देश के कई हिस्सों में मानसून अब राहत से ज्यादा परेशानी का कारण बनता दिख रहा है। उत्तराखंड में तेज बारिश, भूस्खलन और नदियों के उफान ने हालात बिगाड़ दिए हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। मध्य प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान ने रामघाट इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है। दूसरी ओर, उन्नाव में भारी बारिश के बीच Ganga Expressway का हिस्सा फिर धंसने से सड़क निर्माण और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
Uttarakhand Rain: बारिश ने मचाई तबाही
उत्तराखंड (Uttarakhand) में मंगलवार को हुई भारी बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। भूस्खलन, मकान की दीवार गिरने और तेज बहाव जैसी घटनाओं में कम से कम 7 लोगों की मौत की रिपोर्ट है। अल्मोड़ा में मकान की दीवार गिरने से तीन लोगों की जान गई, जबकि देहरादून में तेज बहाव के कारण एक वाहन के बहने की घटना भी सामने आई। देहरादून-मसूरी हाईवे पर भी भूस्खलन से आवाजाही प्रभावित हुई।
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए IMD ने बुधवार को देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर में Orange Alert जारी किया है। राज्य के बाकी जिलों के लिए Yellow Alert रखा गया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है।
Bihar Flood: नदियों के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता
बिहार में भी लगातार बारिश के बीच बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। गंगा समेत प्रमुख नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है और संभावित बाढ़ को देखते हुए स्थानीय स्तर पर तैयारियां तेज की जा रही हैं।
उत्तर भारत में लगातार बारिश का असर नदियों के जलस्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। ऐसे में बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आने वाले दिनों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
UP में Ganga Expressway फिर धंसा
उत्तर प्रदेश में बारिश का असर अब बड़े सड़क प्रोजेक्ट पर भी दिखाई दे रहा है। उन्नाव में Ganga Expressway के रैंप का एक हिस्सा भारी बारिश के बाद धंस गया। घटना ने एक्सप्रेसवे की मजबूती और बारिश के पानी की निकासी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बारिश के दौरान सड़क के नीचे की मिट्टी खिसकने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल संबंधित टीमें मौके पर स्थिति संभालने में जुटी हैं। इस घटना के बाद एक्सप्रेसवे की ड्रेनेज व्यवस्था और निर्माण गुणवत्ता की जांच की मांग भी उठ सकती है।
Varanasi में Ganga Warning Mark के पार
वाराणसी में गंगा का जलस्तर Warning Mark से ऊपर पहुंच गया है। इसके बाद प्रशासन ने निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। लगातार बढ़ता जलस्तर बाढ़ की आशंका को मजबूत कर रहा है और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव की तैयारियां की जा रही हैं।
शहर के कुछ निचले हिस्सों में पानी भरने से लोगों की परेशानी बढ़ी है। प्रशासन लोगों से नदी और जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने की अपील कर रहा है।
Chitrakoot Flood: मंदाकिनी के उफान से 400 दुकानें डूबीं
मध्य प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से रामघाट और आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। रिपोर्टों के मुताबिक घाट क्षेत्र की करीब 400 दुकानें पानी में डूब गई हैं। कई निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कार्रवाई भी की जा रही है।
चित्रकूट में नदी का पानी बढ़ने से स्थानीय कारोबारियों को भारी नुकसान की चिंता है। जिन दुकानों पर रोजाना श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही रहती थी, वहां अब पानी जमा है। इससे स्थानीय व्यापार और सामान्य जनजीवन दोनों प्रभावित हुए हैं।
चार राज्यों में बारिश बनी बड़ी चुनौती
उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन से जान-माल का नुकसान हुआ है। बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की चिंता है। उत्तर प्रदेश में गंगा-यमुना का पानी बढ़ रहा है और गंगा एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने की घटना सामने आई है। वहीं चित्रकूट में मंदाकिनी के उफान ने सैकड़ों दुकानदारों की मुश्किल बढ़ा दी है।
फिलहाल प्रशासन और राहत एजेंसियां संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों को नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
बारिश का यह दौर सिर्फ मौसम की खबर नहीं है, बल्कि कई इलाकों में लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और कारोबार पर सीधा असर डाल रहा है। आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर सभी की नजर बनी रहेगी।
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