भोपाल में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सोमवार को तीन बड़े होटल-रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। टीम ने होटल रंजीत लेक व्यू, बापू की कुटिया और सागर गैरे रेस्टोरेंट की किचन और स्टोरेज व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अलग-अलग कमियां सामने आईं। टीम ने काली मिर्च और ग्रेवी समेत खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
रंजीत लेक व्यू में काली फ्राइंग कढ़ाई और खुला डस्टबिन
होटल रंजीत लेक व्यू में सफाई व्यवस्था सामान्य रूप से उचित पाई गई। यहां काम करने वाले कर्मचारी टोपी और एप्रन पहने हुए थे। हालांकि, निरीक्षण के दौरान डस्टबिन खुले मिले।
इसके अलावा ड्रेनेज सिस्टम भी उचित नहीं पाया गया और फ्राइंग कढ़ाई काली मिली। खाद्य सुरक्षा टीम ने होटल संचालक को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।
बापू की कुटिया में लाइसेंस और मेडिकल रिकॉर्ड नहीं मिले
बापू की कुटिया के निरीक्षण के दौरान FSSAI लाइसेंस प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित नहीं पाया गया। वर्करों के मेडिकल चेकअप और मेडिकल फिटनेस से संबंधित रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं मिले।
इसके अलावा NABL मान्यता प्राप्त खाद्य प्रयोगशाला की रिपोर्ट और पानी की टंकी की सफाई से संबंधित रिकॉर्ड भी टीम को नहीं मिले।
टीम ने यहां से घी और लाल रंग वाली ग्रेवी के सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
सागर गैरे के किचन में मिली कई खामियां
माता मंदिर के पास स्थित सागर गैरे रेस्टोरेंट का किचन सड़क की ओर से खुला मिला। यहां भी कर्मचारियों के मेडिकल चेकअप और मेडिकल फिटनेस से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं पाए गए। डस्टबिन भी खुली अवस्था में मिली।
भंडारण कक्ष में लीकेज पाया गया, जिससे खाद्य पदार्थों के दूषित होने की संभावना सामने आई। कोल्ड स्टोरेज में भी खाद्य पदार्थों का व्यवस्थित तरीके से भंडारण नहीं मिला और कुछ खाद्य सामग्री खुले में रखी हुई थी।
निरीक्षण के दौरान पेस्ट कंट्रोल का रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं पाया गया। इसके अलावा मिसब्रांडेड पैकिंग वाले खाद्य पदार्थों का भंडारण मिला।
काली मिर्च में पपीते के बीज मिलने की आशंका
निरीक्षण के दौरान काली मिर्च में मिलावट की आशंका होने पर मौके पर डेमोंसट्रेशन किया गया। इसमें काली मिर्च के साथ पपीते के बीजदिखाई दिए।
इसके बाद खाद्य सुरक्षा टीम ने काली मिर्च का विधिक नमूना लिया। साथ ही मिसब्रांडेड सफेद पाउडर पैक का भी सैंपल लिया गया।
हालांकि, काली मिर्च में पपीते के बीज की मिलावट की अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही होगी।
26 सितंबर तक चलेगा विशेष अभियान
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर प्रदेशभर में बड़े होटल, रेस्टोरेंट, रिजॉर्ट, क्लब और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 26 सितंबर तक जारी रहेगा।
इस दौरान केंद्रीय और राज्य लाइसेंस प्राप्त होटल-रेस्टोरेंट के किचन और स्टोर की जांच की जा रही है। फाइव स्टार और थ्री स्टार होटल, एमपी टूरिज्म के रिसॉर्ट, क्लब और अधिक भीड़ वाले खाद्य प्रतिष्ठानों को भी अभियान में शामिल किया गया है।
अब तक प्रदेश में 300 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट की जांच की जा चुकी है। विभाग होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को बचे हुए भोजन को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए भी प्रेरित कर रहा है।
भोपाल से इंदौर और उज्जैन तक हुई जांच
अभियान के तहत भोपाल के ताज, रेडिसन, सयाजी, जहांनुमा पैलेस, मिंटो, टोरकस और महादेव सहित कई प्रमुख होटल-रेस्टोरेंट की जांच की जा चुकी है।
इंदौर में मैरियट, द पार्क, रेडिसन और ग्रैंड शेरेटन समेत प्रमुख होटल-रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया गया है। उज्जैन में अनुश्री, शिप्रा सहित प्रमुख प्रतिष्ठानों की किचन और स्टोर की जांच कर सैंपल लिए गए हैं।
अभियान के दूसरे चरण में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और हाईवे पर स्थित बड़े ढाबों एवं भोजनालयों की किचन और स्टोरेज व्यवस्था की भी जांच की जाएगी।


