इंदौर के नामी ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी मर्डर केस में अब शिलॉन्ग पुलिस की नजर सोनम के उस लैपटॉप पर है, जिसे बेहद अहम डिजिटल सबूत माना जा रहा है। पुलिस को शक है कि इसमें हवाला कारोबार और पैसे के लेनदेन से जुड़ी जानकारी हो सकती है।
पुलिस पहुंची इंदौर, बिल्डिंग के गार्ड और ब्रोकर से पूछताछ
मंगलवार को शिलॉन्ग पुलिस इंदौर के महालक्ष्मी नगर इलाके में उस बिल्डिंग की जांच करने पहुंची, जहां हत्या के बाद सोनम कुछ दिन ठहरी थी। पुलिस के साथ बिल्डिंग का ब्रोकर शिलोम जेम्स और चौकीदार बलवीर अहिरवार भी मौजूद थे।
जांच में सामने आया है कि सोनम का लैपटॉप शिलोम ने जानबूझकर फेंक दिया था, क्योंकि वह नहीं चाहता था कि पुलिस को उसके फ्लैट में सोनम और अन्य आरोपियों के रुकने की जानकारी मिले।
हत्या के पीछे तंत्र क्रिया की भी आशंका
पुलिस को कुछ ऐसे सुराग भी मिले हैं जो इशारा कर रहे हैं कि हत्या के पीछे किसी तांत्रिक क्रिया का हाथ हो सकता है। इसी वजह से पुलिस अभी शिलोम और बलवीर को इंदौर में ही रोककर जांच कर रही है।
लोकेंद्र के फ्लैट में ठहरी थी सोनम
हत्या के बाद 30 मई से 7 जून तक सोनम इंदौर के एक फ्लैट में रही थी, जो लोकेंद्र तोमर का है। लोकेंद्र को 23 जून को ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया और अगले दिन कोर्ट ने उसे 72 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
चार महीने पहले शिलोम ने यह फ्लैट किराए पर लिया था। बलवीर वहां चौकीदार और बढ़ई का काम करता था। बाद में जब शिलोम को पता चला कि सोनम उसी फ्लैट में रुकी थी, तो उसने यह जानकारी लोकेंद्र को दी। लोकेंद्र ने वहां से बैग हटाया, जिसमें पैसे और पिस्टल रखे थे, और खुद ही इंदौर आकर सबूत नष्ट करवाए।
बैग जलाया, लैपटॉप फेंका गया
शिलोम ने पुलिस को बताया कि उसने सोनम का लैपटॉप खोले बिना ही इसलिए फेंक दिया क्योंकि वह जानता था कि यह डिजिटल सबूत है और उसे फंसा सकता है।
आरोपियों की चैट और कॉल रिकॉर्ड भी जुटाए
टेक्निकल टीम ने आरोपियों के बीच हुई बातचीत और मैसेज का पूरा डाटा तैयार कर लिया है, जिसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं पुलिस सोनम के करीबियों की जानकारी भी जुटा रही है, क्योंकि शक है कि इतनी बड़ी वारदात से पहले उसने किसी दोस्त से बात की होगी। उसकी एक करीबी दोस्त अलका अभी तक सामने नहीं आई है।
रघुवंशी परिवार की अपील – कोई वकील बचाव न करे
मृतक राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी ने भावुक अपील करते हुए कहा है, “सोनम, राज, आकाश और आनंद एक जघन्य हत्या में शामिल हैं। कोई भी वकील इनकी पैरवी न करे। हम हाईकोर्ट भी जाएंगे। इंदौर और शिलॉन्ग दोनों जगह कोई भी वकील इनका बचाव न करे।”
