देशभर में NEET Paper Leak विवाद को लेकर छात्रों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा की निष्पक्षता पर उठे सवालों के बीच अब यह मुद्दा राजनीतिक रूप भी ले चुका है। दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच महाराष्ट्र में भी आंदोलन तेज हो गया है। इसी कड़ी में शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने छात्रों के समर्थन में मुंबई में संयुक्त Tiranga Yatra निकालने का फैसला किया है। दोनों नेताओं का कहना है कि यह यात्रा किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि देश के छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में भरोसा कायम रखने के लिए निकाली जा रही है।
छात्रों के समर्थन में पहली बार साथ आए उद्धव और राज ठाकरे
महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय बाद ऐसा मौका देखने को मिलेगा जब उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक मंच पर नजर आएंगे। दोनों नेता 26 जुलाई को मुंबई के शिवाजी पार्क से सिद्धिविनायक मंदिर तक तिरंगा यात्रा का नेतृत्व करेंगे। आयोजकों के मुताबिक यात्रा में किसी भी पार्टी का झंडा नहीं होगा, केवल तिरंगा लेकर लोग शामिल होंगे।
नेताओं का कहना है कि लाखों छात्रों ने कड़ी मेहनत के बाद परीक्षा दी, लेकिन कथित पेपर लीक की खबरों ने उनके विश्वास को झटका दिया है। ऐसे में छात्रों को न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है।
NEET Paper Leak को लेकर बढ़ा विरोध
कथित पेपर लीक मामले के बाद कई राज्यों में छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को और पारदर्शी बनाया जाए।
मुंबई में भी बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई। कई संगठनों ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
विपक्षी दलों का आरोप है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस समेत कई विपक्षी नेताओं ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया है। वहीं उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह किसी राजनीतिक लाभ का आंदोलन नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य की लड़ाई है।
दूसरी ओर भाजपा ने विपक्ष पर इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया है। सरकार का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
छात्रों के भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता
NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा लाखों छात्रों के करियर का आधार होती है। ऐसे में पेपर लीक के आरोपों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा को और मजबूत करना समय की जरूरत है, ताकि मेहनत करने वाले छात्रों का भरोसा कायम रह सके।
मुंबई में होने वाली तिरंगा यात्रा को सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों के समर्थन में उठाई गई बड़ी आवाज के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और जांच के नतीजों पर टिकी हुई है।
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