Bengal में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इसी बीच “CM+2 Formula” की चर्चा ने राजनीति को और दिलचस्प बना दिया है। खबरें हैं कि भाजपा बंगाल में एक मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम वाला मॉडल अपना सकती है, जिसमें एक महिला नेता को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
कोलकाता में होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी बैठक में शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि इसी बैठक के बाद मुख्यमंत्री के नाम पर आधिकारिक मुहर लग जाएगी।
शुभेंदु अधिकारी सबसे मजबूत दावेदार
भाजपा की जीत के बाद से ही शुभेंदु अधिकारी का नाम मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे चल रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने भाजपा के सबसे बड़े चेहरे के रूप में काम किया और कई अहम सीटों पर पार्टी को बढ़त दिलाई।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बंगाल में भाजपा अपने सबसे भरोसेमंद और आक्रामक नेता के तौर पर शुभेंदु अधिकारी को आगे कर सकती है। हालांकि पार्टी की तरफ से अभी तक किसी नाम की पुष्टि नहीं की गई है।
महिला Deputy CM से क्या साधना चाहती है BJP?
भाजपा इस बार बंगाल में महिला वोटर्स को बड़ा संदेश देने की तैयारी में दिखाई दे रही है। यही वजह है कि महिला डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा तेज हो गई है।
पार्टी रणनीतिक तौर पर ऐसा चेहरा सामने लाना चाहती है जो महिला मतदाताओं के साथ-साथ युवा वर्ग को भी आकर्षित कर सके। पिछले कुछ चुनावों में बंगाल की महिला वोटर्स ने निर्णायक भूमिका निभाई है और भाजपा इस समीकरण को अच्छी तरह समझती है।
विधायक दल की बैठक पर टिकी सबकी नजर
कोलकाता में होने वाली विधायक दल की बैठक के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है। सूत्रों के अनुसार पार्टी सिर्फ मुख्यमंत्री के नाम पर ही नहीं, बल्कि पूरे मंत्रिमंडल के संतुलन पर भी काम कर रही है।
क्षेत्रीय समीकरण, जातीय संतुलन और महिला प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए भाजपा अपनी पहली बंगाल सरकार को मजबूत और संतुलित दिखाना चाहती है।
9 मई को हो सकता है शपथ ग्रहण
सूत्रों की मानें तो नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जा सकता है। कार्यक्रम को भव्य बनाने की तैयारी चल रही है और इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक हुआ तो बंगाल की राजनीति में यह एक बड़ा बदलाव साबित होगा। लंबे समय बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन देखने को मिलेगा और भाजपा नए नेतृत्व के साथ अपनी नई पारी शुरू करेगी।
बंगाल की राजनीति में नए दौर की शुरुआत
2026 विधानसभा चुनाव के नतीजों ने बंगाल की राजनीति का पूरा समीकरण बदल दिया है। भाजपा अब सिर्फ विपक्ष की भूमिका में नहीं, बल्कि सरकार चलाने की तैयारी में है।
अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि भाजपा आखिर किस चेहरे पर भरोसा जताती है और क्या वाकई बंगाल में CM+2 Formula लागू होता है या नहीं। विधायक दल की बैठक के बाद इस सस्पेंस से पर्दा उठ सकता है।
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