दुनिया की बदलती राजनीति के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत को लेकर दिया गया बयान काफी चर्चा में है। पुतिन ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका अगर भारत पर दबाव डालने की कोशिश करता है, तो उसका कोई खास असर नहीं होगा। उन्होंने भारत को “महान देश” बताते हुए कहा कि रूस और भारत की दोस्ती मजबूत थी, मजबूत है और आगे भी बनी रहेगी।
रूस के राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब भारत एक तरफ अमेरिका के साथ अपने रिश्ते मजबूत कर रहा है, वहीं दूसरी ओर रूस के साथ भी रणनीतिक साझेदारी बनाए हुए है।
‘भारत खुद फैसले लेने वाला देश’
पुतिन ने कहा कि भारत किसी के दबाव में आने वाला देश नहीं है। भारत अपनी विदेश नीति अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर तय करता है। यही वजह है कि आज दुनिया के बड़े देश भारत को गंभीरता से लेते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और रूस के बीच वर्षों पुराना भरोसा है, जिसे कोई तीसरा देश कमजोर नहीं कर सकता।
US से बढ़ती नजदीकी पर रूस का बड़ा संदेश
पिछले कुछ सालों में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, टेक्नोलॉजी और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ा है। लेकिन इसके बावजूद रूस लगातार भारत को अपना करीबी सहयोगी बता रहा है।
पुतिन ने संकेत दिए कि भारत और रूस आने वाले समय में ऊर्जा, रक्षा और व्यापार जैसे सेक्टर में नए समझौते कर सकते हैं। खासतौर पर तेल और डिफेंस डील को लेकर दोनों देशों के रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत माने जा रहे हैं।
यूक्रेन युद्ध के बाद और बढ़ी भारत की अहमियत
यूक्रेन युद्ध के बाद जब पश्चिमी देशों ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए, तब भी भारत ने संतुलित रुख अपनाया। भारत ने अपने हितों को प्राथमिकता देते हुए रूस से तेल खरीद जारी रखी।
इसी वजह से रूस कई बार सार्वजनिक मंचों से भारत की तारीफ कर चुका है। पुतिन का ताजा बयान भी इसी भरोसे को दिखाता है।
भारत की Foreign Policy क्यों हो रही मजबूत?
विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत इस समय “Balanced Foreign Policy” पर काम कर रहा है। भारत किसी एक देश पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय हर बड़े देश के साथ अपने संबंध मजबूत रख रहा है।
यही कारण है कि आज भारत अमेरिका, रूस, यूरोप और मध्य पूर्व—सभी के लिए एक अहम साझेदार बन चुका है।
दुनिया को क्या संदेश देता है यह बयान?
पुतिन का यह बयान सिर्फ दोस्ती दिखाने तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि यह भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत का संकेत भी है। इससे साफ होता है कि आने वाले समय में भारत अंतरराष्ट्रीय राजनीति में और बड़ी भूमिका निभा सकता है।
भारत की यही स्वतंत्र और संतुलित नीति उसे बाकी देशों से अलग बनाती है।
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