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MP Board 12th Result 2026: सागर के टेलर के बेटे जय राजोरिया ने किया कमाल, प्रदेश में चौथा स्थान

Table of Content

माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में मध्यप्रदेश के सागर जिले के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस बार जिले के 5 विद्यार्थियों ने प्रदेश की मेरिट लिस्ट में जगह बनाई है। इनमें टेलर के बेटे जय राजोरिया ने 488 अंक हासिल कर जीव विज्ञान समूह में चौथा स्थान प्राप्त किया है।

रिजल्ट घोषित होने के बाद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय (एक्सीलेंस स्कूल) में खुशी का माहौल है। शिक्षकों ने टॉपर्स को फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया और मिठाई खिलाकर जश्न मनाया।

साधारण परिवार से उठकर बनाई बड़ी पहचान

जय राजोरिया के पिता मनोज राजोरिया टेलरिंग का काम करते हैं और घर पर ही “गजानन टेलर” नाम से रेडीमेड कपड़ों की दुकान चलाते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद जय ने अपनी मेहनत से बड़ा मुकाम हासिल किया।

NCERT से तैयारी, रोज 9-10 घंटे पढ़ाई

जय ने बताया कि उन्होंने अपनी पढ़ाई का पूरा फोकस NCERT की किताबों पर रखा।

  • रोजाना 9 से 10 घंटे पढ़ाई की
  • रटने की बजाय समझकर पढ़ाई की
  • स्कूल में शिक्षकों से हर समस्या का समाधान लिया
  • समय प्रबंधन को सफलता की कुंजी बनाया

उन्होंने कहा कि परिवार और शिक्षकों के सहयोग से ही वे यह सफलता हासिल कर पाए।

मां बोलीं – “सोने को कहती थी, पर बेटा पढ़ता रहता था”

जय की सफलता पर उनकी मां रचना राजोरिया भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि जय बचपन से ही पढ़ाई में आगे रहा है।
“मैं उसे सोने के लिए कहती थी, लेकिन वह पढ़ाई करता रहता था। आज बेटे ने जो मुकाम हासिल किया है, उस पर हमें गर्व है।”

सागर जिले का रिजल्ट सुधरा

इस साल सागर जिले में 12वीं का कुल परिणाम 77.10% रहा, जो पिछले साल से 3.94% ज्यादा है।

  • सरकारी स्कूलों का रिजल्ट: 77.10%
  • प्राइवेट स्कूलों का रिजल्ट: 30.09%

जिले के अन्य छात्रों ने भी प्रदेश मेरिट में 7वां, 8वां और 9वां स्थान हासिल किया है।

पिछले 4 सालों का रिजल्ट

  • 2026: 77.10%
  • 2025: 73.16%
  • 2024: 58.74%
  • 2023: 54.24%

लगातार बेहतर होते रिजल्ट से साफ है कि जिले में शिक्षा का स्तर तेजी से सुधर रहा है।

