नई दिल्ली। दिवाली से पहले सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट जारी है। 29 अक्टूबर को भी दोनों कीमती धातुओं के भाव नीचे आए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 452 रुपए सस्ता होकर 1.42 लाख रुपए पर आ गया। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 2,964 रुपए घटकर 1.90 लाख रुपए रह गई।
अक्टूबर में अब तक सोना करीब 6 हजार रुपए और चांदी करीब 30 हजार रुपए सस्ती हो चुकी है। इससे पहले सितंबर में भी सोने की कीमत में करीब 8 हजार रुपए और चांदी में 15 हजार रुपए की गिरावट दर्ज की गई थी।
31 अगस्त को सोना 1.56 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम था, जो 30 सितंबर को घटकर 1.48 लाख रुपए पर आ गया। इसी तरह चांदी की कीमत 2.37 लाख रुपए प्रति किलो से गिरकर 2.22 लाख रुपए पर पहुंच गई थी।
क्या सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट जारी रहेगी?
विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसके पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं।
- अमेरिकी ब्याज दरें: अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़े फैसलों का असर सोने की कीमतों पर पड़ता है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी या ऊंचे स्तर पर बने रहने से सोने पर दबाव आ सकता है।
- भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण सोने को सुरक्षित निवेश के तौर पर समर्थन मिल सकता है।
- बाजार में कमजोरी: विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहना चाहिए। कीमतों में बड़ी गिरावट आने पर खरीदारी का अवसर बन सकता है।
- किश्तों में खरीदारी: कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, सोने-चांदी की खरीदारी एक साथ करने के बजाय किश्तों में करनी चाहिए। कुछ खरीदारी अभी और बाकी 15-20 दिन के अंतराल पर की जा सकती है। निवेश के लिए एक-दो महीने के बजाय छह महीने से एक साल तक का नजरिया रखना बेहतर हो सकता है।
ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान
1. BIS हॉलमार्क वाला सोना खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा प्रमाणित सोना ही खरीदें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता की जानकारी मिलती है। हॉलमार्क पर दर्ज पहचान संख्या और अन्य विवरण भी जरूर जांचें।
2. कीमत और वजन की पुष्टि करें: सोना खरीदने से पहले उसका वजन और उस दिन का भाव अलग-अलग भरोसेमंद स्रोतों से जांच लें। 24, 22 और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है। IBJA की वेबसाइट पर भी सोने के भाव देखे जा सकते हैं।
चांदी की शुद्धता जांचने के 4 तरीके
1. मैग्नेट टेस्ट: शुद्ध चांदी चुंबक से आकर्षित नहीं होती। हालांकि, सिर्फ इस जांच के आधार पर चांदी के असली या नकली होने का फैसला नहीं किया जा सकता।
2. आइस टेस्ट: चांदी की ऊष्मा चालकता अधिक होती है, इसलिए उस पर रखी बर्फ तेजी से पिघल सकती है। यह जांच भी अपने आप में शुद्धता का पक्का प्रमाण नहीं है।
3. स्मेल टेस्ट: शुद्ध चांदी में आमतौर पर कोई खास गंध नहीं होती। धातु जैसी तेज गंध आने पर उसमें दूसरी धातुओं की मिलावट की आशंका हो सकती है।
4. क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आ सकता है। यह चांदी पर ऑक्सीडेशन या टार्निश की वजह से होता है, लेकिन इससे शुद्धता की पूरी पुष्टि नहीं होती।
चांदी की सही शुद्धता जानने के लिए प्रमाणित जांच कराना बेहतर है। केवल घरेलू तरीकों के आधार पर खरीदारी का फैसला न करें।




