बिलासपुर। शहर का पहला सर्वसुविधायुक्त कन्वेंशन सेंटर अब तक पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है। 28 जून को उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शहर के अधूरे विकास कार्यों का निरीक्षण कर उन्हें तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद नगर निगम कमिश्नर और बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के एमडी प्रकाश कुमार सर्वे ने कोनी स्थित कन्वेंशन सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने ठेकेदार को 30 सितंबर तक हर हाल में निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। फिलहाल सेंटर में अंतिम चरण का निर्माण और फिनिशिंग का काम जारी है।
स्मार्ट सिटी के कई प्रोजेक्ट अब भी अधूरे
स्मार्ट सिटी योजना के तहत बिलासपुर में शुरू की गई कई परियोजनाएं तय समय-सीमा बीतने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी हैं। इनमें प्रमुख प्रोजेक्ट शामिल हैं:
- कन्वेंशन सेंटर: 29.51 करोड़ रुपए
- एसटीपी मंगला 10 एमएलडी: 12 करोड़ रुपए
- ऑटोमेटेड मल्टीलेवल कार पार्किंग: 12.60 करोड़ रुपए
- रिवर व्यू रोड सरकंडा और शनिचरी: 150 करोड़ रुपए
- कोनी-मंगला रोड: 22.54 करोड़ रुपए
- तालापारा तालाब सौंदर्यीकरण: 19.33 करोड़ रुपए
28 जून के निरीक्षण के दौरान भी कन्वेंशन सेंटर, मल्टीलेवल पार्किंग और एसटीपी सहित कई निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई थी। निगम प्रशासन ने समय पर काम पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की बात कही थी।
डेडलाइन के बाद भी निर्माण कार्य में देरी
अधूरे प्रोजेक्ट्स को लेकर ठेकेदारों की कार्यशैली पर सवाल उठते रहे हैं। आरोप है कि कुछ ठेकेदार कम दर पर काम हासिल करने के बाद निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाते।
डेडलाइन निकलने के बाद निगम की ओर से जारी नोटिसों का समय पर जवाब नहीं मिलने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। पेनाल्टी का प्रावधान होने के बावजूद निर्माण कार्यों की रफ्तार में अपेक्षित सुधार नहीं होने की बात कही जा रही है। इससे आम लोगों को परियोजनाओं का लाभ मिलने में देरी हो रही है।
कन्वेंशन सेंटर की कुर्सियों को लेकर भी हुआ था विवाद
कन्वेंशन सेंटर में सिटिंग अरेंजमेंट में बदलाव के प्रस्ताव को लेकर भी चर्चा हुई थी। स्मार्ट सिटी के महाप्रबंधक (तकनीकी) एसपी साहू के अनुसार, पूर्ववर्ती शासनकाल में ऑडिटोरियम में 650 की जगह 1,000 कुर्सियां लगाने का प्रस्ताव रखा गया था।
हालांकि, उनके मुताबिक यह बदलाव मूल डिजाइन में शामिल नहीं था, इसलिए स्मार्ट सिटी की ओर से इसे अस्वीकृत कर दिया गया।
एक ही परिसर में कई सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना
स्मार्ट सिटी के महाप्रबंधक के अनुसार, कन्वेंशन सेंटर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि एक ही परिसर में शैक्षणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जा सकें।
भवन के संचालन और रखरखाव के खर्च का दबाव कम करने के लिए दुकानों और हॉल का किराया तय किया जा रहा है। इससे सालाना करीब 1 करोड़ रुपए की आय होने का अनुमान है।
कन्वेंशन सेंटर में क्या-क्या होगा?
| फ्लोर | प्रस्तावित सुविधा |
|---|---|
| ग्राउंड फ्लोर | 16 दुकानें |
| फर्स्ट फ्लोर | 16 दुकानें और कार्यालय के लिए जगह |
| सेकेंड फ्लोर | 500 सीटों वाली लाइब्रेरी |
| थर्ड फ्लोर | 650 सीटों वाला ऑडिटोरियम |
कोनी क्षेत्र में करीब 29.51 करोड़ रुपए की लागत से कन्वेंशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इसका अधिकांश निर्माण पूरा हो चुका है और फिनिशिंग का काम चल रहा है।
नालंदा परिसर का भी किया निरीक्षण
नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने मधुबन में निर्माणाधीन नालंदा परिसर और एकेडमिक ब्लॉक का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी और इंजीनियरों को कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कमिश्नर ने परियोजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखने को कहा, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जा सके।



