देश में मानसून अब दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कर रहा है। एक तरफ आर्थिक राजधानी मुंबई में लगातार हो रही Heavy Rain ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है, तो दूसरी तरफ राजस्थान अब भी मानसून की पहली अच्छी बारिश का इंतजार कर रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के तटीय इलाकों में अगले 24 से 48 घंटे बेहद अहम बताते हुए लोगों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार हाई टाइड के दौरान अरब सागर में करीब 15 फीट तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन ने मछुआरों के साथ-साथ पर्यटकों और स्थानीय लोगों से भी समुद्र किनारे न जाने की अपील की है।
मुंबई में बारिश बनी बड़ी चुनौती
बुधवार से शुरू हुई तेज बारिश गुरुवार को भी कई इलाकों में जारी रही। शहर के निचले हिस्सों में पानी भरने से सड़क यातायात प्रभावित हुआ। कई जगहों पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला, जबकि लोकल ट्रेन सेवाओं पर भी बारिश का असर पड़ा। ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों और स्कूल-कॉलेज के छात्रों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
नगर निगम और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। जलभराव वाले इलाकों में पंपिंग मशीनें लगाई गई हैं और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तुरंत भेजने की तैयारी की गई है।
समुद्र में 15 फीट तक उठ सकती हैं लहरें
IMD ने चेतावनी दी है कि हाई टाइड के समय समुद्र बेहद उग्र रूप ले सकता है। अनुमान है कि लहरों की ऊंचाई 15 फीट (करीब 4.5 मीटर) तक पहुंच सकती है। इसी वजह से मछुआरों को फिलहाल समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है। वहीं, लोकप्रिय समुद्र तटों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो।
Rajasthan में Monsoon की एंट्री क्यों हुई लेट?
हर साल जून के आखिर तक मानसून राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी रही। मौसम विभाग का अनुमान है कि राजस्थान में मानसून सामान्य समय से लगभग 7 दिन की देरी से प्रवेश करेगा।
हालांकि राहत की बात यह है कि जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून तेजी पकड़ सकता है। इसके बाद जयपुर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर, अजमेर और आसपास के कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
इन राज्यों में भी बारिश का Alert
IMD के मुताबिक अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मैदानी क्षेत्रों में जलभराव का खतरा बना हुआ है।
क्या करें, क्या न करें?
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि बहुत जरूरी हो तभी घर से निकलें। समुद्र किनारे सेल्फी लेने या लहरों के करीब जाने से बचें। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट पर लगातार नजर रखें।
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