अक्टूबर का महीना अभी आधा ही बीता है, लेकिन मौसम (Weather) ने कई राज्यों में अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से ठंड बढ़ रही है। राजस्थान में मौसम के बदलाव के बीच तापमान में गिरावट की खबर है, जबकि उत्तर प्रदेश में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कहीं लोग ठंड की तैयारी में जुटे हैं, तो कहीं परिवार सुरक्षित ठिकाने और जरूरी सुविधाओं के इंतजार में हैं। 17 अक्टूबर 2026 के Weather Update में पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम की अलग-अलग तस्वीर सामने आ रही है। बारिश, बर्फबारी और तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच लोगों की नजर अब मौसम विभाग के अगले पूर्वानुमान पर है। उत्तराखंड और हिमाचल में Snowfall, बढ़ने लगी ठंड उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश के कारण मौसम ठंडा होने लगा है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति, कुल्लू और किन्नौर जैसे क्षेत्रों में बर्फबारी का असर देखने को मिल रहा है। लाहौल-स्पीति के केलांग में बर्फबारी दर्ज की गई और न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने से ठंड और बढ़ सकती है। पहाड़ों में घूमने का प्लान बना रहे लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश और बर्फबारी के कारण कुछ सड़कों पर आवाजाही मुश्किल हो सकती है। ऐसे में यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेना बेहतर रहेगा। Rajasthan Weather: तापमान में गिरावट से बदला मौसम राजस्थान में भी मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम में इस बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है, हालांकि राज्य के सभी जिलों में एक जैसी स्थिति नहीं है। जयपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर, पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में गर्मी का असर बना रह सकता है। राजस्थान में तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट का दावा सामने आया है, लेकिन यह गिरावट किन शहरों में और किस अवधि के दौरान दर्ज की गई, इसकी पुष्टि जरूरी है। इसलिए इसे पूरे राज्य के तापमान में गिरावट मानना सही नहीं होगा। UP Flood Update: बाढ़ से प्रभावित परिवारों की बढ़ीं मुश्किलें उत्तर प्रदेश में बाढ़ ने कई इलाकों में जनजीवन को प्रभावित किया है। बाढ़ के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में परेशानी हुई। प्रभावित परिवारों के लिए राहत, सुरक्षित आवास और जरूरी सुविधाएं बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। लखनऊ में गोमती नदी के जलस्तर और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति को लेकर भी चिंता बनी रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जलभराव, घरों की सफाई और सामान्य जीवन बहाल करने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश में करीब 3 लाख लोगों के बाढ़ से प्रभावित होने का आंकड़ा चर्चा में है। हालांकि, लखनऊ में अकेले 3 लाख लोगों के प्रभावित होने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए प्रभावित लोगों की वास्तविक संख्या और मौजूदा स्थिति को लेकर आधिकारिक आंकड़ों पर भरोसा करना जरूरी है। Delhi-NCR समेत मैदानी इलाकों में भी मौसम का असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। बारिश और हवाओं के कारण कुछ स्थानों पर तापमान में उतार-चढ़ाव हो सकता है। सुबह और शाम के समय मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस होने लगा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अलग-अलग राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि, हर शहर में मौसम की स्थिति एक जैसी नहीं रहेगी। इसलिए अपने क्षेत्र का स्थानीय पूर्वानुमान देखना ज्यादा उपयोगी होगा। दक्षिण भारत में बारिश की संभावना देश के दक्षिणी हिस्सों में भी कुछ स्थानों पर बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी है। Weather Alert: बदलते मौसम में इन बातों का रखें ध्यान मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव को देखते हुए लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!