इंदौर में आर्थिक रूप से कमजोर और दिव्यांग बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 30 बेड का बाल सेवा विशिष्ट वार्ड शुरू किया जा रहा है। इस वार्ड में जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क उपचार, सर्जरी और पुनर्वास की सुविधाएं मिलेंगी। आरोग्य भारती इंदौर महानगर और नीमा इंस्टीट्यूट फॉर ऑर्थोपेडिक एंड रिहैबिलिटेशन ट्रस्ट की संयुक्त पहल पर तैयार किए जा रहे इस वार्ड का लोकार्पण 5 नवंबर को होगा।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह आलोक कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं, आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय विशेष अतिथि रहेंगे।
36 साल में 30 हजार दिव्यांग बच्चों का हुआ मुफ्त इलाज
डॉ. प्रमोद नीमा ने बताया कि इस सेवा अभियान की शुरुआत वर्ष 1991 में हुई थी। पिछले 36 वर्षों में मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए करीब 30 हजार दिव्यांग बच्चों का निशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।
इस दौरान कुल 548 चिकित्सा शिविर आयोजित किए गए। इनमें बच्चों की पहचान और स्वास्थ्य जांच से लेकर सर्जरी, कृत्रिम उपकरण उपलब्ध कराने और पुनर्वास तक की सुविधाएं दी गईं।
जरूरतमंद बच्चों को मिलेगा बेहतर जीवन का अवसर
डॉ. नीमा के मुताबिक, चिकित्सा का उद्देश्य केवल बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों को सम्मान के साथ बेहतर जीवन जीने का अवसर देना भी है। आर्थिक परेशानियों के कारण कई परिवार अपने बच्चों का समय पर इलाज नहीं करा पाते। ऐसे में नया बाल सेवा विशिष्ट वार्ड उनके लिए काफी मददगार साबित होगा।
उन्होंने बताया कि पिछले 36 वर्षों से संचालित इस अभियान को अब 30 बेड के स्थायी निशुल्क बाल सेवा विशिष्ट वार्ड के रूप में विस्तार दिया जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और दिव्यांग बच्चों को उपचार और पुनर्वास की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।


