झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों का गुस्सा अब सड़क से लेकर विधानसभा तक दिखाई दे रहा है। JPSC-JSSC Exam और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन लगातार चर्चा में है। इसी बीच आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने से मामला और गंभीर हो गया है।
महतो पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। तबीयत खराब होने के बावजूद उन्होंने आंदोलन से पीछे हटने से इनकार किया है। इसी दौरान उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि ‘मेरी जान को खतरा है।’
कई दिनों से जारी है Student Protest
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। आंदोलनकारी मुख्य रूप से 14वीं JPSC Civil Services परीक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई।
छात्रों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अगर अनियमितताएं साबित होती हैं तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में सुधार की मांग भी कर रहे हैं।
भूख हड़ताल के दौरान बिगड़ी तबीयत
लंबे समय से खाना नहीं लेने के कारण देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई है। उनकी स्थिति को लेकर आंदोलनकारी छात्रों में भी चिंता बढ़ी है।
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने महतो से बातचीत कर उनसे स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पानी लेने की अपील की। इसके बाद महतो ने पानी लिया, लेकिन उन्होंने साफ किया कि इससे उनका आंदोलन खत्म नहीं हुआ है।
यानी फिलहाल भूख हड़ताल और छात्र आंदोलन दोनों जारी हैं और प्रदर्शनकारी अपनी प्रमुख मांगों पर सरकार से ठोस जवाब चाहते हैं।
क्या है छात्रों की Demand?
छात्र संगठनों की मांगों में सबसे प्रमुख मुद्दा 14वीं JPSC परीक्षा से जुड़ा है। प्रदर्शनकारी परीक्षा को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
इसके अलावा आंदोलनकारी चाहते हैं कि JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाए, ताकि परीक्षा देने वाले युवाओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने मामले की जांच CBI या सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जजों की समिति से कराने की मांग भी रखी है।
सरकार से बातचीत की तैयारी
लगातार बढ़ते आंदोलन के बीच सरकार और छात्रों के बीच बातचीत की संभावना भी बनी है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तैयार किया है।
इस टीम में छात्र प्रतिनिधियों के साथ विशेषज्ञ और एक वकील को भी शामिल किया गया है। सरकार की ओर से भी बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।
छात्रों को उम्मीद है कि बातचीत के जरिए उनकी मांगों पर कोई ठोस रास्ता निकल सकता है।
विधानसभा में भी उठा JPSC-JSSC का मुद्दा
छात्रों का यह आंदोलन अब झारखंड विधानसभा तक पहुंच चुका है। विपक्षी विधायकों ने भी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा है।
विपक्ष की ओर से मामले की CBI जांच की मांग भी की गई है। इस तरह JPSC-JSSC का मुद्दा अब केवल छात्रों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्य की राजनीति में भी चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
अब सरकार के फैसले पर टिकी नजर
झारखंड में जारी छात्र आंदोलन के बीच सबसे बड़ी चिंता देवेंद्र नाथ महतो की बिगड़ती सेहत को लेकर है। एक तरफ छात्र अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, वहीं लंबे समय से चल रही भूख हड़ताल स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बन गई है।
अब सबकी नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बातचीत पर है। अगर दोनों पक्ष किसी समाधान पर पहुंचते हैं तो आंदोलन को खत्म करने का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल छात्र भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई की मांग पर कायम हैं।
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