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Muskan Negi

muskannegi1302@gmail.com

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Nitin Nabin

Nitin Nabin ने गिनाईं Modi Government की उपलब्धियां, बोले- 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार की उपलब्धियों को लेकर भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Nabin) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश ने कई क्षेत्रों में बदलाव देखा है। खासतौर पर युवाओं में नई उम्मीद पैदा हुई है और भारत की Economy ने भी तेजी से आगे बढ़ने की दिशा पकड़ी है। नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के मौके पर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। उनके मुताबिक, गरीबों के लिए चलाई गई योजनाओं और विकास से जुड़े कदमों का असर आम लोगों की जिंदगी में दिखाई दे रहा है। युवाओं को लेकर क्या बोले नितिन नवीन? भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के युवाओं को निराशा के माहौल से निकालकर उनके सामने आगे बढ़ने के नए रास्ते खोले हैं। उनका कहना है कि आज युवा रोजगार के साथ-साथ Startup, Technology, Innovation और Entrepreneurship जैसे क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। नितिन नवीन के मुताबिक, देश की युवा आबादी को विकास की ताकत बनाने पर सरकार का लगातार फोकस रहा है। उन्होंने कहा कि बदलते भारत में युवाओं की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। India की Economy पर भी कही बड़ी बात नितिन नवीन ने भारत की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि देश की Economy ने पिछले वर्षों में तेज रफ्तार पकड़ी है। उनके मुताबिक, भारत अब दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह मजबूत कर रहा है। उन्होंने मोदी सरकार के नेतृत्व में हुए आर्थिक बदलावों को देश के बढ़ते आत्मविश्वास से जोड़ते हुए कहा कि भारत अब सिर्फ विकास की बात नहीं कर रहा, बल्कि कई क्षेत्रों में दुनिया के सामने अपनी क्षमता भी दिखा रहा है। 25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने का दावा नितिन नवीन ने सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं को भी अपनी बात का आधार बनाया। उन्होंने दावा किया कि 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। इसके साथ ही उन्होंने गरीब परिवारों के लिए राशन, घर, गैस कनेक्शन और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख किया। हालांकि, गरीबी से बाहर आने वाले लोगों का यह आंकड़ा भाजपा नेतृत्व की ओर से किया गया दावा है। ऐसे आंकड़ों को समझते समय संबंधित सरकारी रिपोर्ट और आंकड़ों को भी ध्यान में रखना जरूरी है। 17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के अवसर पर भाजपा देशभर में कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी में है। पार्टी की ओर से ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने की बात कही गई है। इस अभियान के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन, सरकार की योजनाओं और गरीब कल्याण से जुड़े कामों को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश होगी। पार्टी कार्यकर्ताओं को भी इस अभियान से जोड़ने की तैयारी है। ‘Viksit Bharat 2047’ पर नजर नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य सिर्फ वर्तमान की चुनौतियों तक सीमित नहीं है। सरकार ‘Viksit Bharat 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है। उनके मुताबिक, आने वाले समय में युवाओं के लिए अवसर बढ़ाना, महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना, गरीबों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना और भारत की Economy को और मजबूत करना बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Crude Oil

