NEET री-एग्जाम में इस बार कड़ी सख्ती देखने को मिली। परीक्षा केंद्रों पर नियमों का पालन बेहद सख्ती से कराया गया, जिसके चलते सिर्फ 1 मिनट की देरी से पहुंचे कई छात्रों को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
गेट के बाहर रोती रहीं छात्राएं
कई परीक्षा केंद्रों पर ऐसा भावुक माहौल देखने को मिला जब देर से पहुंचे छात्र-छात्राओं को प्रवेश नहीं मिला। गेट के बाहर छात्राएं रोती हुई नजर आईं और अभिभावक भी प्रशासन से गुहार लगाते दिखे।
हिजाब और कलावा को लेकर विवाद
परीक्षा के दौरान कुछ केंद्रों पर ड्रेस कोड और धार्मिक प्रतीकों जैसे हिजाब और कलावा को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी रही। इस मुद्दे ने कई जगह तनावपूर्ण माहौल पैदा कर दिया।
परीक्षा से पहले दो छात्रों की आत्महत्या
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि परीक्षा से पहले दो छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबर ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। इससे परीक्षा व्यवस्था और मानसिक दबाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
सख्त नियमों पर उठे सवाल
हालांकि प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए नियम सख्त किए गए थे, लेकिन छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि इतनी कठोरता से कई छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
