संसद का माहौल एक बार फिर गरमा गया जब लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए “हरदीप पुरी इस्तीफा दो” की मांग उठाई। लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी और अंततः इसे 9 मार्च तक स्थगित कर दिया गया।
क्यों उठा इस्तीफे का मुद्दा?
विपक्ष का आरोप है कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से जुड़े अहम सवालों पर सरकार संतोषजनक जवाब नहीं दे रही। इसी को लेकर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग तेज हुई। जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे, जिससे सदन में शोर-शराबा बढ़ता गया।
संसद में मौजूद कई सदस्यों का कहना था कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन हंगामे के कारण यह संभव नहीं हो सका। माहौल ऐसा था कि बार-बार अपील के बावजूद व्यवस्था बहाल नहीं हो पाई।
BJP का पलटवार: राहुल गांधी पर आरोप
इस घटनाक्रम के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। पार्टी का कहना है कि संसद में जानबूझकर गतिरोध पैदा किया जा रहा है। BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने की राजनीति के तहत देश को बांटने वाली भाषा और रणनीति अपनाई जा रही है।
दूसरी ओर, कांग्रेस का कहना है कि वह जनता से जुड़े मुद्दों को उठा रही है और जवाबदेही तय करना उसका कर्तव्य है।
आम लोगों पर क्या असर?
संसद में गतिरोध का सीधा असर विधायी कामकाज पर पड़ता है। कई अहम बिल और नीतिगत फैसले चर्चा के इंतजार में हैं। जब सदन नहीं चलता, तो जनता से जुड़े फैसले भी टल जाते हैं। यही वजह है कि राजनीतिक टकराव के बीच आम नागरिक उम्मीद करते हैं कि पक्ष-विपक्ष संवाद का रास्ता निकालें।
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