Crude Oil $100 के पार: America-Iran Tension से बढ़ी कीमत, Petrol-Diesel पर असर संभव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत ने एक बार फिर हलचल मचा दी है। Brent Crude Oil की कीमत $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जो करीब छह हफ्तों का सबसे ऊंचा स्तर है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है और इसका असर सीधे Global Oil Market पर दिखाई दे रहा है। तेल महंगा होने की खबर भारत के लिए भी अहम है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अगर crude oil की कीमत लंबे समय तक ऊंची रहती है, तो Petrol-Diesel और LPG की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। 6 हफ्ते में सबसे महंगा हुआ Crude Oil बुधवार के कारोबार में Brent crude करीब $100.19 प्रति बैरल तक पहुंच गया। बाद में इसकी कीमत लगभग $99.93 प्रति बैरल के आसपास रही। वहीं अमेरिकी WTI crude भी करीब $94.52 प्रति बैरल तक पहुंचा। तेल की कीमतों में यह तेजी ऐसे समय आई है जब Middle East में हालात सामान्य नहीं हैं। बाजार को डर है कि अगर तनाव और बढ़ा तो तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। America-Iran Tension का Oil Market पर असर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव इस समय Oil Market के लिए सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। Middle East दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। यहां किसी बड़े संघर्ष या सप्लाई रूट में रुकावट का असर पूरी दुनिया में दिखाई दे सकता है। खास तौर पर Strait of Hormuz को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां लंबे समय तक किसी तरह की बाधा आने पर कच्चे तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है और कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। भारत में Petrol-Diesel Price पर क्या असर होगा? अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या महंगे crude oil का असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा? भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत तय करने में अंतरराष्ट्रीय crude oil price के अलावा कई दूसरे factors भी काम करते हैं। इनमें रुपये और डॉलर की exchange rate, refining cost, freight, taxes और oil companies के margins शामिल हैं। इसलिए कच्चा तेल $100 पार करने का मतलब यह नहीं है कि पेट्रोल-डीजल की कीमत तुरंत बढ़ जाएगी। लेकिन अगर crude लगातार इसी स्तर पर बना रहता है, तो घरेलू fuel prices पर दबाव जरूर बढ़ सकता है। LPG Cylinder की कीमत भी अहम Crude oil की तेजी के साथ LPG को लेकर भी चिंता बढ़ी है। भारत LPG की जरूरत का एक हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में Middle East में supply और shipping routes प्रभावित होने पर import cost बढ़ सकती है। हालांकि घरेलू LPG Cylinder की कीमत केवल अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर तय नहीं होती। सरकार की pricing policy और अन्य आर्थिक factors भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए अभी LPG की कीमत बढ़ने को लेकर निश्चित तौर पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी। महंगा तेल बढ़ा सकता है महंगाई का दबाव कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ पेट्रोल और डीजल तक सीमित नहीं रहता। Transport और logistics महंगे होने पर इसका असर सामान की लागत पर भी पड़ सकता है। अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। इसका असर transport, manufacturing और दूसरे कई कारोबारों पर भी देखने को मिल सकता है। आगे Crude Oil का क्या होगा? आने वाले दिनों में crude oil की दिशा काफी हद तक Middle East की स्थिति पर निर्भर करेगी। अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होता है और supply routes सामान्य रहते हैं, तो तेल की कीमतों में नरमी आ सकती है। लेकिन अगर संघर्ष बढ़ता है या Hormuz जैसे महत्वपूर्ण shipping routes प्रभावित होते हैं, तो Brent Crude $100 से ऊपर लंबे समय तक बना रह सकता है। फिलहाल भारत में लोगों की नजर Petrol-Diesel और LPG के दाम पर रहेगी। अगर crude oil की यह तेजी कुछ समय और जारी रहती है, तो सरकार और oil companies के सामने घरेलू ईंधन कीमतों को संभालने की चुनौती बढ़ सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
ODI Rankings

