तक इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर बढ़ा विवाद इस मामले को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। महिला अधिकारी का कहना है कि उन्हें बिना पक्ष सुने कार्रवाई की गई, जबकि युवक ने वीडियो जारी कर आरोपों को गलत बताया है। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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रायपुर नगर निगम में बड़ा घोटाला! 100 एकड़ जमीन की फाइल गायब, 4 अधिकारी सस्पेंड

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगर निगम से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। ज़ोन-10 अमलीडीह ऑफिस से करीब 100 एकड़ जमीन से जुड़ी अहम फाइल गायब हो गई है। इस मामले में निगम कमिश्नर विश्वदीप की जांच के बाद 4 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। बिना मंजूरी भेजा गया प्रस्ताव जांच में सामने आया कि सड़क निर्माण से जुड़ा प्रस्ताव बिना कमिश्नर की अनुमति के ही आगे भेज दिया गया। नियमों के मुताबिक, इस तरह की मंजूरी का अधिकार केवल आयुक्त के पास होता है, लेकिन जोन स्तर से ही फाइल टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TNC) को भेज दी गई। नक्शे और जमीन में बड़ा फर्क 13 अप्रैल 2026 को जांच टीम ने मौके का निरीक्षण किया। इसमें पाया गया कि प्रस्तावित नक्शा और जमीन की वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है। कई मकान नक्शे में नहीं दिखाए गए, जबकि सड़कों की चौड़ाई और प्लॉट के आकार भी गलत दर्शाए गए। अवैध प्लॉटिंग पर नहीं हुई कार्रवाई जांच में यह भी सामने आया कि इलाके में लंबे समय से अवैध प्लॉटिंग हो रही थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा, उसी क्षेत्र को प्रस्ताव में शामिल कर मंजूरी के लिए भेज दिया गया। 69 जमीनों की फाइलें गायब सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले से जुड़ी 69 जमीनों की फाइलें गायब हैं। इनमें रजिस्ट्री दस्तावेज और पुराने रिकॉर्ड शामिल हैं। अधिकारियों के हस्ताक्षर होने के बावजूद फाइलों का गायब होना जांच समिति ने संदिग्ध माना है। साजिश और कूटरचना की आशंका जांच रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि पहले गलत प्रस्ताव तैयार किया गया, फिर बिना अनुमति उसे आगे बढ़ाया गया और जब मामला खुला तो फाइलें गायब कर दी गईं। इसे योजनाबद्ध साजिश और कूटरचना का मामला माना जा रहा है। EOW जांच की मांग पूर्व मेयर एजाज ढेबर ने इस मामले को नगर निगम के इतिहास की सबसे बड़ी लापरवाही बताया है। उन्होंने कहा कि इसमें 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का खेल हो सकता है और इसकी जांच EOW (आर्थिक अपराध शाखा) से कराई जानी चाहिए। अधिकारियों पर गंभीर आरोप नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने बिल्डर्स को फायदा पहुंचाने के लिए यह पूरा खेल किया है। उन्होंने स्वतंत्र जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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सागर में शादी के विवाद में खूनी झगड़ा: पति-पत्नी और बेटा गिरफ्तार, दुल्हन और मां पर हमला

मध्यप्रदेश के सागर जिले में शादी के दौरान हुआ विवाद अचानक हिंसक हो गया। विनायका थाना पुलिस ने इस मामले में पति-पत्नी और उनके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। शादी के दौरान हुआ विवाद पुलिस के अनुसार, 19 अप्रैल को ग्राम डिलोना निवासी प्यारी बाई (45) ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी राखी की शादी थी। बारात के आगमन स्थल को लेकर गांव के ही परमू बंसल, उनकी पत्नी पूनाबाई और बेटे रामेश्वर बंसल से विवाद हो गया। गालीगलौज से शुरू होकर हमले तक पहुंचा मामला शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने पहले गालीगलौज शुरू की। जब इसका विरोध किया गया, तो रामेश्वर बंसल ने लोहे के धारदार हथियार (बका) से हमला कर दिया। इस हमले में प्यारी बाई के सिर और हाथ में चोट आई, जबकि उनकी बेटी के गले में गंभीर चोट लगी। घटना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला, लेकिन तब तक तीनों आरोपी मौके से फरार हो चुके थे। भागने की फिराक में था आरोपी पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए टीम बनाई। मुख्य आरोपी रामेश्वर बंसल को उल्दन बेसली के यात्री प्रतीक्षालय से गिरफ्तार किया गया, जहां वह बस का इंतजार कर रहा था। वहीं, परमू बंसल और पूनाबाई को गांव के पास से पकड़ा गया। पुलिस की कार्रवाई विनायका थाना प्रभारी भूपेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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भोपाल में लेंसकार्ट शोरूम के बाहर प्रदर्शन: ड्रेस कोड विवाद पर बढ़ा बवाल

