आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGप्रदेशबिलासपुर में मां महामाया ध्वजा यात्रा का जगह-जगह स्वागत, माता के जयकारों से गूंजे गांव◆BREAKINGदेश-हरपलParvinder Singh Jhotta मेडिकल स्टोर पर विवाद के बाद समाजसेवी की हत्या, जांच में जुटी पुलिस◆BREAKINGप्रदेशइंदौर में नर्मदा पाइपलाइन लीकेज से पानी की सप्लाई प्रभावित, 20 टंकियां नहीं भर पाएंगी पूरी◆BREAKINGदेश-हरपलSIR Controversy जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे CJP नेता, आशुतोष रांका और सौरव दास हिरासत में◆BREAKINGप्रदेशभोपाल में गरबा महोत्सव के दौरान बदलेगा ट्रैफिक, 13 से 17 अक्टूबर तक लागू रहेंगे डायवर्जन◆BREAKINGदेश-हरपलPM Modi Statement: पीएम मोदी बोले- भारत ने दुनिया को दी सस्ती दवाएं, बदले में Royalty भी नहीं ली◆BREAKINGधर्म-कर्मNavratri 2026: तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें महत्त्व, कथा और मंत्र◆BREAKINGदेश-हरपलJantar Mantar Ban: 1993 से विरोध की आवाज बना जंतर-मंतर, अब प्रदर्शन के नियमों में बदलाव◆BREAKINGप्रदेशबिलासपुर में मां महामाया ध्वजा यात्रा का जगह-जगह स्वागत, माता के जयकारों से गूंजे गांव◆BREAKINGदेश-हरपलParvinder Singh Jhotta मेडिकल स्टोर पर विवाद के बाद समाजसेवी की हत्या, जांच में जुटी पुलिस◆BREAKINGप्रदेशइंदौर में नर्मदा पाइपलाइन लीकेज से पानी की सप्लाई प्रभावित, 20 टंकियां नहीं भर पाएंगी पूरी◆BREAKINGदेश-हरपलSIR Controversy जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे CJP नेता, आशुतोष रांका और सौरव दास हिरासत में◆BREAKINGप्रदेशभोपाल में गरबा महोत्सव के दौरान बदलेगा ट्रैफिक, 13 से 17 अक्टूबर तक लागू रहेंगे डायवर्जन◆BREAKINGदेश-हरपलPM Modi Statement: पीएम मोदी बोले- भारत ने दुनिया को दी सस्ती दवाएं, बदले में Royalty भी नहीं ली◆BREAKINGधर्म-कर्मNavratri 2026: तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें महत्त्व, कथा और मंत्र◆BREAKINGदेश-हरपलJantar Mantar Ban: 1993 से विरोध की आवाज बना जंतर-मंतर, अब प्रदर्शन के नियमों में बदलाव◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

AAP Crisis: “आप” की झाड़ू क्यों बिखरी? | केजरीवाल की राजनीति पर बड़ा सवाल

Table of Content

संपादकीय – निखिल सिद्धभट्टी

भारतीय घरों में झाड़ू सिर्फ सफाई का साधन नहीं, एक प्रतीक भी है—संगठन का, संतुलन का और टिकाऊपन का। कोई भी गृहिणी आपको बताएगी कि अच्छी झाड़ू वही होती है जिसकी हर एक तिनकी मजबूती से एक-दूसरे से जुड़ी हो और बीच में एक मजबूत आधार हो। लेकिन अगर वही झाड़ू सिर्फ दिखावे के लिए किसी चमकदार पाइप में कसकर बंद कर दी जाए, तो वह ज़्यादा दिन नहीं चलती। यही रूपक आज आम आदमी पार्टी (AAP) की स्थिति पर सटीक बैठता है।

AAP की स्थापना भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जनांदोलन के रूप में हुई थी। इसमें समाज के वे लोग जुड़े थे जो पारंपरिक राजनीति से दूर रहकर देश को एक नई दिशा देना चाहते थे—शांति भूषण, योगेंद्र यादव, आशुतोष, कुमार विश्वास और आगे चलकर राघव चड्ढा जैसे नाम इस विचारधारा के स्तंभ बने। यह वह जमात थी जो सिर्फ सत्ता नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन की बात करती थी।

लेकिन समय के साथ यह झाड़ू बिखरती चली गई। सवाल उठता है—क्या यह बिखराव सिर्फ “ऑपरेशन लोटस” जैसी राजनीतिक रणनीतियों का परिणाम है? या इसके पीछे कुछ और गहरी वजहें हैं?

