केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वन्दे मातरम् (Vande Mataram) को लेकर नई ऑफिशियल गाइडलाइन 2026 जारी की है। अब स्कूलों और सरकारी कार्यक्रमों में वन्दे मातरम् राष्ट्रीय गीत जन‑गण‑मन (Jana Gana Mana) से पहले गाया जाएगा। गाइडलाइन के अनुसार, सभी 6 पैरे गाए जाएंगे और सुनने वाले खड़े होकर सम्मान करेंगे।
सभी 6 पैरे अब होंगे ऑफिशियल
इस गाइडलाइन में वन्दे मातरम् (Vande Mataram) के पूरे छह पैरों को गाने की बात कही गई है। इनमें वे पैरे भी शामिल हैं जो पहले आधिकारिक कार्यक्रमों में नहीं गाए जाते थे। प्रत्येक पैरा मातृभूमि के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को जगाता है।
स्कूलों और सरकारी कार्यक्रमों में नया नियम
- स्कूलों में दिन की शुरुआत अब वन्दे मातरम् से होगी।
- राष्ट्रपति, राज्यपाल और नागरिक पुरस्कार समारोहों जैसे सरकारी कार्यक्रमों में इसे सबसे पहले बजाना या गाना अनिवार्य होगा।
- कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोग खड़े होकर सम्मान करेंगे।
- फिल्म हॉल या मनोरंजन कार्यक्रमों में यह नियम लागू नहीं होगा।
ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व
Vande Mataram को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था और यह गीत स्वतंत्रता संग्राम का एक प्रतीक बन गया। पहले इसे केवल दो पैरों तक सीमित रखा गया था, लेकिन अब सभी छह पैरे गाने का निर्देश है। यह बदलाव बच्चों और नागरिकों के बीच देशभक्ति और राष्ट्रीय सम्मान की भावना को और मजबूत करेगा।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का लक्ष्य वन्दे मातरम् को केवल गीत के रूप में नहीं बल्कि राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक बनाना है। इससे बच्चों और नागरिकों में देशभक्ति की भावना को जागरूक करने में मदद मिलेगी।
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