देशभर में मौसम ने अचानक करवट लेनी शुरू कर दी है। एक तरफ जहां लोगों को भीषण गर्मी परेशान कर रही है, वहीं दूसरी तरफ मानसून को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम विभाग के मुताबिक इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय से करीब 4 दिन पहले भारत में एंट्री कर सकता है।
मानसून की जल्द दस्तक से किसानों के चेहरे पर उम्मीद लौट आई है, लेकिन फिलहाल उत्तर भारत और राजस्थान के कई इलाके तेज गर्मी की मार झेल रहे हैं। राजस्थान का बाड़मेर लगातार दूसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया, जहां तापमान 47.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
Early Monsoon से बढ़ी राहत की उम्मीद
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम तेजी से सक्रिय हो रहे हैं। यही वजह है कि मानसून सामान्य तारीख से पहले आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।
अगर मानसून तय समय से पहले पहुंचता है, तो इसका सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलेगा। धान, मक्का और दूसरी खरीफ फसलों की बुवाई समय पर शुरू हो सकेगी। साथ ही भीषण गर्मी से परेशान लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
UP-Bihar समेत कई राज्यों में Rain & Thunderstorm Alert
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान कई राज्यों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। जिन राज्यों में मौसम बदलने की संभावना जताई गई है, उनमें शामिल हैं:
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- झारखंड
- पश्चिम बंगाल
- मध्य प्रदेश के कुछ इलाके
इन राज्यों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है।
राजस्थान में Heatwave का कहर जारी
जहां कई राज्यों में बारिश राहत देने वाली है, वहीं राजस्थान अभी भी आग उगलती गर्मी से जूझ रहा है। बाड़मेर में तापमान 47.3°C दर्ज किया गया, जो देश में सबसे ज्यादा रहा।
जैसलमेर, बीकानेर और जोधपुर में भी लू के थपेड़ों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आ रही हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
डॉक्टरों ने बच्चों और बुजुर्गों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। ज्यादा पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचने की अपील की गई है।
मौसम के दो रंग: कहीं बारिश, कहीं आग जैसी गर्मी
देश में इस समय मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि पश्चिमी भारत अभी भी भीषण गर्मी की गिरफ्त में है।
हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की रफ्तार अगर इसी तरह बनी रही, तो आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है और लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
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