India फिर बना ODI Rankings का King, 3 साल से Top पर; New Zealand दे रहा चुनौती

वनडे क्रिकेट में टीम इंडिया (Team India) का दबदबा लगातार बना हुआ है। ICC Men’s ODI Rankings में भारत ने एक बार फिर नंबर-1 की कुर्सी संभाल रखी है। खास बात यह है कि सितंबर 2023 में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद से भारतीय टीम ने अपनी स्थिति लगातार मजबूत रखी है। मौजूदा ICC रैंकिंग में भारत के बाद न्यूजीलैंड दूसरे और ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर है। 2023 में पाकिस्तान को पीछे छोड़कर India बना था नंबर-1 सितंबर 2023 में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को पीछे छोड़ते हुए ODI Rankings में पहला स्थान हासिल किया था। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली वनडे में जीत के बाद भारत 116 रेटिंग पॉइंट्स के साथ टॉप पर पहुंचा था, जबकि पाकिस्तान 115 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर था। इसके बाद इंदौर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वनडे में भी भारत ने शानदार प्रदर्शन किया। इस जीत ने टीम इंडिया की नंबर-1 रैंकिंग को और मजबूत कर दिया था। उस दौर में भारत के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास थी क्योंकि टीम टेस्ट, ODI और T20I—तीनों फॉर्मेट की ICC Rankings में नंबर-1 बनी थी। 2026 में भी Top पर Team India समय बदला, टीम में बदलाव हुए और कई बड़े मुकाबले आए, लेकिन ODI Rankings में भारत की स्थिति नहीं बदली। ICC के मई 2026 के वार्षिक अपडेट में भारत 118 रेटिंग पॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर था। न्यूजीलैंड 113 अंकों के साथ दूसरे और ऑस्ट्रेलिया 109 अंकों के साथ तीसरे नंबर पर था। यानी टॉप पर भारत और उसके पीछे न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला काफी दिलचस्प बना हुआ है। आने वाली वनडे सीरीज में टीमों के प्रदर्शन से रैंकिंग में बदलाव की संभावना बनी रहेगी। New Zealand बना रहा है सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड ने भी पिछले कुछ समय में वनडे क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है। ICC की मौजूदा टीम रैंकिंग में वह दूसरे स्थान पर है और उसके 109 रेटिंग पॉइंट्स हैं। भारत और न्यूजीलैंड की टक्कर सिर्फ टीम रैंकिंग तक सीमित नहीं है। खिलाड़ियों की व्यक्तिगत Rankings में भी दोनों टीमों के सितारे लगातार आगे बढ़ रहे हैं। जुलाई 2026 की ICC अपडेट में भारत के शुभमन गिल, विराट कोहली और रोहित शर्मा ODI Batting Rankings में टॉप पोजिशन के करीब पहुंच रहे थे। India की असली ताकत है consistency वनडे में नंबर-1 बनना एक बात है, लेकिन इतने लंबे समय तक उस स्थान पर बने रहना अलग उपलब्धि है। भारत की मौजूदा स्थिति बताती है कि टीम ने अलग-अलग दौर और परिस्थितियों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल जीत भी भारतीय क्रिकेट के हालिया शानदार दौर का हिस्सा रही है। ICC के 2026 वार्षिक अपडेट में भी भारत को ODI Rankings में शीर्ष स्थान मिला हुआ था। अब नजर नंबर-1 की कुर्सी बचाने पर टीम इंडिया के सामने अब चुनौती सिर्फ टॉप पर पहुंचने की नहीं, बल्कि इस जगह को बनाए रखने की है। न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमें लगातार चुनौती दे रही हैं। ऐसे में आने वाले ODI मुकाबले भारत की रैंकिंग के लिहाज से काफी अहम होंगे। फिलहाल तस्वीर साफ है—Team India ICC ODI Rankings में नंबर-1 है और New Zealand दूसरे स्थान पर। सितंबर 2023 में शुरू हुई भारत की यह बादशाहत करीब तीन साल बाद भी कायम है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Russia Su-57

