मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। बरगी नहर में डूबी तीन बहनों में से शीतल पटेल (23) का शव घटना के करीब 12 घंटे बाद गुरुवार रात लगभग 11 बजे घटनास्थल से कुछ दूरी पर मिला। तीनों बहनों का शुक्रवार को पोस्टमार्टम किया गया, जबकि आज शहर के अलग-अलग श्मशान घाटों पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
इससे पहले सानिया पटेल (14) और सृष्टि पटेल (17) के शव घटना के करीब चार घंटे बाद ही बरामद कर लिए गए थे। हादसा बरगी नहर के पास सालीवाड़ा गांव में हुआ, जहां तीनों लड़कियां रिश्ते में मामा-बुआ की बहनें थीं।
चार महीने बाद होनी थी शादी
शीतल पटेल के पिता संतोष पटेल ने बताया कि उनकी बेटी ने फार्मेसी की पढ़ाई पूरी कर ली थी और चार महीने बाद उसकी शादी भोपाल में तय थी।
वहीं सृष्टि पटेल ने 12वीं अच्छे अंकों से पास की थी और डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी। संतोष पटेल जबलपुर मेडिकल कॉलेज में गार्ड के पद पर कार्यरत हैं। हादसे में उनकी साले की बेटियां सृष्टि और सानिया भी शामिल थीं।
रील बनाते समय हुआ हादसा
गुरुवार सुबह करीब 11 बजे पांच लड़कियां—शीतल, सानिया, सृष्टि, तनु और निहारिका—नहर पर नहाने गई थीं। इस दौरान कुछ लड़कियां किनारे पर मोबाइल से रील बना रही थीं, तभी अचानक पैर फिसलने से चार लड़कियां तेज बहाव में बह गईं।
मौके पर मौजूद एक सहेली ने किसी तरह एक लड़की को बचा लिया, लेकिन तीन लड़कियां पानी के तेज बहाव में दूर निकल गईं। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन बहाव इतना तेज था कि वे उन्हें पकड़ नहीं सके। इसके बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन चलाकर शव बरामद किए।

शादी में आई थीं, मातम में बदली खुशियां
बताया जा रहा है कि सभी लड़कियां गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने आई थीं। शादी की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं, जब नहर किनारे मस्ती और रील बनाते समय यह हादसा हो गया।
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