आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGबिज़नेसGold Silver Rate Today: चांदी ₹4,421 टूटी, सोना भी हुआ सस्ताBREAKINGमध्य प्रदेशमदनमहल रेलवे स्टेशन की लिफ्ट में फंसे यात्री, 50 मिनट बाद सुरक्षित निकाले गएBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़G7 Summit ट्रम्प-मेलोनी ने फ्रांस में की एंट्री, मोदी आज पहुंचेंगे Trump–Modi Meet पर दुनिया की नजरBREAKINGछत्तीसगढ़महिला पत्रकार के खिलाफ FIR और चार्जशीट रद्द, हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणीBREAKINGमध्य प्रदेशराम मंदिर दान राशि पर जयवर्धन सिंह का भाजपा पर हमला, बोले- आस्था के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिएBREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल में पत्रकार से चाकू की नोक पर लूट: बंधक बनाकर खातों में ट्रांसफर कराए 32 हजार रुपएBREAKINGप्रदेशJaipur Violence: CJP Chief Abhijeet Dipke पर हमला, RSS पर लगे गंभीर आरोप, मचा बवालBREAKINGदेश-हरपलMonsoon Update अरब सागर में अटका मानसून, MP में 5 दिन बाद बारिश के संकेतBREAKINGबिज़नेसGold Silver Rate Today: चांदी ₹4,421 टूटी, सोना भी हुआ सस्ताBREAKINGमध्य प्रदेशमदनमहल रेलवे स्टेशन की लिफ्ट में फंसे यात्री, 50 मिनट बाद सुरक्षित निकाले गएBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़G7 Summit ट्रम्प-मेलोनी ने फ्रांस में की एंट्री, मोदी आज पहुंचेंगे Trump–Modi Meet पर दुनिया की नजरBREAKINGछत्तीसगढ़महिला पत्रकार के खिलाफ FIR और चार्जशीट रद्द, हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणीBREAKINGमध्य प्रदेशराम मंदिर दान राशि पर जयवर्धन सिंह का भाजपा पर हमला, बोले- आस्था के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिएBREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल में पत्रकार से चाकू की नोक पर लूट: बंधक बनाकर खातों में ट्रांसफर कराए 32 हजार रुपएBREAKINGप्रदेशJaipur Violence: CJP Chief Abhijeet Dipke पर हमला, RSS पर लगे गंभीर आरोप, मचा बवालBREAKINGदेश-हरपलMonsoon Update अरब सागर में अटका मानसून, MP में 5 दिन बाद बारिश के संकेत

NE

News Elementor

MP में किसान ब्याज के जाल में फंसे: गेहूं नहीं बिका, लेकिन बढ़ता गया कर्ज का बोझ

Table of Content

मध्यप्रदेश में सहकारिता विभाग के नियम और गेहूं खरीदी की तारीखों के बीच फंसे किसान अब भारी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि जो किसान समय पर अपना कर्ज चुकाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें भी तकनीकी खामियों और नियमों के कारण अतिरिक्त ब्याज का बोझ उठाना पड़ रहा है।

भोपाल में कांग्रेस सेवादल के सत्याग्रह में शामिल बैरसिया के ललोई गांव के किसान ओमप्रकाश शर्मा की कहानी इस समस्या की सच्चाई सामने लाती है।

15 दिन में 5 हजार से 12 हजार बना ब्याज

ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि उन्होंने ललोई सहकारी समिति से 2 लाख रुपए का किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन लिया था। उन्हें कुल 2 लाख 5 हजार रुपए चुकाने थे, जिसमें से 5 हजार रुपए पहले से ही सोसाइटी में जमा थे।

उन्होंने 2 तारीख को 2 लाख 300 रुपए का चेक जमा किया, जो 24 तारीख को खाते में क्लियर भी हो गया। इसके बावजूद उन पर ब्याज लगा दिया गया।

ओमप्रकाश के मुताबिक, “मेरी सिर्फ इतनी गलती थी कि मैं 5 हजार रुपए का वाउचर नहीं भर पाया, जबकि पैसे पहले से जमा थे। इसके बावजूद सोसाइटी ने उसी रकम पर 12,194 रुपए का ब्याज लगा दिया। सिर्फ 15 दिनों में इतना बड़ा ब्याज वसूल लिया गया।”

गेहूं नहीं बिका, फिर कैसे चुकाएं कर्ज?