Russia Su-57 Deal: भारत की नजर 75 Stealth Fighter Jets पर, Modi-Putin Talks से बढ़ी उम्मीद

भारत और रूस के बीच Defence Partnership को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। रूस के Su-57 Stealth Fighter Jet को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है। खबरों के मुताबिक भारत करीब 75 Su-57 Fighter Jets लेने के विकल्प पर विचार कर सकता है। संभावित सौदे की कीमत करीब ₹1 लाख करोड़ तक बताई जा रही है। हालांकि, अभी तक 75 विमानों की खरीद और इतनी रकम की डील को लेकर कोई अंतिम आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की प्रस्तावित मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। बातचीत के दौरान Defence Cooperation के साथ Su-57 की बिक्री और Technology Transfer पर भी चर्चा हो सकती है। Su-57 Deal पर क्यों टिकी हैं नजरें? भारत लंबे समय से अपनी Air Force की combat capability को मजबूत करने पर काम कर रहा है। ऐसे में रूस का पांचवीं पीढ़ी का Su-57 Fighter Jet चर्चा में आना स्वाभाविक है। रूस की ओर से भारत को सिर्फ तैयार विमान देने के बजाय Technology Transfer और स्थानीय स्तर पर उत्पादन से जुड़े विकल्पों पर भी बातचीत के संकेत मिले हैं। अगर इस दिशा में कोई समझौता होता है, तो इसका फायदा भारत के Defence Manufacturing Sector को मिल सकता है। 75 Fighter Jets की खबर कितनी सही? सबसे ज्यादा चर्चा 75 Su-57 Jets की संभावित खरीद को लेकर है। कुछ रिपोर्टों में इसकी अनुमानित लागत ₹1 लाख करोड़ तक बताई गई है। लेकिन फिलहाल इसे पक्की Deal मानना सही नहीं होगा। रूस ने Su-57 की बिक्री और तकनीकी सहयोग को लेकर भारत के साथ बातचीत की बात जरूर कही है, लेकिन विमानों की अंतिम संख्या, कीमत और खरीद की शर्तों पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। यानी अभी कहानी बातचीत के दौर में है और आगे की तस्वीर दोनों देशों की बैठक के बाद ज्यादा साफ हो सकती है। Technology Transfer पर भारत का जोर भारत की Defence Procurement Policy में अब केवल विदेशी हथियार खरीदना ही मुख्य लक्ष्य नहीं है। देश की कोशिश है कि बड़े Defence Deals के साथ तकनीक और Manufacturing Capability भी भारत आए। Su-57 के मामले में भी Technology Transfer का मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है। अगर रूस भारत में इस विमान से जुड़ी तकनीक और उत्पादन क्षमता विकसित करने में सहयोग करता है, तो इससे भारतीय Aerospace Industry को लंबी अवधि में फायदा हो सकता है। Su-57 कितना खास है? Su-57 रूस का Fifth Generation Fighter Aircraft है। इसे आधुनिक एवियोनिक्स, स्टील्थ डिजाइन, सेंसर और लंबी दूरी की युद्ध क्षमता को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। भारत के लिए पांचवीं पीढ़ी के Fighter Aircraft की जरूरत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारतीय वायुसेना आने वाले वर्षों में अपने Fighter Squadron को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही भारत का अपना AMCA यानी Advanced Medium Combat Aircraft Programme भी आगे बढ़ रहा है। मोदी-पुतिन Meeting पर सबकी नजर Su-57 के अलावा भारत और रूस की बातचीत का दायरा काफी बड़ा हो सकता है। Defence Cooperation, Nuclear Energy, Trade और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े मुद्दों पर भी दोनों देशों के बीच चर्चा होने की उम्मीद है। ऐसे में अगर Su-57 को लेकर कोई बड़ा ऐलान होता है, तो यह भारत-रूस Defence Relations के लिए अहम पड़ाव साबित हो सकता है। भारत के लिए क्या बदल सकता है? अगर भविष्य में Su-57 की खरीद और Technology Transfer पर सहमति बनती है, तो भारत को एक तरफ आधुनिक Fighter Aircraft मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर घरेलू Defence Manufacturing को भी बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि, अभी 75 Su-57 Jets और ₹1 लाख करोड़ की कीमत को संभावित प्रस्ताव के तौर पर ही देखना बेहतर है। अंतिम फैसला होने तक इन आंकड़ों में बदलाव संभव है। फिलहाल नजरें मोदी-पुतिन की बैठक पर हैं। अगर बातचीत किसी ठोस समझौते तक पहुंचती है, तो Su-57 Deal भारत की Defence Strategy और भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी दोनों के लिए बड़ी खबर बन सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

