ऋषभ पंत को वेस्टइंडीज के खिलाफ चल रही तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली है। लंबे समय से वनडे टीम से बाहर चल रहे पंत ने अब इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि टीम में जगह नहीं मिलने पर निश्चित तौर पर बुरा लगता है, लेकिन एक खिलाड़ी के तौर पर उन्हें यह भी पता है कि हर झटके के बाद वापसी का मौका मौजूद रहता है।
‘बुरा लगता है, लेकिन वापसी का मौका हमेशा रहता है’
‘बिजनेस ऑफ स्पोर्ट’ पॉडकास्ट में पंत ने कहा कि जब टीम में चयन नहीं होता तो बुरा महसूस होता है। हालांकि, एक एथलीट की सोच उसे यह समझने में मदद करती है कि किसी झटके के बाद वापसी का रास्ता भी होता है।
पंत ने कहा कि इस स्तर पर बने रहने के लिए खिलाड़ी को अपने रास्ते और मेहनत को लेकर स्पष्ट रहना चाहिए। उनके मुताबिक, बाहरी लोगों की राय से ज्यादा जरूरी यह जानना है कि खिलाड़ी खुद कितनी मेहनत कर रहा है और अपने लक्ष्य को लेकर कितना स्पष्ट है।
7 अगस्त 2024 को खेला था आखिरी वनडे
पंत ने भारत के लिए अपना आखिरी वनडे 7 अगस्त 2024 को श्रीलंका के खिलाफ खेला था। इसके बाद वह भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा बने रहे, लेकिन वनडे टीम में वापसी नहीं कर सके।
पंत ने अब तक भारत के लिए 31 वनडे मैचों में 871 रन बनाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 125 रन है।
विकेटकीपर की जगह के लिए बढ़ी प्रतिस्पर्धा
वनडे टीम में विकेटकीपर-बल्लेबाज की भूमिका के लिए पंत के सामने प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी है। केएल राहुल टीम में प्रमुख विकल्प हैं, जबकि ईशान किशन भी इस दौड़ में हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज के लिए ध्रुव जुरेल को भी टीम में जगह दी गई है।
इसके बावजूद पंत की वनडे क्रिकेट में वापसी की इच्छा बनी हुई है। फिलहाल उनका ध्यान अपनी मेहनत और प्रदर्शन के जरिए दोबारा दावेदारी मजबूत करने पर है।
ईरानी कप में पंत को मिली कप्तानी
वनडे टीम से बाहर रहने के बीच पंत को रेस्ट ऑफ इंडिया टीम की कप्तानी सौंपी गई है। टीम 2025-26 रणजी ट्रॉफी चैंपियन जम्मू-कश्मीर के खिलाफ ईरानी कप में खेलेगी। मुकाबला 1 से 5 अक्टूबर 2026 तक श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में खेला जाना है।
यह मुकाबला पंत के लिए घरेलू क्रिकेट में बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग के जरिए अपनी लय दिखाने का अवसर होगा।

