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PM Modi का बड़ा दावा: 12 साल में 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर, 13.4 करोड़ रोजगार बढ़े

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देश में गरीबी और रोजगार को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने वर्ल्ड बैंक की नई रिपोर्ट के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारत के करीब 49.6 करोड़ लोग गरीबी के दायरे से बाहर आए हैं। वहीं, पिछले 6 साल में देश में रोजगार पाने वाले लोगों की संख्या में 13.4 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है।

PM Modi ने इसे देश की बदलती आर्थिक तस्वीर बताया। उनका कहना है कि गरीबी कम करना सरकार के लिए केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक संकल्प है। इस रिपोर्ट में गरीबी के स्तर में गिरावट के साथ रोजगार, महिलाओं की भागीदारी और आर्थिक असमानता से जुड़े कई अहम आंकड़े भी सामने आए हैं।

12 साल में 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर

वर्ल्ड बैंक की अक्टूबर 2026 की ‘India Poverty and Equity Brief’ रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2011 से 2023 के बीच भारत में गरीबी के स्तर में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, 4.20 डॉलर प्रतिदिन (2021 PPP) वाली गरीबी रेखा के आधार पर गरीब आबादी का अनुपात 2011 में 57.7 प्रतिशत था, जो 2023 में घटकर 16.1 प्रतिशत रह गया। इस दौरान करीब 49.6 करोड़ लोग इस गरीबी रेखा से ऊपर आए।

वहीं, अत्यधिक गरीबी के मामले में भी सुधार देखने को मिला। 3 डॉलर प्रतिदिन वाले मानक के आधार पर अत्यधिक गरीबी का स्तर 27.1 प्रतिशत से घटकर 2.6 प्रतिशत पर पहुंच गया।

ये आंकड़े बताते हैं कि बीते एक दशक में देश के करोड़ों परिवारों की आर्थिक स्थिति में बदलाव आया है।

6 साल में 13.4 करोड़ रोजगार बढ़े

गरीबी के साथ रोजगार के मोर्चे पर भी रिपोर्ट में अच्छी खबर सामने आई है। वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, 2017 से 2023 के बीच भारत में रोजगार पाने वाले लोगों की संख्या करीब 13.4 करोड़ बढ़ी।

खास बात यह है कि इस दौरान ग्रामीण महिलाओं की कामकाज में भागीदारी बढ़ी है। बड़ी संख्या में महिलाएं रोजगार से जुड़ीं और परिवार की आमदनी में योगदान देने लगीं।

रोजगार के ये आंकड़े देश की अर्थव्यवस्था में हो रहे बदलाव को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, रोजगार की संख्या के साथ उसकी गुणवत्ता और मिलने वाली वास्तविक आमदनी पर ध्यान देना भी जरूरी है।

Economic Inequality में भी आई कमी

रिपोर्ट में आर्थिक असमानता यानी Economic Inequality को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है।

भारत का Gini Index 20 प्रतिशत से ज्यादा घटकर 23.0 पर पहुंच गया है। यह इंडेक्स किसी देश में आय के वितरण में असमानता को मापने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका कम होना आमतौर पर आय के अंतर में कमी का संकेत है।

हालांकि, देश में अमीर और गरीब के बीच कमाई का अंतर अभी भी बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 में सबसे ज्यादा कमाने वाले 10 प्रतिशत कामगारों की औसत कमाई सबसे कम कमाने वाले 10 प्रतिशत कामगारों से करीब 13 गुना अधिक थी।

ग्रामीण महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से बदली तस्वीर

रोजगार में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को इस रिपोर्ट का एक महत्वपूर्ण पहलू माना गया है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के कामकाज से जुड़ने से परिवारों की आर्थिक स्थिति को सहारा मिला है।

जब परिवार में एक से ज्यादा सदस्य कमाई करने लगते हैं, तो घर के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और दूसरी जरूरतों को पूरा करना थोड़ा आसान हो जाता है।

रिपोर्ट में ग्रामीण और शहरी परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के संकेत भी दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हुई प्रगति से गांवों और शहरों के बीच का अंतर कम होने की बात सामने आई है।

देश की 99% आबादी तक पहुंची बिजली

वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में बुनियादी सुविधाओं का भी जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के 2022 के आंकड़ों के मुताबिक, भारत की करीब 99 प्रतिशत आबादी तक बिजली की पहुंच हो चुकी थी।

बिजली की बेहतर सुविधा से ग्रामीण इलाकों में घरेलू कामकाज, शिक्षा और छोटे कारोबार को मदद मिली है। इसके अलावा, खाद्य सब्सिडी और दूसरी सरकारी सहायता योजनाओं ने भी गरीब परिवारों के खर्च का बोझ कम करने में भूमिका निभाई है।

