मध्य पूर्व में तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अब इस संघर्ष में सऊदी अरब भी खुलकर सामने आ गया है। मंगलवार रात अमेरिका और सऊदी अरब ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इराक में ईरान समर्थित पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (PMF) के ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में 10 लड़ाकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
PMF के ठिकानों पर की गई एयरस्ट्राइक
समाचार एजेंसी AFP के मुताबिक, अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में उन ठिकानों को निशाना बनाया, जहां ईरान समर्थित PMF के लड़ाके मौजूद थे। हमले के बाद इलाके में तनाव और सुरक्षा व्यवस्था दोनों बढ़ा दी गई हैं।
अमेरिका ने बताया हमले का कारण
अमेरिकी सेना का दावा है कि इन ठिकानों से अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों की तैयारी की जा रही थी। इसी खतरे को देखते हुए संयुक्त सैन्य कार्रवाई की गई।
ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों से किया जवाब
हवाई हमलों के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ये मिसाइलें जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे की ओर छोड़ी गई थीं। हालांकि, अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने सभी मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।
मध्य पूर्व में बढ़ी चिंता
लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयों ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच जवाबी हमले जारी रहे, तो इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।


