केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP (कॉकरोच पार्टी) का आंदोलन लगातार चर्चा में बना हुआ है। जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच शनिवार को दो बड़ी घटनाओं ने सबका ध्यान खींचा। एक तरफ आंदोलन से जुड़े प्रमुख नेता अभिजीत दीपके की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें टाइफाइड होने की पुष्टि हुई, वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। अब सभी की नजर सरकार के उस जवाब पर है, जिसका इंतजार प्रदर्शनकारी कई दिनों से कर रहे हैं।
अभिजीत दीपके की तबीयत बिगड़ी, डॉक्टरों ने आराम की सलाह दी
आंदोलन के दौरान लगातार सक्रिय रहने वाले CJP नेता अभिजीत दीपके की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब चल रही थी। मेडिकल जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें टाइफाइड होने की पुष्टि की है। फिलहाल उनका इलाज जारी है और चिकित्सकों ने कुछ दिनों तक पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है।
हालांकि, पार्टी के नेताओं का कहना है कि दीपके की गैरमौजूदगी के बावजूद आंदोलन अपने तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा। संगठन का दावा है कि उनकी मुख्य मांगों पर फैसला होने तक प्रदर्शन खत्म नहीं किया जाएगा।
Jantar Mantar पर बढ़ाई गई Security
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगा दी है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कदम केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए उठाया गया है।
प्रदर्शन स्थल के आसपास आने-जाने वाले लोगों को ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
Dharmendra Pradhan के इस्तीफे पर आज सरकार का जवाब संभव
CJP की सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। बीते कुछ दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। कुछ मांगों पर सकारात्मक संकेत मिलने की बात सामने आई, लेकिन इस्तीफे के मुद्दे पर अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, आज सरकार इस मामले में अपना आधिकारिक पक्ष रख सकती है। यदि कोई ठोस घोषणा होती है, तो आंदोलन की आगे की रणनीति भी उसी के आधार पर तय होगी।
क्या है पूरा विवाद?
CJP का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर संगठन पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
दूसरी ओर, सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। ऐसे में आज का दिन इस पूरे आंदोलन के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का जवाब और प्रदर्शनकारियों की अगली रणनीति तय करेगी कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ेगा।
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