कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। जर्मनी की राजधानी बर्लिन (Berlin) में एक संवाद कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी भारत के संविधान (Indian Constitution) को धीरे-धीरे कमजोर करने की कोशिश कर रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बना रही है।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान केवल कानूनों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों लोगों के अधिकार, समानता और सम्मान की गारंटी है। उनके मुताबिक, जब संस्थाएं स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पातीं, तो आम नागरिक का भरोसा टूटता है।
ED-CBI के इस्तेमाल पर सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में ED और CBI जैसी जांच एजेंसियों का इस्तेमाल निष्पक्ष जांच के बजाय राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो नेता या संगठन सरकार की नीतियों से सवाल पूछते हैं, उन्हें जांच में फंसा दिया जाता है।
उनका कहना था,
“हमारी लड़ाई बीजेपी से नहीं, बल्कि उस सोच से है जो संस्थाओं को कमजोर कर रही है और संविधान की आत्मा को नुकसान पहुँचा रही है।”
लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया पर चिंता
राहुल गांधी ने भारतीय लोकतंत्र को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चुनावों में पैसे की ताकत और संस्थागत दबाव लोकतांत्रिक संतुलन को बिगाड़ रहे हैं। इससे जनता की आवाज़ कमजोर होती जा रही है, जो किसी भी लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
दुनिया के लिए भी अहम है भारत का लोकतंत्र
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि भारत का लोकतंत्र सिर्फ देश तक सीमित नहीं है।
“भारत एक वैश्विक उदाहरण रहा है। अगर यहां लोकतंत्र कमजोर होता है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा,” उन्होंने कहा।
भारत में सियासी हलचल तेज
राहुल गांधी के इस बयान के बाद भारत में राजनीतिक बयानबाज़ी तेज होने की संभावना है। बीजेपी पहले भी इस तरह के आरोपों को खारिज करती रही है और दावा करती है कि देश की सभी संस्थाएं संविधान के दायरे में स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं।
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में संविधान, लोकतंत्र और संस्थागत स्वतंत्रता को लेकर चर्चा लगातार बढ़ रही है। एक तरफ विपक्ष सरकार पर लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने का आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी तरफ सरकार इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रही है।
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