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जबलपुर नहर हादसा: 3 बहनों की दर्दनाक मौत, 12 घंटे बाद मिला शीतल का शव; भोपाल में होने वाली थी शादी

मध्यप्रदेश के जबलपुर से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। बरगी नहर में डूबने से तीन बहनों की मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। 12 घंटे बाद मिला शीतल का शव तीनों में सबसे बड़ी शीतल पटेल (23) का शव घटना के करीब 12 घंटे बाद गुरुवार रात लगभग 11 बजे घटनास्थल से कुछ दूरी पर मिला। वहीं सानिया पटेल (14) और सृष्टि पटेल (17) के शव हादसे के चार घंटे के भीतर ही बरामद कर लिए गए थे। एक ही परिवार की थीं तीनों यह हादसा बरगी थाना क्षेत्र के सालीवाड़ा गांव में हुआ। तीनों लड़कियां रिश्ते में मामा-बुआ की बेटियां थीं और शादी समारोह में शामिल होने आई थीं। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार दोपहर शहर के दो अलग-अलग श्मशान घाटों पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। चार महीने बाद थी शीतल की शादी शीतल के पिता संतोष पटेल, जो जबलपुर मेडिकल कॉलेज में गार्ड हैं, ने बताया कि शीतल ने फार्मेसी की पढ़ाई पूरी कर ली थी और चार महीने बाद उसकी शादी भोपाल में होने वाली थी।वहीं सृष्टि ने 12वीं अच्छे नंबरों से पास की थी और डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी। रील बनाते समय हुआ हादसा गुरुवार सुबह करीब 11 बजे पांच लड़कियां—शीतल, सानिया, सृष्टि, तनु और निहारिका—नहर पर नहाने गई थीं।बताया जा रहा है कि सृष्टि पानी में थी, जबकि बाकी लड़कियां किनारे पर मोबाइल से रील बना रही थीं। इसी दौरान पैर फिसलने से चार लड़कियां तेज बहाव में बह गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का तेज बहाव इतना ज्यादा था कि तीन लड़कियां बहकर दूर चली गईं। एक लड़की को किसी तरह बचा लिया गया। गांव में पसरा मातम शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। जिस घर में कुछ ही घंटों पहले हंसी-खुशी का माहौल था, वहां अब सिर्फ सन्नाटा और आंसू हैं। 👉 ऐसी ही ताजा और भरोसेमंद खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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खंडवा में किसानों का अनोखा विरोध: सरकार की निकाली ‘अर्थी’, सैटेलाइट सर्वे और खरीदी व्यवस्था पर उठाए सवाल

मध्यप्रदेश के खंडवा में किसानों का गुस्सा अब सड़कों पर खुलकर नजर आने लगा है। संयुक्त कृषक संगठन के बैनर तले किसानों ने सरकार के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन करते हुए ‘सरकार की अर्थी’ निकाल दी। यह अर्थी यात्रा शहर की पुरानी अनाज मंडी से शुरू होकर राजा हरिश्चंद्र मुक्तिधाम तक पहुंची, जहां किसानों ने प्रतीकात्मक रूप से अर्थी फेंककर अपना विरोध जताया। इस प्रदर्शन में करीब 300 किसान शामिल हुए। सैटेलाइट सर्वे बना किसानों की परेशानी किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा खेतों की सैटेलाइट से निगरानी में भारी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। संगठन के प्रवक्ता जय पटेल के मुताबिक, “खेत में गेहूं खड़ा है, नरवाई भी दिख रही है, लेकिन सैटेलाइट रिपोर्ट में फसल ही नहीं दिखा रहा। ऐसे में किसानों का स्लॉट बुक नहीं हो पा रहा।” उन्होंने आरोप लगाया कि इस तकनीकी खामी के कारण किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने से वंचित हो रहे हैं। खरीदी व्यवस्था पर भी सवाल किसानों ने सरकार के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि गेहूं का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। किसानों के अनुसार, जिले में अभी तक 5% खरीदी भी नहीं हो पाई है। स्लॉट बुकिंग न होने के कारण किसान मजबूरी में अपनी फसल कम दाम पर मंडी में बेचने को मजबूर हैं। गलत जुर्माने का आरोप किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में खेत में आग शॉर्ट सर्किट से लगती है, लेकिन सैटेलाइट सर्वे इसे नरवाई जलाना बताकर भारी जुर्माना वसूल लिया जाता है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है। 100 गांवों के किसान हुए शामिल इस विरोध प्रदर्शन में करीब 100 गांवों के 300 किसान शामिल हुए। कई किसान शादी-ब्याह जैसे पारिवारिक कार्यक्रम छोड़कर इस ‘अंतिम यात्रा’ में पहुंचे। करीब दो घंटे तक तेज धूप में किसानों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। किसानों का कहना है कि जब तक सैटेलाइट सर्वे की खामियां दूर नहीं होतीं और खरीदी व्यवस्था सुधरती नहीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। ऐसी ही जमीनी और किसानों से जुड़ी हर खबर के लिए जुड़े रहें —www.deshharpal.com
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रायपुर में पानी टंकी पर बवाल: 22 करोड़ का टेंडर जारी, जमीन पर ही फंसा मामला