गरीबी कम करने में इन सरकारी योजनाओं का योगदान

सरकार की ओर से गरीबी कम करने के प्रयासों में कई योजनाओं का उल्लेख किया जाता रहा है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना: जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराना।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना: गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने में मदद।
  • आयुष्मान भारत योजना: पात्र परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा देना।
  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना: पात्र परिवारों को LPG कनेक्शन की सुविधा।
  • वित्तीय समावेशन: बैंकिंग सेवाओं और सरकारी लाभों को सीधे लोगों तक पहुंचाना।

इन योजनाओं के साथ रोजगार और घरेलू खपत में बढ़ोतरी को भी गरीबी कम होने के प्रमुख कारणों में गिना गया है।

2028 तक और कम हो सकती है गरीबी

वर्ल्ड बैंक के अनुमान के मुताबिक, 4.20 डॉलर प्रतिदिन वाली गरीबी रेखा के आधार पर भारत में गरीबी का स्तर 2026 में 14.2 प्रतिशत से घटकर 2028 तक 12.1 प्रतिशत हो सकता है।

हालांकि, यह अनुमान है। भविष्य में रोजगार, आमदनी और आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर इसमें बदलाव संभव है।

रोजगार और कमाई को लेकर अभी भी कई चुनौतियां

गरीबी में गिरावट और रोजगार में बढ़ोतरी के बावजूद देश के सामने कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं।

  • युवाओं के लिए बेहतर और स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ाना।
  • महिलाओं को सुरक्षित और बेहतर वेतन वाले काम उपलब्ध कराना।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए साधन तैयार करना।
  • अलग-अलग राज्यों के बीच आर्थिक अंतर कम करना।
  • कामगारों की वास्तविक आमदनी और सामाजिक सुरक्षा में सुधार करना।

इसलिए केवल रोजगार की संख्या बढ़ना ही पर्याप्त नहीं है। लोगों को ऐसा काम मिलना भी जरूरी है, जिससे वे अपने परिवार की जरूरतें आसानी से पूरी कर सकें।

PM Modi ने गरीबी में गिरावट को बताया बड़ी उपलब्धि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के आंकड़े साझा करते हुए गरीबी में आई गिरावट को देश के लिए महत्वपूर्ण बदलाव बताया। उन्होंने कांग्रेस के पुराने ‘गरीबी हटाओ’ नारे पर भी निशाना साधा और कहा कि गरीबी खत्म करना उनकी सरकार के लिए केवल नारा नहीं, बल्कि प्रतिबद्धता है।

वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी रिपोर्ट के आंकड़ों का हवाला देते हुए रोजगार, घरेलू खपत और सरकारी योजनाओं की भूमिका पर जोर दिया।

आगे क्या होगा?

भारत में गरीबी घटने और रोजगार बढ़ने के आंकड़े निश्चित रूप से चर्चा का विषय हैं। 12 साल में 49.6 करोड़ लोगों का गरीबी रेखा से ऊपर आना और 6 साल में 13.4 करोड़ रोजगार बढ़ना देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ी बड़ी जानकारी है।

लेकिन आम परिवार के लिए असली बदलाव तब महसूस होगा, जब नौकरी के साथ अच्छी आमदनी, महंगाई से राहत और बेहतर जीवन स्तर भी मिले। आने वाले वर्षों में सरकार के सामने इसी आर्थिक सुधार को लगातार आगे बढ़ाने की चुनौती रहेगी।

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IND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने जीता Toss, भारत पहले करेगा Batting; भुवी-वरुण की वापसी