उज्जैन में खड़े हनुमान की प्रतिमा नहीं हिली, IIT इंदौर की टीम ने शुरू की जांच

उज्जैन: सिंहस्थ की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर का ढांचा हटाया गया, लेकिन मंदिर में स्थापित हनुमान प्रतिमा को हटाने की कोशिश सफल नहीं हो सकी। जेसीबी और क्रेन की मदद से करीब 10 दिनों तक प्रयास किए गए, लेकिन प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली। लगातार कोशिशों के बाद अब प्रशासन ने विशेषज्ञों की मदद ली है। IIT इंदौर की टीम ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर विशेष उपकरणों से प्रतिमा और आसपास की जमीन की जांच की। टीम यह पता लगा रही है कि प्रतिमा जमीन के अंदर कितनी गहराई तक है और उसके नीचे या आसपास किस तरह की संरचना मौजूद है। IIT इंदौर की टीम ने करीब दो घंटे की जांच IIT इंदौर के विशेषज्ञों ने करीब दो घंटे तक मंदिर परिसर में जांच की। विशेष उपकरणों के जरिए प्रतिमा की गहराई और आसपास की जमीन की संरचना से जुड़ी जानकारी जुटाई गई है। अब विशेषज्ञ अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेंगे। रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि प्रतिमा को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह ले जाना संभव है या नहीं। नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा के मुताबिक, मंदिर के पंडित के आग्रह पर IIT इंदौर की टीम को बुलाया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही प्रतिमा को हटाने की प्रक्रिया और तारीख तय की जाएगी। सिंहस्थ के लिए सड़क चौड़ीकरण का काम सिंहस्थ की तैयारियों के तहत कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। सड़क की चौड़ाई करीब 15 मीटर किए जाने की योजना है। इसी दायरे में खड़े हनुमान मंदिर का हिस्सा आ रहा था। प्रतिमा हटाने के लिए नगर निगम की टीम कटर और अन्य मशीनों के साथ पहुंची थी। हालांकि, भक्तों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि मशीनों या ज्यादा ताकत के इस्तेमाल से प्रतिमा को नुकसान पहुंच सकता है। इसके बाद मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग की गई। भक्तों ने निगम कमिश्नर को ज्ञापन देकर विशेषज्ञों से प्रतिमा की जांच कराने की मांग की थी। पुरातत्व विशेषज्ञ के मुताबिक 1000 साल पुरानी हो सकती है प्रतिमा विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के पुरातत्व विशेषज्ञ प्रो. डॉ. रमण सोलंकी के मुताबिक, प्रतिमा करीब 1000 वर्ष पुरानी हो सकती है। उनका कहना है कि पुराने समय में बड़ी प्रतिमाओं को इंटरलॉक तकनीक से स्थापित किया जाता था और संभव है कि खड़े हनुमान की प्रतिमा भी इसी तकनीक से स्थापित की गई हो। उनके मुताबिक, प्रतिमा मालवा क्षेत्र में मिलने वाले मजबूत बेसाल्ट पत्थर की हो सकती है। परमार वंश और राजा भोज के समय इस तरह के पत्थरों पर कलाकृतियां बनाने की परंपरा रही है। लंबे समय से सिंदूर चढ़ाए जाने के कारण प्रतिमा की मूल बनावट और भाव-भंगिमा भी स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती। प्रतिमा नहीं हिली तो भक्तों ने माना भगवान का संकेत प्रतिमा को हटाने की कोशिशों के बावजूद उसके नहीं हिलने की खबर सोशल मीडिया तक पहुंच गई। इसके बाद स्थानीय श्रद्धालुओं, पुजारियों और हिंदू संगठनों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई। कई भक्त इसे भगवान का संकेत और चमत्कार मान रहे हैं। प्रतिमा को हटाने के विरोध में हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। श्रद्धालुओं के बीच खड़े हनुमान को ‘डॉक्टर हनुमान’ और मंदिर को ‘उज्जैन का एम्स’ कहे जाने की मान्यता है। भक्तों का विश्वास है कि यहां बच्चों और बीमार लोगों की मन्नतें पूरी होती हैं। बच्चों के इलाज से जुड़ी है धार्मिक मान्यता मंदिर के पुजारी महेश बैरागी के मुताबिक, यहां लंबे समय से छोटे बच्चों को झाड़नी देने और ताबीज बांधने की परंपरा है। उनका दावा है कि इससे कई बच्चों को फायदा मिला है। उन्होंने एक बच्चे का उदाहरण देते हुए बताया कि उसका लिवर ट्रांसप्लांट होना था। परिवार बच्चे को एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन हर बार उसकी तबीयत बिगड़ जाती थी। इसके बाद परिवार मंदिर आया और बच्चे को भगवान का ताबीज बांधा गया। पुजारी के मुताबिक, इसके बाद बच्चे को एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया गया, जहां उसका लिवर ट्रांसप्लांट हुआ। यह पुजारी द्वारा बताई गई घटना और धार्मिक मान्यता है, इसे चिकित्सकीय रूप से मंदिर की प्रक्रिया का परिणाम प्रमाणित नहीं किया गया है। मुस्लिम परिवार भी मन्नत लेकर पहुंचते हैं स्थानीय भक्त शिवेंद्र तिवारी के मुताबिक, मंदिर में मुस्लिम समाज के परिवार भी मन्नत मांगने आते हैं। उनके अनुसार संतान प्राप्ति या बीमारी जैसी समस्याओं को लेकर भी लोग यहां पहुंचते हैं। फिलहाल प्रशासन ने प्रतिमा को हटाने का फैसला विशेषज्ञ रिपोर्ट आने तक रोक दिया है। अब IIT इंदौर की रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा सकता है या नहीं।

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