भोपाल के न्यू मार्केट रोशनपुरा में मंगलवार को लेंसकार्ट शोरूम के बाहर हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शोरूम के कर्मचारियों को तिलक लगाया, मंत्रोच्चार किया और कलावा बांधा। इस दौरान “सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” जैसे नारे भी लगाए गए। बहिष्कार की चेतावनी हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि संगठन लेंसकार्ट के बहिष्कार की अपील कर रहा है। उनका कहना है कि भारत में तिलक, कलावा और बिंदी जैसे धार्मिक प्रतीकों का सम्मान होना चाहिए। यदि किसी कंपनी ने इन पर रोक लगाने की कोशिश की, तो इसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भले ही कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने माफी मांगी हो, लेकिन संगठन इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है। “अगर हमने कंपनी को आगे बढ़ाया है, तो जरूरत पड़ने पर नीचे भी ला सकते हैं,” उन्होंने चेतावनी दी। संत समिति ने भी जताई आपत्ति मध्य प्रदेश संत समिति के अध्यक्ष महाराज अनिल आनंद ने कहा कि कथित गाइडलाइन में महिलाओं को सिंदूर और कलावा पहनने से रोकने की बात सामने आई है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि भारत में सनातन परंपराओं का सम्मान होना चाहिए और किसी भी कंपनी को धार्मिक प्रतीकों पर रोक लगाने का अधिकार नहीं है। कर्मचारियों ने किया खंडन विवाद के बीच शोरूम के कर्मचारी मनीष भमारे ने कहा कि उन्हें कभी तिलक या कलावा पहनने से नहीं रोका गया। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के दौरान भी वे तिलक और कलावा लगाकर काम पर आए थे। उनके मुताबिक कंपनी की ओर से ऐसी कोई पाबंदी नहीं है। सोशल मीडिया से शुरू हुआ विवाद यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट से शुरू हुआ। इसमें दावा किया गया था कि कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से रोका गया है, जबकि हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई है। इस मुद्दे को एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य ने X (ट्विटर) पर उठाया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया और लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कंपनी की सफाई विवाद बढ़ने के बाद कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने कहा कि लेंसकार्ट सभी धर्मों का सम्मान करता है और कर्मचारियों को अपने धार्मिक प्रतीक पहनने की पूरी आजादी है। हालांकि, विरोध कर रहे संगठन इस सफाई से संतुष्ट नहीं हैं और आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। 👉 अधिक जानकारी और ताज़ा अपडेट के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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Love Jihad Debate: नासिक से भोपाल तक बढ़ते केस, सच्चाई क्या है?

संपादकीय भारत में “लव जिहाद” बहस तेज—नासिक, भोपाल समेत कई शहरों में सामने आए मामलों का विश्लेषण। क्या कहते हैं कानून, आंकड़े और विशेषज्ञ? पढ़ें पूरा संपादकीय। भारत में पिछले कुछ वर्षों में “लव जिहाद” को लेकर बहस लगातार तेज होती जा रही है। नासिक, परतवाड़ा, अकोला और भोपाल जैसे शहरों से सामने आए मामलों ने इस मुद्दे को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। सवाल यह है कि क्या ये घटनाएं अलग-अलग आपराधिक मामले हैं, या इसके पीछे कोई बड़ा पैटर्न है? क्या कहते हैं कानून और सरकार? सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि “लव जिहाद” शब्द भारतीय कानून में परिभाषित नहीं है। केंद्र सरकार ने संसद में कई बार स्पष्ट किया है कि इस नाम से कोई अलग अपराध श्रेणी नहीं है। हालांकि, कई राज्यों ने जबरन या धोखे से धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए कानून बनाए हैं: इन कानूनों के लागू होने के बाद दर्ज मामलों में कुछ वृद्धि देखी गई है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बढ़ती जागरूकता और रिपोर्टिंग का असर भी हो सकता है। आंकड़े क्या बताते हैं? यानी, आंकड़े मिश्रित तस्वीर दिखाते हैं—कुछ मामले वास्तविक अपराध के हैं, तो कुछ व्यक्तिगत विवाद या सहमति वाले रिश्तों के। हाईली एजुकेटेड लड़कियां क्यों बनती हैं टारगेट? यह सबसे बड़ा सवाल है। आम धारणा के विपरीत, शिक्षा हमेशा भावनात्मक निर्णयों को नहीं रोकती। विशेषज्ञों के अनुसार: ये सभी कारण किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकते हैं—चाहे वह कितना भी शिक्षित क्यों न हो। क्या हर इंटरफेथ शादी संदिग्ध है? बिल्कुल नहीं। भारत में हजारों अंतर-धार्मिक शादियां हर साल होती हैं, जिनमें से अधिकांश पूरी तरह सहमति और वैध प्रक्रिया के तहत होती हैं। समस्या तब शुरू होती है जब: यहीं पर कानून हस्तक्षेप करता है। क्या यह केवल एक समुदाय का मुद्दा है? इस तरह की घटनाओं को किसी एक धर्म से जोड़ना वास्तविकता को सरल बना देना होगा पर यह भी उतना ही बड़ा सच हैं की अधिकांश घटनाओ में मुस्लिम युवा इसमें संलिप्त पाये गए हैं । दुनिया भर में “रोमांस स्कैम”, “ऑनलाइन ग्रूमिंग” और “इमोशनल एक्सप्लॉइटेशन” के मामले बढ़ रहे हैं—और यह हर समाज में मौजूद समस्या है। समाज और संगठनों की भूमिका “लव जिहाद” की बहस भावनात्मक जरूर है, लेकिन इसका समाधान केवल भावनाओं से नहीं निकलेगा। जरूरत है: हर अंतर-धार्मिक रिश्ते को शक की नजर से देखना गलत है, लेकिन वास्तविक अपराधों को नजरअंदाज करना भी उतना ही खतरनाक हैl
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PM मोदी आज रात 8:30 बजे करेंगे देश को संबोधित, महिला आरक्षण बिल पर कर सकते हैं बात

