दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वाराणसी से वडनगर जा रहे सेवा यात्रियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने महात्मा गांधी के सामाजिक सुधार कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में लगातार सुधार और सकारात्मक परिवर्तन के लिए काम करते रहना चाहिए, केवल वोटबैंक की राजनीति के लिए नहीं।
गांधी जी के सामाजिक सुधार कार्यों का किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि जब हम गांधी जी के जीवन को देखते हैं तो वे अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई और आजादी के आंदोलन के साथ-साथ बड़े सामाजिक सुधारक भी थे। उन्होंने समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ लगातार काम किया। इसी तरह समाज में सुधार और सकारात्मक बदलाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
17 सितंबर को शुरू हुईं दो सेवा यात्राएं
पीएम मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर को दो बाइक रैलियों को रवाना किया गया था। इनमें से एक यात्रा उनके जन्मस्थान वडनगर से वाराणसी और दूसरी वाराणसी से वडनगर के लिए निकली है। दोनों यात्राएं 7 अक्टूबर को पूरी होंगी।
इन सेवा यात्राओं का आयोजन पीएम मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को चिह्नित करने के लिए किया जा रहा है।
पीएम मोदी ने बताईं सेवा यात्राओं से जुड़ी 5 बड़ी बातें
1. गांवों और शहरों के बीच कम हुआ अंतर
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 12 साल में भारत में शहरों और गांवों के बीच जो अंतर था, वह काफी कम हुआ है। गांवों में इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर हुआ है और महिलाओं एवं बेटियों में आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
2. सेवा यात्रियों की टोलियों से संवाद
उन्होंने कहा कि एक दिन पहले उन्हें वडनगर से निकले सेवा यात्रियों की सभी टोलियों से संवाद करने का अवसर मिला। अब वाराणसी से उनके गांव वडनगर जा रही सेवा यात्रियों की टोली से भी बात करने का मौका मिला है।
3. वडनगर और काशी का विशेष महत्व
पीएम मोदी ने कहा कि वडनगर ने उन्हें जीवन के संस्कार दिए, जबकि काशी ने उनके संस्कारों में सेवा के अनगिनत रंग भरे। उन्होंने कहा कि युवा साथी भी इस यात्रा को सेवा के अलग-अलग रंगों से जोड़ रहे हैं।
4. यात्राओं ने बहुत कुछ सिखाया
पीएम मोदी ने कहा कि सेवा यात्राओं ने उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। देश के शायद ही किसी जिले में जाने का उन्हें अवसर नहीं मिला होगा। उन्होंने कहा कि यात्राओं और रास्ते में मिले अनुभव आज भी गुरु की तरह उनका मार्गदर्शन करते हैं।
5. पंडित दीनदयाल उपाध्याय से प्रेरणा लेने की बात
पीएम मोदी ने कहा कि आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म-जयंती भी है। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय लगातार ‘चरैवति-चरैवति’का संदेश देते रहे और स्वयं भी लगातार यात्रा करते रहे। पीएम ने कहा कि एक सेवा यात्री के रूप में लगातार चलते रहना ही लक्ष्य होना चाहिए और इसके लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय से प्रेरणा मिलती है।