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगर निगम और महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच जमीन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामला नेताजी सुभाष चंद्र बोस वार्ड-31 का है, जहां नई पानी टंकी के लिए 22 करोड़ रुपए का टेंडर तो जारी कर दिया गया, लेकिन जिस जमीन पर निर्माण होना है, उसी पर अब विवाद शुरू हो गया है। बिना NOC जारी हुआ टेंडर जानकारी के मुताबिक, नगर निगम ने संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लिए बिना ही टेंडर जारी कर दिया। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग का दावा है कि प्रस्तावित जमीन उनके अधिकार क्षेत्र में आती है। ऐसे में अब पूरे प्रोजेक्ट पर अनिश्चितता के हालात बन गए हैं। पानी के लिए तरस रहा वार्ड जोन-3 के इस वार्ड में पिछले कई दिनों से भीषण जल संकट बना हुआ है। करीब 30-35 से ज्यादा पानी के पाइंट सूख चुके हैं और लोगों को टैंकर के सहारे पानी मिल रहा है। लगभग 15 हजार वर्गफीट जमीन पर टंकी बनाई जानी थी, लेकिन जमीन स्पष्ट न होने के कारण काम अटक गया है। भूमि पूजन से पहले ही बढ़ा विवाद नगर निगम की ओर से भूमि पूजन की तैयारी भी शुरू कर दी गई थी। एक दिन पहले तक साफ-सफाई कराई गई, लेकिन तभी महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और जमीन पर अपना दावा ठोक दिया। इसके बाद मामला और उलझ गया। निगम की कार्यशैली पर सवाल नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “टेंडर जारी करने से पहले क्या जांच नहीं की गई? संबंधित विभाग से NOC लेना जरूरी नहीं था?” उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम पहले टेंडर जारी करता है और बाद में जमीन तलाशता है, जिससे आम जनता को परेशान होना पड़ता है। महापौर का भरोसा—जल्द होगा समाधान वहीं महापौर मीनल चौबे ने कहा कि मामले को सुलझाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग से बातचीत जारी है और जल्द ही NOC मिल जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि टंकी का निर्माण जल्द शुरू कराया जाएगा ताकि लोगों को पानी की समस्या से राहत मिल सके। फिलहाल जमीन विवाद के कारण टंकी निर्माण में देरी तय मानी जा रही है, जिससे वार्डवासियों को पानी संकट से राहत मिलने में और इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसी ही जमीनी और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें —www.deshharpal.com
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उज्जैन में बड़ा हादसा टला: WhatsApp स्टेटस लगाकर पति-पत्नी ने की आत्महत्या की कोशिश, पुलिस ने बचाई जान

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में गुरुवार रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां एक दंपती ने व्हाट्सएप स्टेटस लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। हालांकि, समय रहते पुलिस की तत्परता से दोनों की जान बचा ली गई। पारिवारिक विवाद से थे परेशान जानकारी के मुताबिक, घट्टिया थाना क्षेत्र के नजरपुर निवासी पति-पत्नी लंबे समय से पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से जूझ रहे थे। परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या जैसा खतरनाक कदम उठाने का फैसला किया। आत्महत्या से पहले पति ने व्हाट्सएप स्टेटस पर परिवार से परेशान होने की बात लिखी और इसमें मां-बाप समेत 12 लोगों के नाम का जिक्र किया। WhatsApp स्टेटस से अलर्ट हुई पुलिस स्टेटस की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी करण खोवाल तुरंत एक्शन में आए और पुलिस टीम को मौके पर भेजा। जब टीम नजरपुर स्थित घर पहुंची, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। खिड़की से देखने पर पता चला कि पति-पत्नी फंदे पर झूल रहे हैं। दरवाजा तोड़कर बचाई गई जान थाना प्रभारी ने बाहर से बातचीत कर दोनों का ध्यान भटकाया, जबकि टीम को दूसरे रास्ते से अंदर घुसने का इशारा किया गया। इसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर दोनों को तुरंत फंदे से नीचे उतार लिया। उस समय दोनों की सांसें चल रही थीं, जिसके बाद उन्हें तुरंत शासकीय अस्पताल घट्टिया में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद अब दोनों खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। दूसरी शादी बना विवाद की वजह पुलिस जांच में सामने आया है कि युवक की दूसरी शादी को लेकर उसके पिता नाराज थे और उसे घर से बेदखल कर दिया था। इसी कारण लंबे समय से परिवार में विवाद चल रहा था। युवक को पहली पत्नी से दो बच्चे हैं, जबकि दूसरी पत्नी से कोई संतान नहीं है। पारिवारिक तनाव के चलते ही दंपती ने यह कदम उठाया। पुलिस की सूझबूझ से बचीं दो जिंदगियां थाना प्रभारी करण खोवाल ने दोनों को समझाइश दी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। इस पूरी कार्रवाई में उपनिरीक्षक अलकेश डांगे और प्रधान आरक्षक राजेंद्र राठौर की अहम भूमिका रही। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और दो जिंदगियां बच सकीं। ऐसी ही जमीनी और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें —www.deshharpal.com
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MP में किसान ब्याज के जाल में फंसे: गेहूं नहीं बिका, लेकिन बढ़ता गया कर्ज का बोझ

