इंदौर (Indore) शहर में वर्षों से चर्चा और विवाद का विषय रहे Bus Rapid Transit System (BRTS) को लेकर अब मामला निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, इंदौर बेंच ने BRTS हटाने को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कॉरिडोर का एक हिस्सा 15 दिनों के भीतर हटाया जाए।
देरी पर नाराज़ High Court, अफसरों को दी चेतावनी
जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि पहले दिए गए आदेशों के बावजूद नगर निगम और प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई। इस पर नाराज़गी जताते हुए कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया गया और चेताया गया कि आगे लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निगरानी के लिए बनाई गई विशेष समिति
BRTS हटाने की प्रक्रिया को केवल कागज़ों तक सीमित न रखने के लिए हाईकोर्ट ने पांच सदस्यीय वकीलों की निगरानी समिति का गठन किया है। यह समिति मौके पर जाकर कार्य की प्रगति देखेगी और सीधे कोर्ट को रिपोर्ट सौंपेगी, ताकि किसी तरह की ढिलाई न हो।
ट्रैफिक जाम और आम जनता की परेशानी बनी वजह
दरअसल, इंदौर में BRTS को पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधारने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, लेकिन समय के साथ यह ट्रैफिक जाम, सड़क दुर्घटनाओं और रोज़मर्रा की परेशानी का कारण बनता चला गया। आम लोगों की शिकायत थी कि BRTS लेन की वजह से मुख्य सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है।
बस स्टॉप, अतिक्रमण और ट्रैफिक सुधार पर भी फोकस
हाईकोर्ट ने सिर्फ BRTS हटाने तक सीमित न रहते हुए प्रशासन को यह भी निर्देश दिए कि
- BRTS मार्ग पर बने अनावश्यक बस स्टॉप हटाए जाएं,
- अवैध अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई हो,
- और ट्रैफिक व्यवस्था को इस तरह सुधारा जाए कि आम नागरिकों को राहत मिले।
कोर्ट की सख्ती के बाद तेज़ हुआ काम
हाईकोर्ट की फटकार के बाद प्रशासन हरकत में आया और रेलिंग व अन्य ढांचों को हटाने का काम तेज़ी से शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि जिन कार्यों में पहले महीनों लग गए, वे अब कुछ ही दिनों में पूरे किए जा रहे हैं।
अगली सुनवाई में मांगी जाएगी रिपोर्ट
कोर्ट ने साफ किया है कि अगली सुनवाई में प्रशासन को प्रगति रिपोर्ट पेश करनी होगी। यदि आदेशों का पूरी तरह पालन नहीं हुआ, तो और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
इंदौर को उम्मीद: जाम से मिलेगी राहत
अब इंदौरवासियों को उम्मीद है कि BRTS हटने के बाद शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और रोज़ाना आने-जाने में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।
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