कर्नाटक की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। लंबे समय से चल रही राजनीतिक चर्चाओं और कांग्रेस हाईकमान की बैठकों के बाद आखिरकार डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) आज कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। बेंगलुरु में शाम 4 बजे होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।
कांग्रेस पार्टी के लिए यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व अब राज्य में नए चेहरे के साथ नई शुरुआत करने की तैयारी में है।
आज जारी हो सकती है मंत्रियों की पहली List
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण के साथ ही कैबिनेट के कुछ मंत्रियों के नामों का भी ऐलान किया जा सकता है। पिछले कई दिनों से दिल्ली में लगातार बैठकों का दौर चल रहा था, जहां राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने संभावित मंत्रियों के नामों पर चर्चा की।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस इस बार क्षेत्रीय और जातीय संतुलन पर खास ध्यान दे रही है ताकि राज्य के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व मिल सके। पार्टी पुराने अनुभव और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में है।
Siddaramaiah को मिली बड़ी जिम्मेदारी
डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को कांग्रेस संगठन में बड़ी भूमिका दी गई है। उन्हें कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी CWC का सदस्य बनाया गया है। राजनीतिक जानकार इसे कांग्रेस का संतुलन साधने वाला फैसला मान रहे हैं।
सिद्धारमैया लंबे समय से कर्नाटक कांग्रेस का बड़ा चेहरा रहे हैं और उनका संगठन में सक्रिय रहना पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है। इससे यह भी साफ संकेत मिलता है कि कांग्रेस राज्य और राष्ट्रीय राजनीति दोनों स्तरों पर संतुलन बनाए रखना चाहती है।
बेंगलुरु में बढ़ी हलचल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर बेंगलुरु में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। कार्यक्रम में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं और अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं। समारोह को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
सरकार ने कुछ सरकारी दफ्तरों में आधे दिन की छुट्टी घोषित की है ताकि कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक और भीड़ को संभाला जा सके।
DK Shivakumar के सामने होंगी कई बड़ी चुनौतियां
मुख्यमंत्री बनने के बाद डीके शिवकुमार के सामने कई बड़ी जिम्मेदारियां होंगी। उन्हें सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाना होगा। साथ ही चुनावी वादों को जमीन पर उतारना, विकास कार्यों को गति देना और विपक्ष के आरोपों का जवाब देना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस अब कर्नाटक में मजबूत पकड़ बनाए रखने के साथ-साथ आने वाले लोकसभा चुनावों की रणनीति भी तैयार कर रही है। ऐसे में डीके शिवकुमार का कार्यकाल पार्टी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
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