मध्य प्रदेश के कटनी के रहने वाले अनुज श्रीवात्री ने भारतीय शतरंज में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वह भारत के 100वें शतरंज ग्रैंडमास्टर (GM) बन गए हैं। 8 नवंबर को फिलीपींस के ओजामिज में आयोजित 7वीं आसियान प्लस इंडिविजुअल ओपन चेस चैंपियनशिप जीतकर उन्होंने ग्रैंडमास्टर बनने के लिए जरूरी तीसरा नॉर्म हासिल किया।
22 वर्षीय अनुज मध्य प्रदेश के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल किया है। टूर्नामेंट के शुरुआती राउंड में हार का सामना करने के बाद उन्होंने शानदार वापसी की और बाकी 8 मुकाबलों में 7 अंक जुटाए।
विश्वनाथन आनंद के बाद भारत के 100वें ग्रैंडमास्टर
भारत के पहले शतरंज ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद बने थे। उन्होंने 1988 में यह उपलब्धि हासिल की थी। आनंद आगे चलकर पांच बार विश्व चैंपियन भी बने। अब अनुज श्रीवात्री ने भारत के ग्रैंडमास्टरों की सूची में 100वें खिलाड़ी के रूप में जगह बनाई है।
पिता से सीखा शतरंज का खेल
अनुज का जन्म वर्ष 2004 में मध्य प्रदेश के कटनी शहर में हुआ था। उन्हें शतरंज खेलने की शुरुआती सीख उनके पिता अशोक श्रीवात्री ने दी। कम उम्र से ही इस खेल में रुचि रखने वाले अनुज ने लगातार मेहनत और बेहतर प्रदर्शन के दम पर अपनी पहचान बनाई।
महज 15 साल की उम्र में वह मध्य प्रदेश के सबसे युवा इंटरनेशनल मास्टर (IM) बन गए थे। अब ग्रैंडमास्टर बनकर उन्होंने प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है।
कंप्यूटर साइंस में बीटेक, ऑनलाइन देते हैं चेस ट्रेनिंग
अनुज ने कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री हासिल की है। कॉलेज के दौरान उन्होंने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में भी काम किया। इसके अलावा जर्मनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में एक साल की इंटर्नशिप पूरी की।
वर्तमान में अनुज शतरंज खेलने के साथ ऑनलाइन चेस प्लेटफॉर्म के जरिए दुनियाभर के एडवांस स्तर के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण भी देते हैं।
AICF अध्यक्ष ने दी बधाई
ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (AICF) के अध्यक्ष नितिन नरंग ने अनुज श्रीवात्री को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने 7वीं ASEAN प्लस इंडिविजुअल चेस चैंपियनशिप 2026 जीतकर ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल करने पर खुशी जताई।