मध्यप्रदेश में सहकारिता विभाग के नियम और गेहूं खरीदी की तारीखों के बीच फंसे किसान अब भारी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि जो किसान समय पर अपना कर्ज चुकाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें भी तकनीकी खामियों और नियमों के कारण अतिरिक्त ब्याज का बोझ उठाना पड़ रहा है। भोपाल में कांग्रेस सेवादल के सत्याग्रह में शामिल बैरसिया के ललोई गांव के किसान ओमप्रकाश शर्मा की कहानी इस समस्या की सच्चाई सामने लाती है। 15 दिन में 5 हजार से 12 हजार बना ब्याज ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि उन्होंने ललोई सहकारी समिति से 2 लाख रुपए का किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन लिया था। उन्हें कुल 2 लाख 5 हजार रुपए चुकाने थे, जिसमें से 5 हजार रुपए पहले से ही सोसाइटी में जमा थे। उन्होंने 2 तारीख को 2 लाख 300 रुपए का चेक जमा किया, जो 24 तारीख को खाते में क्लियर भी हो गया। इसके बावजूद उन पर ब्याज लगा दिया गया। ओमप्रकाश के मुताबिक, “मेरी सिर्फ इतनी गलती थी कि मैं 5 हजार रुपए का वाउचर नहीं भर पाया, जबकि पैसे पहले से जमा थे। इसके बावजूद सोसाइटी ने उसी रकम पर 12,194 रुपए का ब्याज लगा दिया। सिर्फ 15 दिनों में इतना बड़ा ब्याज वसूल लिया गया।” गेहूं नहीं बिका, फिर कैसे चुकाएं कर्ज? ओमप्रकाश ने कहा कि किसानों की आय का मुख्य जरिया खेती है। जब तक फसल नहीं बिकती, तब तक कर्ज चुकाना संभव नहीं होता। उन्होंने सवाल उठाया, “सरकार ने 31 मार्च को कर्ज चुकाने की आखिरी तारीख तय कर दी, लेकिन गेहूं की खरीदी 9 अप्रैल से शुरू हुई। ऐसे में किसान पैसे कहां से लाएं?” आधे किसान बने डिफॉल्टर किसानों का कहना है कि मजबूरी में उन्होंने दूसरों से उधार लेकर कर्ज चुकाया, लेकिन समय पर गेहूं की खरीदी न होने के कारण प्रदेश के करीब 50% किसान डिफॉल्टर हो गए। एक तरफ फसल की खरीदी में देरी और दूसरी तरफ ब्याज का दबाव—इन दोनों के बीच किसान पूरी तरह पिसता नजर आ रहा है। अपडेट के लिए पढ़ते रहें —www.deshharpal.com
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बिलासपुर में भीषण आग: माचिस गोदाम में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, लाखों का सामान जलकर खाक

