ओडिशा (Odisha) के कटक शहर से सोमवार सुबह एक बेहद दुखद खबर सामने आई। कटक स्थित SCB Medical College and Hospital में अचानक लगी भीषण आग ने पूरे अस्पताल में अफरा-तफरी मचा दी। इस दर्दनाक हादसे में 10 मरीजों की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। अस्पताल के 11 कर्मचारी मरीजों को बचाने की कोशिश में झुलस गए।
ICU वार्ड से शुरू हुई आग
बताया जा रहा है कि आग अस्पताल के ट्रॉमा-केयर ICU वार्ड में लगी। उस समय वहां कई गंभीर मरीज भर्ती थे। अचानक धुआँ फैलने लगा और कुछ ही मिनटों में हालात बिगड़ गए। डॉक्टरों और स्टाफ ने तुरंत मरीजों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की, लेकिन कई मरीज आग और धुएं की चपेट में आ गए।
बचाव के दौरान मची अफरा-तफरी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 7 मरीजों की मौत ICU के अंदर ही हो गई, जबकि 3 अन्य मरीजों ने दम तब तोड़ दिया जब उन्हें जल्दी-जल्दी दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा था। इस घटना ने पूरे अस्पताल परिसर को शोक और तनाव में डाल दिया।
दमकल और डॉक्टरों ने मिलकर संभाली स्थिति
आग लगने की खबर मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टर, नर्स और कर्मचारी लगातार मरीजों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने में जुटे रहे। कई मरीजों को तुरंत दूसरे वार्डों और नजदीकी अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया।
आग लगने की वजह क्या थी
प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।
सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
इस दुखद घटना पर ओडिशा के मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। साथ ही घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर अस्पतालों में फायर सेफ्टी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ICU जैसे संवेदनशील वार्डों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बेहद जरूरी होते हैं, क्योंकि यहां भर्ती मरीज अक्सर खुद से बाहर निकलने की स्थिति में नहीं होते।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और मरीजों के इलाज की व्यवस्था सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों से उनके अपने छीन लिए, जिनका दर्द शायद कभी कम नहीं होगा।
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