निस्संदेह, भारतीय राजनीति में विपक्षी दलों को तोड़ने के आरोप नई बात नहीं हैं। “ऑपरेशन लोटस” का नाम भी इसी संदर्भ में बार-बार सामने आता है। लेकिन अगर हम ईमानदारी से विश्लेषण करें, तो यह मानना मुश्किल है कि AAP से जुड़े इतने शिक्षित, वैचारिक और स्वतंत्र सोच वाले लोग सिर्फ बाहरी दबाव में पार्टी छोड़ते चले गए। असली कारण कहीं अधिक आंतरिक दिखाई देता है।

AAP के भीतर समय के साथ एक “वन मैन शो” की छवि उभरती गई। अरविंद केजरीवाल का नेतृत्व शुरुआत में आंदोलनकारी ऊर्जा से भरा हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे उसी नेतृत्व में केंद्रीकरण और कथित “सिंडिकेट संस्कृति” की झलक दिखने लगी। निर्णय लेने की प्रक्रिया सीमित होती गई, असहमति के लिए जगह सिकुड़ती गई, और नतीजा यह हुआ कि एक-एक कर पार्टी के संस्थापक चेहरे किनारे होते चले गए।

विडंबना यह भी है कि जो पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ी हुई थी, उसके कई प्रमुख नेता खुद भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरकर जेल तक पहुंच गए। इससे न केवल पार्टी की नैतिक साख को झटका लगा, बल्कि उसके मूल विचार को भी कमजोर किया।

राघव चड्ढा जैसे युवा और प्रभावशाली नेता का लंबे समय तक पार्टी की सक्रिय गतिविधियों से दूरी बनाना भी एक संकेत था—एक ऐसा संकेत जिसे शायद समय रहते समझा नहीं गया। आज भी पार्टी के भीतर ऐसे कई चेहरे हैं जो खुलकर सामने नहीं आ रहे, लेकिन “घुटन” महसूस कर रहे हैं।

अब सवाल यह नहीं है कि दोष किस पर डाला जाए—BJP, मोदी या अमित शाह पर। सवाल यह है कि क्या AAP अपने भीतर झांकने को तैयार है?

अरविंद केजरीवाल के सामने आज सबसे बड़ी चुनौती आत्ममंथन की है। उन्हें यह समझना होगा कि AAP कोई पारंपरिक पार्टी नहीं थी, बल्कि एक विचार था—और विचार को आदेशों से नहीं, संवाद से चलाया जाता है। उन्हें अपने पुराने और नए साथियों के साथ बैठकर एक नया रास्ता तैयार करना होगा, न कि “सुपर CM” की छवि में सिमट जाना होगा।

अगर समय रहते यह झाड़ू फिर से नहीं गूंथी गई, तो वह दिन दूर नहीं जब इस झाड़ू में सिर्फ एक ही तिनका बचेगा—और तब सफाई नहीं, सिर्फ प्रतीक रह जाएगा।

अब वक्त है—हर तिनके को फिर से जोड़ने का। वरना इतिहास गवाह है, बिखरी हुई झाड़ू न घर साफ कर पाती है, न राजनीति।

Anil

deshharpal@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

बिलासपुर में मां महामाया ध्वजा यात्रा का जगह-जगह स्वागत, माता के जयकारों से गूंजे गांव

बिलासपुर। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में विधायक सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में निकाली जा रही मां महामाया ध्वजा यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा के दूसरे दिन गांव-गांव में श्रद्धालुओं ने इसका स्वागत किया। पूरे मार्ग पर माता के जयकारे और जसगीत गूंजते रहे। भक्त भक्ति में झूमते और नाचते नजर आए। इन गांवों से होकर गुजरी ध्वजा यात्रा मां महामाया ध्वजा यात्रा टेकर से शुरू होकर गिधौरी, नेवसा, जाली, बेलतरा, सलखा, धौरामुड़ा, बिटकुली, करमा, बसहा, नगपुरा, गोपालपुर, पाण्डेयपुर और भिल्मी होते हुए भाड़ी पहुंची। यात्रा के दौरान विभिन्न गांवों में ग्रामीणों ने जगह-जगह स्वागत किया और उत्साह के साथ इसमें हिस्सा लिया। माता के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। बेलतरा में कुर्मी समाज ने किया स्वागत यात्रा का बेलतरा में कुर्मी समाज ने आत्मीय स्वागत किया। वहीं, सलखा, धौरामुड़ा, बिटकुली, करमा और बसहा जैसे आदिवासी गांवों में भी ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। श्रद्धालुओं की मौजूदगी और माता के जयकारों के बीच यात्रा आगे बढ़ती रही। नवरात्रि के इस आयोजन में गांवों के लोगों की भागीदारी से धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला।
Parvinder Singh Jhotta