प्रधानमंत्री Narendra Modi आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। इस संबोधन का विषय फिलहाल आधिकारिक रूप से घोषित नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि वे संसद में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल के पास न हो पाने पर अपनी बात रख सकते हैं। यह संबोधन लाइव प्रसारित किया जाएगा। लोकसभा में नहीं पास हो सका बड़ा बिल शुक्रवार को केंद्र सरकार लोकसभा में संविधान का 131वां संशोधन बिल पेश किया था, जिसमें संसद की सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव था। इस पर करीब 21 घंटे चर्चा के बाद वोटिंग हुई। कुल 528 सांसदों ने मतदान किया, जिसमें: हालांकि, बिल पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोट जरूरी थे। इस तरह यह बिल 54 वोट से गिर गया। 12 साल में पहली बार सरकार को झटका मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में यह पहला मौका है, जब कोई सरकारी बिल लोकसभा में पास नहीं हो पाया। इससे महिला आरक्षण कानून के लागू होने में भी देरी तय मानी जा रही है। अब यह 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले लागू होना मुश्किल है। दो अन्य बिलों पर वोटिंग नहीं हुई सरकार ने दो अन्य अहम बिलों पर वोटिंग ही नहीं कराई: संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने कहा कि ये दोनों बिल पहले वाले बिल से जुड़े हुए हैं, इसलिए अलग से वोटिंग की जरूरत नहीं है। 24 साल बाद संसद में सरकारी बिल गिरा यह 2002 के Prevention of Terrorism Act 2002 के बाद पहला मौका है, जब संसद में कोई सरकारी विधेयक गिरा है। वहीं, 1990 के बाद पहली बार कोई संविधान संशोधन बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका। महिला आरक्षण और परिसीमन का कनेक्शन महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होनी हैं। लेकिन इसके लागू होने से पहले परिसीमन जरूरी है। परिसीमन का मतलब है जनसंख्या के आधार पर सीटों की संख्या और सीमाओं का निर्धारण। इसके बाद ही यह तय होगा कि किन सीटों पर आरक्षण लागू होगा। अब माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया 2034 तक ही पूरी हो पाएगी। PM मोदी के बड़े संबोधन (पहले भी अहम घोषणाएं) 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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बिलासपुर में युवक ने बीच सड़क खुद को लगाई आग, 80% तक झुलसा; CCTV वीडियो सामने आया

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवक ने बीच सड़क पर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली, जिससे वह करीब 80% तक झुलस गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल के बर्न और ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना यह मामला बिल्हा थाना क्षेत्र का है। घटना का CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक पहले पेट्रोल पंप से डिब्बे में पेट्रोल खरीदता नजर आता है। इसके बाद वह बाइक से सड़क पर पहुंचता है और अचानक बीच रास्ते में रुककर अपने ऊपर पेट्रोल डालकर माचिस जला देता है। आग लगते ही युवक चीखते-चिल्लाते हुए करीब 20 मीटर तक दौड़ा और फिर सड़क पर गिरकर लोटने लगा। लोगों ने बचाई जान घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत साहस दिखाते हुए आग बुझाई और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। 108 एंबुलेंस की मदद से युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। युवक ने बताया हादसा, पुलिस को शक पुलिस को दिए बयान में युवक ने इसे हादसा बताया है, लेकिन CCTV फुटेज में वह खुद आग लगाते हुए दिखाई दे रहा है। ऐसे में पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। क्या है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, ग्राम पौशरी निवासी मनजीत जायसवाल (28) ने शुक्रवार दोपहर करीब 2:33 बजे पेट्रोल पंप से पेट्रोल खरीदा। इसके बाद वह अपनी बुलेट से कुछ दूरी तक गया और सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर खुद को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान उसकी बाइक भी जलकर खाक हो गई। हालत गंभीर, जांच जारी पहले युवक को CMC अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे बर्न और ट्रॉमा सेंटर में शिफ्ट किया गया। उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह के मुताबिक, युवक ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com Portal के साथ।
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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