ओमप्रकाश ने कहा कि किसानों की आय का मुख्य जरिया खेती है। जब तक फसल नहीं बिकती, तब तक कर्ज चुकाना संभव नहीं होता।

उन्होंने सवाल उठाया, “सरकार ने 31 मार्च को कर्ज चुकाने की आखिरी तारीख तय कर दी, लेकिन गेहूं की खरीदी 9 अप्रैल से शुरू हुई। ऐसे में किसान पैसे कहां से लाएं?”

आधे किसान बने डिफॉल्टर

किसानों का कहना है कि मजबूरी में उन्होंने दूसरों से उधार लेकर कर्ज चुकाया, लेकिन समय पर गेहूं की खरीदी न होने के कारण प्रदेश के करीब 50% किसान डिफॉल्टर हो गए।

एक तरफ फसल की खरीदी में देरी और दूसरी तरफ ब्याज का दबाव—इन दोनों के बीच किसान पूरी तरह पिसता नजर आ रहा है।

अपडेट के लिए पढ़ते रहें —www.deshharpal.com

Muskan Negi

muskannegi1302@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

चांदी

Gold Silver Rate Today: चांदी ₹4,421 टूटी, सोना भी हुआ सस्ता

सोना और चांदी के बाजार में आज अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली है। लगातार बदलते ग्लोबल संकेतों के बीच कीमती धातुओं की कीमतें टूट गईं, जिससे आम निवेशकों से लेकर ज्वैलरी कारोबारियों तक सभी प्रभावित हुए हैं। बाजार में आज का दिन पूरी तरह “ड्रॉप” वाला रहा। चांदी में तेज गिरावट, ₹2.47 लाख के करीब पहुंची कीमत चांदी के दामों में आज भारी गिरावट दर्ज की गई। जानकारी के मुताबिक चांदी करीब ₹4,421 प्रति किलो सस्ती होकर लगभग ₹2.47 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई है। लगातार कमजोर मांग और अंतरराष्ट्रीय दबाव को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है। सोना भी टूटा, ₹552 की गिरावट सोने की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली। आज सोना करीब ₹552 सस्ता होकर लगभग ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। इससे शादी-ब्याह और ज्वैलरी खरीदने वाले ग्राहकों को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन निवेशकों के लिए यह नुकसान का संकेत माना जा रहा है। कैरेट के हिसाब से सोने के रेट आखिर क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के दाम? बाजार एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं: आगे क्या हो सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोना-चांदी के दामों में फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। अंतरराष्ट्रीय आर्थिक हालात और नीतिगत फैसले इस ट्रेंड को सीधे प्रभावित करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

मदनमहल रेलवे स्टेशन की लिफ्ट में फंसे यात्री, 50 मिनट बाद सुरक्षित निकाले गए

जबलपुर के तेजी से विकसित हो रहे मदनमहल रेलवे स्टेशन पर रविवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर लगी लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में बंद हो गई और उसमें सवार यात्री अंदर फंस गए। करीब 50 मिनट तक लिफ्ट में बंद रहे यात्रियों को गर्मी और घुटन का सामना करना पड़ा। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, रात में अमरकंटक एक्सप्रेस के स्टेशन पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में यात्री स्टेशन से बाहर निकलने के लिए लिफ्ट का उपयोग कर रहे थे। इसी दौरान करीब 15 यात्री अपने सामान के साथ लिफ्ट में सवार हो गए। क्षमता से अधिक भार होने के कारण लिफ्ट बीच रास्ते में रुक गई और लॉक हो गई। लिफ्ट बंद होते ही अंदर मौजूद यात्रियों में घबराहट फैल गई। बच्चों और महिलाओं के रोने-चिल्लाने की आवाजें बाहर तक सुनाई देने लगीं। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। मुख्य स्टेशन से बुलाना पड़ा विशेषज्ञ मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने लिफ्ट को चालू करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद मुख्य रेलवे स्टेशन से लिफ्ट विशेषज्ञ को बुलाया गया। तकनीकी सुधार के बाद करीब 50 मिनट बाद लिफ्ट को सुरक्षित नीचे लाया गया और सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया। ओवरलोडिंग बनी वजह रेलवे अधिकारियों के अनुसार, लिफ्ट में क्षमता से अधिक यात्री और भारी सामान होने के कारण तकनीकी समस्या आई। घटना रात करीब 9:40 बजे से 10:30 बजे के बीच की बताई जा रही है। यात्रियों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल घटना के बाद यात्रियों ने स्टेशन पर तकनीकी विशेषज्ञों की उपलब्धता और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि ऐसे व्यस्त रेलवे स्टेशन पर हर समय तकनीकी स्टाफ मौजूद रहना चाहिए ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि लिफ्ट का उपयोग करते समय निर्धारित क्षमता और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
G7 Summit