Parvinder Singh Jhotta मेडिकल स्टोर पर विवाद के बाद समाजसेवी की हत्या, जांच में जुटी पुलिस

पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले समाजसेवी परविंदर सिंह झोटा (Parvinder Singh Jhotta) की हत्या का मामला सामने आया है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को हुई इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक मेडिकल स्टोर पर हुए विवाद के दौरान झोटा को गोली मार दी गई। घटना का कथित Facebook Live वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। परविंदर झोटा लंबे समय से इलाके में नशे के खिलाफ अभियान चला रहे थे। वह कथित तौर पर नशीले पदार्थों की बिक्री से जुड़े मामलों को उठाते थे और सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक अपनी बात पहुंचाते थे। उनकी हत्या के बाद नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। Medical Store पर विवाद के बाद चली गोली प्रारंभिक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, परविंदर सिंह झोटा मानसा के एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचे थे। वहां नशीले पदार्थों की कथित बिक्री को लेकर दुकान संचालक से उनकी बहस हो गई। बताया जा रहा है कि झोटा अपने साथ मौजूद एक बुजुर्ग व्यक्ति के मामले को लेकर दुकान संचालक से सवाल कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर मेडिकल स्टोर के CCTV फुटेज दिखाने की मांग की। बातचीत बढ़ते-बढ़ते विवाद में बदल गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी दौरान गोली चलाई गई, जिसमें झोटा गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि, विवाद की पूरी वजह और गोली चलने की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। Facebook Live Video में सुनाई दी गोली चलने की आवाज इस घटना का कथित Facebook Live वीडियो भी सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, झोटा घटना के समय सोशल मीडिया पर लाइव थे। वीडियो में मेडिकल स्टोर पर हो रही बहस सुनाई देने की बात कही जा रही है। इसी दौरान गोली चलने की आवाज भी सुनाई देती है। वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की पूरी प्रमाणिकता और उसमें दिखाई देने वाली घटनाओं के क्रम की पुष्टि संबंधित जांच के आधार पर ही की जानी चाहिए। नशे के खिलाफ अभियान चलाते थे परविंदर झोटा परविंदर सिंह झोटा मानसा और आसपास के क्षेत्रों में नशे के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए जाने जाते थे। वह कथित तौर पर नशीले पदार्थों की बिक्री से जुड़े मामलों को सामने लाने के लिए वीडियो बनाते थे और सोशल मीडिया पर साझा करते थे। उनका उद्देश्य इलाके में नशे की समस्या को उजागर करना और इस पर कार्रवाई की मांग करना था। उनके अभियान को लेकर पहले भी विवाद सामने आने की खबरें आई थीं। वर्ष 2023 में भी एक मेडिकल स्टोर संचालक से विवाद के बाद वह चर्चा में आए थे। उनकी हत्या के बाद एक बार फिर पंजाब में नशे की समस्या और इससे जुड़े मामलों पर कार्रवाई को लेकर बहस शुरू हो गई है। आरोपी की तलाश और पुलिस जांच पर नजर प्रारंभिक मीडिया रिपोर्ट्स में मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार का नाम सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। फिलहाल हत्या के पीछे की पूरी वजह, विवाद की परिस्थितियों और घटना में शामिल लोगों की भूमिका को लेकर जांच के निष्कर्षों का इंतजार है। मामले में किसी भी दावे को अंतिम सच मानने से पहले पुलिस की आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है। Punjab में Drug Problem फिर चर्चा में पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से सामाजिक और प्रशासनिक चिंता का विषय रही है। नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर झोटा की हत्या ने इस मुद्दे को फिर सुर्खियों में ला दिया है। यह घटना उन लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाती है, जो अपने इलाकों में नशे की कथित बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते हैं। साथ ही, यह जरूरत भी सामने आती है कि ऐसी शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो और कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में अब पुलिस जांच से जुड़े अगले अपडेट पर नजर रहेगी। घटना के पीछे की असली वजह और जिम्मेदार लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

