राम मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा (Jitendra Mishra) को राम मंदिर का पहला Chief Executive Officer (CEO) नियुक्त किया है। भारतीय वायुसेना में लंबे समय तक सेवाएं देने वाले मिश्रा अब अयोध्या में मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था संभालेंगे।
जीतेंद्र मिश्रा का नाम इसलिए भी खास है क्योंकि वह भारतीय वायुसेना की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वह Western Air Command के प्रमुख रह चुके हैं और Operation Sindoor के दौरान भी पश्चिमी क्षेत्र में वायुसेना की कमान उनके पास थी।
देवरिया से Air Force की ऊंची कमान तक का सफर
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भोपतपुरा गांव से आने वाले जीतेंद्र मिश्रा ने भारतीय वायुसेना में करीब चार दशक का करियर बनाया। सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया और अंत में वायुसेना की शीर्ष कमान में शामिल हुए।
उनका सफर इसलिए भी प्रेरणादायक माना जा रहा है कि अब सैन्य जीवन के बाद उन्हें देश के सबसे चर्चित धार्मिक स्थलों में से एक की व्यवस्था की जिम्मेदारी मिली है।
Operation Sindoor के दौरान भी संभाली थी कमान
जीतेंद्र मिश्रा उस समय Western Air Command का नेतृत्व कर रहे थे, जब Operation Sindoor हुआ। इस दौरान पश्चिमी मोर्चे पर वायुसेना की ऑपरेशनल जिम्मेदारियां बेहद अहम थीं।
सैन्य क्षेत्र में उनके अनुभव और बड़े स्तर पर ऑपरेशन को संभालने की क्षमता को देखते हुए राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से उन्हें CEO की जिम्मेदारी देना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Ram Mandir CEO के तौर पर क्या होगी जिम्मेदारी?
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और विस्तार के साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मंदिर की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित तरीके से चलाना अपने आप में बड़ी चुनौती है।
CEO के तौर पर जीतेंद्र मिश्रा के सामने मंदिर की administrative management, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, अलग-अलग एजेंसियों के बीच coordination और रोजमर्रा के संचालन को बेहतर बनाने जैसी जिम्मेदारियां होंगी।
उनका सैन्य अनुभव खास तौर पर बड़े स्तर पर लोगों और संसाधनों के प्रबंधन में काम आ सकता है।
ट्रस्ट में professional management पर जोर
राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से पूर्व वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को CEO की जिम्मेदारी दिया जाना मंदिर प्रशासन में professional management की बढ़ती भूमिका का संकेत माना जा रहा है।
मंदिर अब केवल एक धार्मिक स्थल नहीं रह गया है। हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, सुविधाएं और प्रशासनिक समन्वय को मजबूत रखना लगातार जरूरी होता जा रहा है।
जीतेंद्र मिश्रा के अनुभव से ट्रस्ट को इन व्यवस्थाओं को और बेहतर तरीके से संचालित करने की उम्मीद है।
अब अयोध्या में नई भूमिका
एक ओर देवरिया के भोपतपुरा गांव से निकलकर भारतीय वायुसेना की शीर्ष जिम्मेदारियों तक पहुंचने वाले जीतेंद्र मिश्रा का सैन्य सफर उल्लेखनीय रहा है, वहीं अब उनकी नई भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
Air Marshal से Ram Mandir CEO तक का यह सफर जीतेंद्र मिश्रा के करियर का एक नया अध्याय है। अब नजर इस बात पर होगी कि उनके नेतृत्व में राम मंदिर की प्रशासनिक और श्रद्धालु सुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं में किस तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं।
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