पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार (Cabinet Expansion 2026) के बाद राज्य सरकार ने मंत्रियों के बीच विभागों का औपचारिक बंटवारा शुरू कर दिया है। इस फैसले के साथ ही सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
35 मंत्रियों की नई टीम, सरकार ने दिया बड़ा संदेश
नई सरकार में कुल 35 विधायकों को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री दोनों शामिल हैं। इस बड़े विस्तार को राजनीतिक जानकार सरकार की “नए सिरे से टीम स्ट्रक्चर” की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
सरकार का दावा है कि नई टीम में:
- अनुभवी नेताओं को अहम विभाग दिए गए हैं
- क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाए रखा गया है
- युवा चेहरों को भी मौका दिया गया है
CM ने रखा Home Ministry अपने पास, मजबूत नियंत्रण का संकेत
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने सबसे अहम विभागों में से एक गृह मंत्रालय (Home Ministry) अपने पास ही रखा है। यह फैसला राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा नियंत्रण बनाए रखने के उद्देश्य से देखा जा रहा है।
इसके अलावा प्रशासनिक और समन्वय से जुड़े कई महत्वपूर्ण विभाग भी मुख्यमंत्री के पास ही रहेंगे।
Swapan Dasgupta को मिली Finance Ministry की जिम्मेदारी
वरिष्ठ नेता स्वपन दासगुप्ता (Swapan Dasgupta) को राज्य का वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) सौंपा गया है। उनके पास अब राज्य की आर्थिक नीति, बजट तैयार करना और वित्तीय सुधारों की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नियुक्ति आर्थिक प्रबंधन को मजबूत करने और नई वित्तीय रणनीति लागू करने की दिशा में अहम कदम है।
कैबिनेट विस्तार के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
कैबिनेट विस्तार और विभागों के बंटवारे के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार के फैसलों और मंत्री चयन पर सवाल उठा रहा है।
हालांकि सरकार का कहना है कि यह बदलाव प्रशासन को तेज और प्रभावी बनाने के लिए किया गया है।
क्या बदल सकता है आगे?
विशेषज्ञों के अनुसार यह नया कैबिनेट ढांचा आने वाले समय में:
- विकास परियोजनाओं को गति दे सकता है
- विभागीय कामकाज को अधिक प्रभावी बना सकता है
- और सरकार की राजनीतिक पकड़ को मजबूत कर सकता है
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