G7 Summit ट्रम्प-मेलोनी ने फ्रांस में की एंट्री, मोदी आज पहुंचेंगे Trump–Modi Meet पर दुनिया की नजर

फ्रांस के खूबसूरत शहर Evian-les-Bains में चल रहे G7 Summit 2026 में इस बार वैश्विक राजनीति का माहौल काफी गर्म है। दुनिया के कई बड़े नेता पहले ही फ्रांस पहुंच चुके हैं, जबकि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इस हाई-प्रोफाइल समिट में शामिल होने के लिए पहुंचेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी पहले ही फ्रांस में मौजूद हैं। इस बार का G7 सिर्फ एक मीटिंग नहीं, बल्कि आने वाले समय की वैश्विक नीतियों की दिशा तय करने वाला मंच माना जा रहा है। Trump–Modi Meeting: 16 महीने बाद हो सकती है अहम मुलाकात इस समिट की सबसे बड़ी चर्चा यही है कि प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प के बीच करीब 16 महीने बाद आमने-सामने मुलाकात हो सकती है। सूत्रों के अनुसार: यह मुलाकात सिर्फ कूटनीति नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार समीकरणों पर असर डाल सकती है। G7 Summit Agenda: किन मुद्दों पर होगी बड़ी चर्चा? इस साल G7 समिट में कई अहम वैश्विक मुद्दे शामिल किए गए हैं: इन मुद्दों पर बड़े फैसले आने की उम्मीद जताई जा रही है। फ्रांस की मेजबानी और हाई-लेवल डिप्लोमेसी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इस समिट की मेजबानी कर रहे हैं। उन्होंने दुनिया के प्रमुख नेताओं के लिए कई bilateral meetings की व्यवस्था की है ताकि अलग-अलग देशों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके। फ्रांस की कोशिश है कि इस समिट से: भारत के लिए क्यों खास है G7 Summit 2026? भारत की भागीदारी इस बार कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है:

महिला पत्रकार के खिलाफ FIR और चार्जशीट रद्द, हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महिला पत्रकार के खिलाफ दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को रद्द करते हुए कहा है कि बिना किसी ठोस कारण के जांच और चार्जशीट दाखिल करने में 6 साल से अधिक की देरी करना आरोपी को प्रताड़ित करने के समान है। अदालत ने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले त्वरित न्याय और शीघ्र सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन माना। यह फैसला रमेश सिन्हा और रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सुनाया। 2018 की घटना से जुड़ा मामला याचिकाकर्ता श्रिया पांडेय वर्ष 2018 में एक न्यूज चैनल में रिपोर्टर के रूप में कार्यरत थीं। उस दौरान पुलिसकर्मियों का आंदोलन चल रहा था। 20 जून 2018 को आंदोलनकारी पुलिसकर्मियों की पत्नियों को महिला थाने में बैठाए जाने की सूचना मिलने पर श्रिया अपनी टीम के साथ जानकारी लेने महिला थाना पहुंची थीं। पत्रकार पर दर्ज कर दिया गया था केस याचिका के अनुसार, जानकारी मांगने पर पुलिसकर्मियों ने सहयोग नहीं किया और बाद में श्रिया पांडेय के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर दिया गया था। हाईकोर्ट पहुंची पत्रकार पुलिस कार्रवाई को चुनौती देते हुए श्रिया पांडेय ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि घटना वर्ष 2018 की थी, जबकि पुलिस ने चार्जशीट नवंबर 2024 में पेश की। इस छह साल की देरी को लेकर पुलिस विभाग कोई संतोषजनक कारण नहीं बता सका। कोई स्वतंत्र गवाह नहीं मिला अदालत ने केस डायरी और चार्जशीट का अवलोकन करने के बाद कहा कि पूरा मामला केवल पुलिसकर्मियों और उनसे जुड़े गवाहों के बयानों पर आधारित था। घटनास्थल पर कोई स्वतंत्र गवाह मौजूद नहीं था। हाईकोर्ट ने यह भी पाया कि गवाहों के बयानों में कई विरोधाभास हैं और पत्रकार द्वारा अपराध किए जाने का कोई प्रत्यक्ष एवं ठोस साक्ष्य रिकॉर्ड पर नहीं है। कानून के दुरुपयोग पर अदालत की टिप्पणी डिवीजन बेंच ने कहा कि ऐसे मामले को आगे बढ़ाना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। इसलिए महिला पत्रकार के खिलाफ दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को निरस्त किया जाता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी आरोपी को अनिश्चितकाल तक मुकदमे की प्रक्रिया में उलझाकर रखना उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com