इंदौर में नर्मदा पाइपलाइन लीकेज से पानी की सप्लाई प्रभावित, 20 टंकियां नहीं भर पाएंगी पूरी

शहर में राजेंद्र नगर मेन रोड पर नर्मदा जलप्रदाय की मुख्य पाइपलाइन में लीकेज होने से जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है। 1200 एमएम व्यास की पाइपलाइन में लीकेज सुधारने के लिए सोमवार दोपहर नर्मदा जलप्रदाय परियोजना के पहले और दूसरे चरण के सभी पंप बंद करने पड़े। मरम्मत पूरी होने के बाद रात करीब 10 बजे पंप दोबारा चालू कर दिए गए, लेकिन मंगलवार सुबह शहर की 20 पानी की टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भर पाएंगी। सोमवार दोपहर शुरू हुआ लीकेज सुधारने का काम जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 3:50 बजे राजेंद्र नगर मेन रोड पर 1200 एमएम व्यास की पीएससी ग्रेविटी मेन पाइपलाइन में लीकेज सुधारने का काम शुरू किया गया था। मरम्मत के दौरान नर्मदा जलप्रदाय परियोजना के पहले और दूसरे चरण के सभी पंप बंद रखे गए। काम पूरा होने के बाद रात करीब 10 बजे पंप दोबारा चालू कर दिए गए। हालांकि, पंप बंद रहने के कारण मंगलवार सुबह होने वाली जलापूर्ति पर असर पड़ सकता है। टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भरने के कारण संबंधित क्षेत्रों में कम दबाव से पानी मिलने या निर्धारित मात्रा में सप्लाई नहीं होने की आशंका है। इन 20 क्षेत्रों में प्रभावित हो सकती है पानी की सप्लाई नगर निगम के मुताबिक, मंगलवार सुबह इन क्षेत्रों की पानी की टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भर पाएंगी: इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मंगलवार को पानी की उपलब्धता में कमी या कम दबाव की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। नगर निगम की लोगों से अपील नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि जलापूर्ति प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए पानी का आवश्यकतानुसार उपयोग करें और पानी बर्बाद करने से बचें।
CJP

SIR Controversy जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे CJP नेता, आशुतोष रांका और सौरव दास हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर मंगलवार, 13 अक्टूबर को एक बार फिर तनाव की स्थिति बनी। CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दोनों नेता वहां प्रदर्शन करने पहुंचे थे। खास बात यह है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर पाबंदियां लागू होने के बावजूद CJP नेताओं ने पीछे हटने के बजाय इसी जगह पर अपनी बात रखने का फैसला किया। यह पूरा मामला मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रहे विरोध से जुड़ा है। CJP के नेताओं का कहना है कि वे अपनी मांगों को सार्वजनिक रूप से उठाना चाहते हैं। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शन से संबंधित आदेशों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए आधिकारिक जानकारी जरूरी है। जंतर-मंतर पहुंचे CJP नेता, पुलिस ने लिया हिरासत में मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आशुतोष रांका और सौरव दास मंगलवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। यहां प्रदर्शन की अनुमति को लेकर पाबंदियां लागू थीं। इसी दौरान पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में ले लिया। CJP नेताओं का रुख है कि वे अपनी मांगों को लेकर इसी जगह पर प्रदर्शन करना चाहते हैं। पार्टी की ओर से विरोध जारी रखने की बात कही गई है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति और सार्वजनिक स्थानों पर विरोध दर्ज कराने के अधिकार से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, हिरासत में लिए गए नेताओं की मौजूदा स्थिति और पुलिस की आगे की कार्रवाई को लेकर ताजा आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। Jantar Mantar पर Protest Ban क्यों बना मुद्दा? जंतर-मंतर दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का एक जाना-पहचाना केंद्र रहा है। यहां अलग-अलग राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिक समूहों ने कई मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई है। इसलिए इस जगह पर प्रदर्शन से जुड़ी पाबंदियां लगने की खबर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। CJP नेताओं ने पाबंदियों के बीच भी जंतर-मंतर पर पहुंचकर प्रदर्शन करने का फैसला किया। दूसरी ओर, पुलिस की कार्रवाई के पीछे अनुमति और कानून-व्यवस्था से जुड़े नियम बताए जा रहे हैं। इस मामले में यह जानना अहम है कि संबंधित आदेश किस तारीख से लागू हुआ, उसमें किन गतिविधियों पर रोक लगाई गई और क्या किसी तरह की अनुमति का विकल्प उपलब्ध है। इन सवालों का जवाब संबंधित सरकारी आदेश और प्रशासन के आधिकारिक पक्ष से ही स्पष्ट होगा। Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग, SIR पर क्या है विवाद? CJP का विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़ा है। पार्टी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) यानी SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है। प्रदर्शनकारियों की चिंता है कि मतदाता सूची में नाम हटाए जाने से पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इसी मुद्दे पर विपक्ष के कुछ नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया के दौरान नाम हटने के अलग-अलग कारण हो सकते हैं। इसलिए इस मुद्दे पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों, संबंधित आदेशों और आपत्तियों की स्थिति को देखना जरूरी है। पहले भी हिरासत में लिए गए थे CJP नेता जंतर-मंतर पर ताजा कार्रवाई से पहले भी CJP नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर आई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ आशुतोष रांका और सौरव दास को भी हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उनकी रिहाई की खबर सामने आई। अब एक बार फिर आशुतोष रांका और सौरव दास को हिरासत में लिए जाने से CJP के प्रदर्शन और प्रशासन के बीच टकराव का मुद्दा चर्चा में है। आगे क्या होगा? फिलहाल, इस मामले में तीन बातें अहम हैं—हिरासत में लिए गए नेताओं की स्थिति, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर लागू आदेश और CJP की आगे की रणनीति। एक तरफ प्रशासन को सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमों का पालन कराना होता है, तो दूसरी तरफ शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