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के व्यापार विहार इलाके में गुरुवार सुबह बड़ा अग्निकांड हो गया। यहां एक माचिस गोदाम में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई, जिसमें लाखों रुपये का माचिस और अन्य सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया। सुबह 4 बजे लगी आग, मची अफरा-तफरी बताया जा रहा है कि आग सुबह करीब 4 बजे लगी। देखते ही देखते आग ने गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही नगर निगम और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। दीवार तोड़कर बुझाई गई आग नगर निगम के अपर आयुक्त खजांची कुम्हार के अनुसार, आग पर काबू पाने के लिए गोदाम की दीवार तोड़नी पड़ी। दूसरी मंजिल तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं था, इसलिए एक्सीवेटर और स्काई लिफ्ट की मदद से दीवार तोड़कर आग बुझाई गई। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। लाखों का नुकसान, बाल-बाल बची बड़ी घटना इस आगजनी में गोदाम में रखा माचिस और पान मसाला का सामान जल गया। हालांकि, समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे आसपास की दुकानों तक आग फैलने से रोका जा सका। व्यापारियों को दी गई चेतावनी डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट दीपांशु नाथ ने बताया कि आग अब पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने व्यापार विहार व्यापारी संघ के अध्यक्ष नानक खंडूजा से चर्चा कर सभी दुकानदारों को अग्निशमन उपकरण लगाने की सलाह दी है। साथ ही उन्होंने सभी व्यावसायिक और गैर-व्यावसायिक संस्थानों से नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) के अनुसार फायर एक्सटिंग्विशर लगाने और अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र लेने की अपील की है। यह घटना एक बार फिर सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल खड़े करती है। 👉 ऐसी ही ताज़ा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें DeshHarPal के साथ।अधिक जानकारी के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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Sabarimala

ओंकारेश्वर में श्रद्धालु से चोरी: होटल के कमरे से 2.82 लाख के सोने के कंगन गायब, 3 महीने बाद दर्ज हुई FIR

मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में एक चौंकाने वाली चोरी की घटना सामने आई है। यहां एमपी टूरिज्म के होटल टेंपल व्यू में ठहरी बेंगलुरु की महिला श्रद्धालु के कमरे से करीब 2.82 लाख रुपए कीमत के दो सोने के कंगन चोरी हो गए। मंदिर दर्शन के दौरान हुई चोरी जानकारी के मुताबिक, कर्नाटक के बेंगलुरु की रहने वाली अंजली रौत अपने परिवार के साथ 7 फरवरी को ओंकारेश्वर आई थीं। उन्होंने एमपी टूरिज्म के होटल में कमरा नंबर 206 लिया था।8 फरवरी की सुबह करीब 10 बजे वे परिवार के साथ कमरे को लॉक कर मंदिर दर्शन के लिए गईं। उन्होंने अपने दोनों सोने के कंगन पर्स में रख दिए थे। लेकिन जब दोपहर करीब 12 बजे वापस लौटीं, तो पर्स से दोनों कंगन गायब थे। मदद न मिलने पर बेंगलुरु में दर्ज कराई FIR चोरी की जानकारी मिलने के बाद महिला ने होटल प्रबंधन और स्थानीय पुलिस से शिकायत की, लेकिन आरोप है कि उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिली। इसके बाद अंजली रौत बेंगलुरु लौट गईं और वहां पुलिस में जीरो FIR दर्ज कराई। कोर्ट के आदेश पर MP में दर्ज हुआ मामला बेंगलुरु कोर्ट के निर्देश पर केस डायरी मध्यप्रदेश भेजी गई। इसके बाद करीब साढ़े तीन महीने बाद, 22 अप्रैल को मांधाता पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस बोली- CCTV मिलना मुश्किल पुलिस का कहना है कि घटना को काफी समय बीत चुका है, इसलिए होटल के CCTV फुटेज मिलना मुश्किल हो सकता है। फिर भी पुलिस अब फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से मामले को सुलझाने की कोशिश कर रही है। इस घटना ने धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालु अब अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। 👉 ऐसी ही महत्वपूर्ण और अपडेट खबरों के लिए जुड़े रहें DeshHarPal के साथ।अधिक जानकारी के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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जबलपुर में दर्दनाक हादसा: नहर में डूबीं तीन नाबालिग लड़कियां, शादी की खुशियां मातम में बदली

जबलपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर बरगी थाना क्षेत्र के सालीबाड़ा गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। सुबह करीब 11 बजे नहर में नहाने उतरी पांच लड़कियों में से तीन गहरे पानी में डूब गईं। इस घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। मिली जानकारी के मुताबिक, सभी लड़कियां एक ही परिवार से जुड़ी थीं और गांव में चल रहे शादी समारोह में शामिल होने आई थीं। दो लड़कियां जबलपुर से आई थीं, जबकि बाकी पास के गांव की रहने वाली थीं। खुशियों के बीच ये हादसा परिवार के लिए बड़ी त्रासदी बन गया। घटना की सूचना मिलते ही बरगी थाना पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंच गई। करीब तीन घंटे से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन खबर लिखे जाने तक तीनों लड़कियों का कोई पता नहीं चल सका है। लापता लड़कियों की पहचान शीतल पटेल (16) निवासी कटियाघाट, तनु पटेल (14) और सानिया पटेल (14) के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नहर के पास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी ज्यादा गहरा होने और तेज बहाव के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है। शादी की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं। 👉 इस तरह की हर बड़ी और छोटी खबर के लिए जुड़े रहें DeshHarPal के साथ।अधिक जानकारी के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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बिलासपुर “बादाम कांड” के बाद नया विवाद: NOC के बदले पैसे मांगने का आरोप, वीडियो वायरल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में चर्चित “बादाम कांड” के बाद एक बार फिर हाउसिंग बोर्ड का दफ्तर सुर्खियों में है। इस बार वरिष्ठ सहायक पूनम बंजारे का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें उन पर NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के बदले पैसे मांगने का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, वीडियो में पूनम बंजारे खुद इन आरोपों से इनकार करती नजर आ रही हैं। वहीं, ऑफिस में बहस और हंगामा भी साफ दिखाई दे रहा है। फिलहाल इस मामले में किसी भी पक्ष ने आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। नामांतरण के लिए लोगों को काटने पड़ रहे चक्कर जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के ऑफिस में मकान और फ्लैट खरीदने के बाद नामांतरण (ट्रांसफर) के लिए लोगों को महीनों तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। नियमों के अनुसार आवेदन देने के बाद भी फाइलें लंबित रखी जा रही हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। एक महिला ने बताया कि उसने 17 मार्च 2025 को नामांतरण के लिए आवेदन किया था। 11 नवंबर 2025 को आदेश जारी होने के बाद भी उसे राहत नहीं मिली। वीडियो में क्या दिखा? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक महिला पूनम बंजारे पर NOC देने के बदले पैसे मांगने का आरोप लगा रही है। वहीं, पूनम बंजारे इन आरोपों से साफ इनकार करती दिखती हैं। वीडियो बनते देख वह नाराज हो जाती हैं और ऑफिस में हंगामा करती नजर आती हैं। अधिकारी बोले – शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई हाउसिंग बोर्ड के संपदा अधिकारी एसके शर्मा ने कहा कि उन्हें इस वायरल वीडियो की जानकारी नहीं है।उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में कोई शिकायत आती है, तो नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जाएगी। “बादाम कांड” से पहले ही चर्चा में था दफ्तर इससे पहले भी यही हाउसिंग बोर्ड ऑफिस “बादाम कांड” को लेकर चर्चा में आया था। दरअसल, एक युवक तरुण साहू ने नामांतरण के लिए आवेदन किया था। प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी उसकी फाइल उसे नहीं दी गई और वह महीनों तक ऑफिस के चक्कर लगाता रहा। आखिरकार परेशान होकर युवक आधा किलो बादाम लेकर ऑफिस पहुंचा और अधिकारियों की टेबल पर फेंकते हुए कहा—“इसे खाइए, याददाश्त बढ़ेगी… जब मेरी फाइल मिल जाए, तो बता दीजिए।” इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। 👉 ऐसी ही जमीनी और सच्ची खबरों के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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सागर में दिल्ली नंबर कार से अवैध शराब बरामद: हादसे के बाद खुला राज, एक गिरफ्तार, 3 फरार

मध्यप्रदेश के सागर जिले में गढ़ाकोटा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली नंबर की कार से अवैध शराब बरामद की है। खास बात यह है कि यह पूरा मामला एक सड़क हादसे के बाद सामने आया। पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात सूचना मिली थी कि चनौआ खुर्द के पास बरखेड़ा गौतम मार्ग पर एक क्षतिग्रस्त कार सड़क किनारे खड़ी है और उसका चालक अंदर फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। तलाशी में मिली 9 पेटी देशी शराब जब पुलिस ने कार की तलाशी ली, तो अंदर से 9 पेटी देशी शराब बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कार और शराब को जब्त कर लिया। पकड़े गए चालक ने अपना नाम जोगेंद्र पिता वीरसिंह राजपूत बताया है। हादसे ने खोल दी तस्करी की पोल पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने तीन साथियों के साथ सागर से गढ़ाकोटा की ओर शराब लेकर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे पूरी साजिश सामने आ गई। एक गिरफ्तार, 3 आरोपी फरार गढ़ाकोटा थाना प्रभारी शुभम दुबे ने बताया कि आरोपी जोगेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, उसके तीन साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। 👉 ऐसी ही ताजा और सटीक खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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