भारत और न्यूजीलैंड ( IND vs NZ) के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का आखिरी मुकाबला आज, 1 नवंबर को हैमिल्टन के सेडन पार्क में खेला जा रहा है। मैच शुरू होने से पहले हुए टॉस में न्यूजीलैंड ने बाजी मार ली। कप्तान मिचेल सेंटनर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। ऐसे में भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। इस मुकाबले में भारतीय टीम की प्लेइंग XI में दो अहम बदलाव देखने को मिले हैं। अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की टीम में वापसी हुई है। वहीं, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को एक बार फिर अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली। सीरीज अपने नाम कर चुकी टीम इंडिया अब आखिरी मैच जीतकर 4-1 से ट्रॉफी पर कब्जा मजबूत करना चाहेगी। चौथे T20 में न्यूजीलैंड ने भारत को दी थी करारी शिकस्त पांचवें मुकाबले से पहले खेले गए चौथे T20 मैच में न्यूजीलैंड ने भारतीय टीम को 87 रन से हराया था। इस मुकाबले में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ जमकर रन बनाए। पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 259 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 49 गेंदों में 107 रन बनाए। उनकी पारी में 10 छक्के और 6 चौके शामिल रहे। वहीं माइकल ब्रेसवेल ने भी 25 गेंदों में 65 रन बनाकर टीम का स्कोर 250 के पार पहुंचा दिया। 260 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम दबाव में नजर आई और पूरी टीम 172 रन पर सिमट गई। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने सीरीज में वापसी की और भारत की बढ़त को 3-1 कर दिया। भुवनेश्वर कुमार और वरुण चक्रवर्ती की वापसी से बढ़ी उम्मीदें आखिरी T20 मुकाबले में भारतीय टीम ने गेंदबाजी को मजबूत करने के लिए भुवनेश्वर कुमार और वरुण चक्रवर्ती को मौका दिया है। भुवनेश्वर अपने अनुभव और स्विंग गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं, जबकि वरुण अपनी मिस्ट्री स्पिन से बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं। पिछले मैच में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजी के खिलाफ आसानी से रन बनाए थे। ऐसे में इन दोनों खिलाड़ियों की वापसी से टीम को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। दूसरी ओर, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को इस मैच में भी मौका नहीं मिला। उनके प्रशंसक प्लेइंग XI में शामिल होने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने इस मुकाबले में दूसरे खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है। ग्लेन फिलिप्स से फिर रहेगी न्यूजीलैंड को बड़ी उम्मीद न्यूजीलैंड के लिए ग्लेन फिलिप्स इस सीरीज में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। चौथे मुकाबले में शतक लगाने के बाद उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा होगा। भारतीय गेंदबाजों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन्हें जल्दी आउट करने की होगी। वहीं भारत की ओर से अभिषेक शर्मा और दूसरे शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों पर अच्छी शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी रहेगी। अगर भारतीय टीम शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बनाने में सफल रहती है, तो न्यूजीलैंड के सामने बड़ा लक्ष्य रखा जा सकता है। Seddon Park Pitch Report: बल्लेबाजों को मिल सकती है मदद हैमिल्टन का सेडन पार्क बल्लेबाजी के लिहाज से अच्छा मैदान माना जाता है। यहां की पिच पर गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है और बल्लेबाज बड़े शॉट खेलने का प्रयास कर सकते हैं। हालांकि, नई गेंद से तेज गेंदबाजों को स्विंग मिलने की संभावना भी रहती है। ऐसे में शुरुआती ओवर भारतीय बल्लेबाजों के लिए अहम होंगे। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी है, इसलिए उसकी कोशिश शुरुआती विकेट लेकर भारत को दबाव में लाने की होगी। India vs New Zealand T20 Series: भारत 3-1 से आगे पांच मैचों की इस सीरीज में भारतीय टीम ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बनाई थी। इसके बाद चौथे मैच में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी करते हुए भारत को 87 रन से हराया। अब सीरीज का आखिरी मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम है। भारत जहां 4-1 से सीरीज खत्म करना चाहेगा, वहीं न्यूजीलैंड लगातार दूसरी जीत दर्ज करके सीरीज का अंतर 3-2 करना चाहेगा। फिलहाल सभी की नजरें भारतीय बल्लेबाजों पर हैं। पिछले मैच में मिली हार के बाद टीम इंडिया किस तरह वापसी करती है, यह देखना दिलचस्प होगा। IND vs NZ 5th T20 Match: जरूरी जानकारी अब देखना होगा कि भुवनेश्वर और वरुण की वापसी के साथ भारतीय टीम आखिरी मुकाबले में कैसा प्रदर्शन करती है और क्या न्यूजीलैंड को एक बार फिर हराकर सीरीज का शानदार अंत कर पाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi Politics: राहुल गांधी की Rally के जवाब में BJP का मार्च, 1984 दंगा पीड़ितों के साथ उतरेगी पार्टी