भोपाल में गरबा महोत्सव के दौरान बदलेगा ट्रैफिक, 13 से 17 अक्टूबर तक लागू रहेंगे डायवर्जन

भेल दशहरा मैदान में 13 से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव को लेकर शहर की यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। नगरीय यातायात पुलिस ने कार्यक्रम में आने वाले लोगों और आम वाहन चालकों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं। यह व्यवस्था प्रतिदिन शाम 6 बजे से यातायात के दबाव के अनुसार लागू होगी। इन रास्तों से गुजर सकेंगे वाहन 1. महात्मा गांधी चौराहे से ISBT जाने के लिए महात्मा गांधी चौराहे से कैरियर कॉलेज की ओर आने वाले वाहन गेट नंबर-6, गुलाब उद्यान तिराहा और कस्तूरबा अस्पताल के रास्ते ISBT व चेतक ब्रिज की ओर जा सकेंगे। 2. MP नगर से अवधपुरी जाने के लिए MP नगर थाना चौराहे से डॉ. भीमराव आंबेडकर फ्लाईओवर, RRL तिराहा और एम्स अस्पताल के सामने से होते हुए चार लेन सड़क के रास्ते अवधपुरी की ओर आवागमन किया जा सकेगा। 3. चेतक ब्रिज से महात्मा गांधी चौराहे जाने के लिए गोविंदपुरा टर्निंग से महात्मा गांधी चौराहे की ओर जाने वाले वाहन सांची डेयरी कट पॉइंट, कस्तूरबा अस्पताल के आगे, गुलाब उद्यान रोड, गेट नंबर-6 और बरखेड़ा मार्केट से होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। 4. ITI तिराहे से चेतक ब्रिज और ISBT जाने के लिए ITI तिराहे से कैरियर कॉलेज तिराहा होकर चेतक ब्रिज और ISBT जाने वाले वाहन सिक्योरिटी लाइन चौराहे से सांविका पेट्रोल पंप तिराहा होते हुए आगे जा सकेंगे। 5. बसों और व्यावसायिक वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग सभी प्रकार की बसें और व्यावसायिक वाहन पटेल नगर से 11 मील होते हुए बागसेवनिया के रास्ते ISBT की ओर आ-जा सकेंगे। ट्रैफिक पुलिस की वाहन चालकों से अपील नगरीय यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे गरबा महोत्सव के दौरान निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें और यातायात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। इससे कार्यक्रम स्थल के आसपास जाम की स्थिति से बचने में मदद मिलेगी। ट्रैफिक संबंधी परेशानी पर यहां करें संपर्क यातायात संबंधी समस्या होने पर इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.