सर्राफा बाजार में आज एक बार फिर तेज़ हलचल देखने को मिली, जब सोने (Gold) की कीमत ₹2,836 बढ़कर ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उन निवेशकों के बढ़ते भरोसे की कहानी है जो अनिश्चित आर्थिक माहौल में सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे हैं।
वहीं चांदी (Silver) की कीमत में भी ₹9,348 की मजबूत बढ़त दर्ज की गई, जिसके बाद इसका भाव ₹2.39 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। लगातार बढ़ती औद्योगिक मांग और निवेशकों की दिलचस्पी ने चांदी को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है।
अगर साल 2026 की शुरुआत से अब तक का ट्रेंड देखें, तो सोना करीब ₹16,000 महंगा हो चुका है। बाजार जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्याज दरों में संभावित कटौती, डॉलर की कमजोरी और वैश्विक तनाव जैसे कारणों ने सोने को लगातार मजबूती दी है।
क्यों बढ़ रहे हैं सोना और चांदी के दाम?
आम लोगों के लिए यह तेजी सिर्फ निवेश का मौका नहीं, बल्कि शादी-ब्याह और त्योहारों की खरीदारी पर भी असर डाल सकती है। कई परिवार, जो हर साल सोना खरीदने की योजना बनाते हैं, अब कीमतों को देखकर सोच-समझकर फैसला ले रहे हैं। यही वजह है कि बाजार में उत्साह के साथ थोड़ी सतर्कता भी दिखाई दे रही है।
Silver की बात करें तो सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो सेक्टर में इसकी बढ़ती उपयोगिता ने इसकी कीमतों को अतिरिक्त सहारा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले महीनों में सोना ₹1.60 लाख और चांदी ₹2.50 लाख के करीब पहुंच सकती है।
आगे क्या रह सकती है बाजार की चाल?
फिलहाल निवेशकों की नजर वैश्विक बाजार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले फैसलों और डॉलर इंडेक्स की चाल पर टिकी हुई है, क्योंकि यही संकेत आगे सोने-चांदी की दिशा तय करेंगे।
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