1 नवंबर को दिल्ली की राजनीति में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। एक तरफ कांग्रेस समेत INDIA Bloc के तमाम विपक्षी दल रामलीला मैदान में ‘Vote Bachao, Desh Bachao‘ रैली के जरिए चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ BJP भी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के साथ पदयात्रा निकालकर कांग्रेस को घेरने की तैयारी में है। दिल्ली में एक ही दिन दो बड़े राजनीतिक कार्यक्रम होने से सियासी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। विपक्ष जहां वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों और लोकतंत्र की सुरक्षा का मुद्दा उठा रहा है, वहीं बीजेपी कांग्रेस को 1984 के दंगों की याद दिलाते हुए माफी मांगने की मांग कर रही है। INDIA Bloc की Vote Bachao Rally, रामलीला मैदान में जुटेंगे बड़े नेता कांग्रेस के नेतृत्व में INDIA Bloc की बड़ी रैली आज दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित की जा रही है। इस रैली का मुख्य मुद्दा SIR (Special Intensive Revision) और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां हैं। राहुल गांधी लगातार आरोप लगा रहे हैं कि SIR प्रक्रिया के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग को इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता रखनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए। रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत INDIA Bloc के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, हेमंत सोरेन और अन्य विपक्षी नेताओं की मौजूदगी भी इस कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना रही है। विपक्ष इस रैली के जरिए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। BJP की पदयात्रा: 1984 दंगा पीड़ितों के साथ सड़क पर उतरेंगे नेता INDIA Bloc की रैली के बीच BJP ने भी दिल्ली में अपनी ताकत दिखाने का फैसला किया है। पार्टी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ित परिवारों और सिख समुदाय के लोगों के साथ पदयात्रा निकाल रही है। यह पदयात्रा पश्चिमी दिल्ली के हरि नगर बस डिपो से शुरू होकर तिलक नगर मेट्रो स्टेशन तक जाएगी। इसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। बीजेपी का कहना है कि 1984 के दंगों में जान गंवाने वाले लोगों को न्याय दिलाने का मुद्दा आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पार्टी इस पदयात्रा के जरिए पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने का संदेश देना चाहती है। 1984 दंगों को लेकर BJP का कांग्रेस पर हमला बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस की आज की रैली के समय पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि 1 नवंबर का दिन 1984 के सिख विरोधी दंगों की याद दिलाता है। ऐसे दिन कांग्रेस को राजनीतिक रैली करने के बजाय पीड़ित परिवारों से माफी मांगनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और दिल्ली बीजेपी के नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि पार्टी को अपने पुराने राजनीतिक इतिहास की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा भी लंबे समय से 1984 के दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने का मुद्दा उठाते रहे हैं। पार्टी का कहना है कि दंगा पीड़ितों की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा। हालांकि, कांग्रेस का कहना है कि उसकी रैली का उद्देश्य लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा करना है। दोनों दल अपने-अपने मुद्दों को लेकर एक-दूसरे पर हमलावर हैं। Rahul Gandhi की व्यापारियों से खास अपील, दिवाली पर खरीदारी करने की बात दिल्ली में INDIA Bloc की रैली को लेकर व्यापारियों के बीच ट्रैफिक और कारोबार प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई। त्योहारों के सीजन में बाजारों में पहले से ही लोगों की आवाजाही बढ़ी हुई है। इस बीच राहुल गांधी ने दिल्ली के व्यापारियों से जुड़ी एक खास अपील की। उन्होंने रैली में शामिल होने के लिए दिल्ली आने वाले लोगों से स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यापारियों से खरीदारी करने को कहा। राहुल गांधी का संदेश था कि राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने के साथ-साथ स्थानीय कारोबारियों का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने दिवाली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान छोटे व्यापारियों को समर्थन देने की बात कही। CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का विरोध भी चर्चा में आज की रैली से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी राजनीतिक विवाद तेज हो चुका है। विपक्षी दल SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ छह आरोपों वाला सांकेतिक महाभियोग प्रस्ताव सार्वजनिक रूप से पेश किया था। इसमें मतदाता सूची से नाम हटाने, चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और चुनाव आयोग की निष्पक्षता से जुड़े सवाल उठाए गए। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग को इन मामलों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। वहीं बीजेपी इन आरोपों को राजनीतिक बताते हुए विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगा रही है। Delhi में Security Alert, कई इलाकों में Traffic पर असर एक ही दिन दो बड़े राजनीतिक कार्यक्रम होने के कारण दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है। रामलीला मैदान के आसपास पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। वहीं हरि नगर और तिलक नगर इलाके में बीजेपी की पदयात्रा को देखते हुए भी सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। लोगों को सलाह दी गई है कि घर से निकलने से पहले संबंधित इलाकों के ट्रैफिक अपडेट जरूर देख लें। रैली और पदयात्रा के कारण कुछ रास्तों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है। Delhi Politics: आज किसका मुद्दा पड़ेगा भारी? दिल्ली में आज का राजनीतिक मुकाबला सिर्फ भीड़ जुटाने तक सीमित नहीं है। INDIA Bloc SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर जनता का समर्थन जुटाना चाहता है, जबकि बीजेपी 1984 के सिख विरोधी दंगों के मुद्दे पर कांग्रेस को घेर रही है। दोनों पक्षों ने अपने-अपने मुद्दों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। अब देखना होगा कि इन कार्यक्रमों का आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति पर कितना असर पड़ता है। एक बात साफ है कि 1 नवंबर को दिल्ली की सड़कों पर सियासी...
Abhijeet Dipke