राम मंदिर दान राशि पर जयवर्धन सिंह का भाजपा पर हमला, बोले- आस्था के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पुत्र और मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने अयोध्या स्थित राम मंदिर के निर्माण के लिए जुटाई गई दान राशि को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और विश्वास के साथ योगदान दिया था, ऐसे में दान राशि को लेकर सामने आ रही खबरें गंभीर सवाल खड़े करती हैं। भाजपा सनातन धर्म की ठेकेदार नहीं जयवर्धन सिंह ने कहा कि भाजपा एक राजनीतिक दल है, जबकि सनातन धर्म हजारों वर्षों पुरानी परंपरा है। उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल स्वयं को सनातन धर्म का ठेकेदार नहीं बता सकता। सनातन धर्म करोड़ों लोगों की आस्था और जीवन शैली का हिस्सा है, किसी एक संगठन की संपत्ति नहीं। राम मंदिर निर्माण में सभी का योगदान पूर्व मंत्री ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर से लोगों ने अपनी श्रद्धा के अनुसार दान दिया था। उन्होंने दावा किया कि उनके परिवार ने भी मंदिर निर्माण में सहयोग राशि प्रदान की थी। उनके अनुसार यह मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इसके निर्माण में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी रही है। दान राशि को लेकर उठाए सवाल जयवर्धन सिंह ने कहा कि मंदिर निर्माण से जुड़ी दान राशि में कथित आर्थिक अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने मांग की कि यदि ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। प्राण-प्रतिष्ठा का किया उल्लेख उन्होंने कहा कि जिस मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में स्वयं नरेंद्र मोदी शामिल हुए थे और जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं जुड़ी हैं, वहां किसी भी प्रकार के वित्तीय विवाद या भ्रष्टाचार के आरोप गंभीर विषय हैं। ऐसे मामलों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। धर्म और राजनीति को अलग रखने की बात जयवर्धन सिंह ने कहा कि धर्म और राजनीति दो अलग-अलग विषय हैं। धार्मिक आस्था का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा भगवान राम और अयोध्या के नाम पर राजनीति कर रही है, जो उचित नहीं है। साधु-संतों को मिले संचालन की जिम्मेदारी पूर्व मंत्री ने कहा कि अयोध्या की धार्मिक परंपराओं से जुड़े पुराने साधु-संतों को मंदिर संचालन में प्रमुख भूमिका मिलनी चाहिए। उनका मानना है कि स्थानीय संत समाज और धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना आवश्यक है। अयोध्या के चुनाव परिणामों का भी किया जिक्र उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 का उल्लेख करते हुए कहा कि अयोध्या क्षेत्र में भाजपा को जिस प्रकार चुनावी नुकसान उठाना पड़ा, उसके पीछे स्थानीय स्तर पर असंतोष भी एक कारण माना जा सकता है। उनका दावा था कि कई संत और पुजारी मौजूदा व्यवस्थाओं से संतुष्ट नहीं थे। भाजपा की नीतियों पर निशाना अपने बयान में जयवर्धन सिंह ने भाजपा की कार्यप्रणाली और नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि धार्मिक संस्थाओं के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि लोगों की आस्था और विश्वास कायम रह सके। नोट: राम मंदिर दान राशि को लेकर लगाए गए आरोप जयवर्धन सिंह के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस विषय पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया आना बाकी है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.