Mamata Banerjee से मुलाकात के बाद Abhijeet Dipke का बयान, INDIA Bloc Rally पर बताई CJP की Strategy

SIR और Vote Chori को लेकर देश की राजनीति में हलचल जारी है। इसी बीच Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि SIR के खिलाफ आवाज उठाने वाली CJP आखिर INDIA Bloc Rally में शामिल क्यों नहीं होगी? अभिजीत दीपके ने इस सवाल का जवाब देते हुए साफ किया कि उनकी पार्टी INDIA ब्लॉक की रैली के मुद्दे का समर्थन करती है, लेकिन संगठन के तौर पर इसमें शामिल नहीं होगी। इसके पीछे उन्होंने CJP की स्वतंत्र पहचान और राजनीतिक निष्पक्षता को वजह बताया। Mamata Banerjee से मुलाकात के पीछे क्या थी वजह? अभिजीत दीपके ममता बनर्जी से मुलाकात करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पुराने आंदोलनों में मिले समर्थन के लिए उनका आभार जताया। दीपके के मुताबिक, जब CJP ने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था, तब ममता बनर्जी ने युवाओं के आंदोलन का समर्थन किया था। इसके अलावा CJP से जुड़े कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के दौरान भी ममता बनर्जी ने उनके पक्ष में आवाज उठाई थी। दीपके ने बताया कि वह इसी समर्थन के लिए व्यक्तिगत तौर पर ममता बनर्जी का धन्यवाद करना चाहते थे। मुलाकात के दौरान ममता बनर्जी ने भी CJP के युवा कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की और उन्हें पश्चिम बंगाल आने का निमंत्रण दिया। INDIA Bloc की Rally में क्यों शामिल नहीं होगी CJP? इस मुलाकात के बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या CJP के कार्यकर्ता 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली INDIA ब्लॉक की रैली में हिस्सा लेंगे? अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि CJP इस रैली के मुद्दे का समर्थन करती है, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसका हिस्सा नहीं बनेगी। उनका कहना है कि CJP एक स्वतंत्र संगठन है और वह किसी राजनीतिक दल या गठबंधन के साथ अपनी पहचान नहीं जोड़ना चाहती। संगठन का मानना है कि चुनावी पारदर्शिता और Vote Chori जैसे मुद्दे किसी एक राजनीतिक पार्टी तक सीमित नहीं हैं। इसलिए इन मुद्दों पर आवाज उठाने वाले सभी लोगों और संगठनों का समर्थन किया जाना चाहिए। SIR और Vote Chori के मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन दरअसल, चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर भी कई विपक्षी दलों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इसी मुद्दे पर INDIA ब्लॉक ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित करने की घोषणा की थी। विपक्षी नेताओं का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा जरूरी है। राहुल गांधी समेत INDIA ब्लॉक के कई नेताओं ने इस रैली में शामिल होने की अपील की। विपक्ष की योजना इस प्रदर्शन के जरिए चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की है। CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी विपक्ष ने उठाई आवाज रैली से पहले 31 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सांकेतिक सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम भी आयोजित किया था। इसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य विपक्षी नेताओं ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर विपक्ष की चिंताएं सामने रखी गईं। हालांकि, यह संसद में होने वाली आधिकारिक महाभियोग प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि विपक्ष का प्रतीकात्मक राजनीतिक विरोध था। दिल्ली में Rally को लेकर सुरक्षा के इंतजाम रामलीला मैदान में होने वाली रैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की। मैदान और आसपास के इलाकों में पुलिसकर्मियों की तैनाती, CCTV कैमरों और अन्य निगरानी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया गया। रैली के चलते मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव भी किया गया। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने पहले से तैयारियां की थीं। CJP ने साफ किया अपना Stand ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद अभिजीत दीपके के बयान से CJP का रुख स्पष्ट हो गया है। संगठन SIR और कथित Vote Chori के खिलाफ उठ रही आवाज का समर्थन करता है, लेकिन INDIA ब्लॉक की राजनीतिक गतिविधियों में सीधे शामिल होने से बचना चाहता है। CJP के इस फैसले से एक बात साफ है कि किसी मुद्दे पर समर्थन देने और किसी राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा बनने के बीच संगठन अंतर रखना चाहता है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में CJP अपने स्वतंत्र मंच से इस मुद्दे पर किस तरह की गतिविधियां जारी रखती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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