दिल्ली में आज 1 नवंबर को SIR (Special Intensive Revision) के खिलाफ सियासी हलचल तेज है। INDIA ब्लॉक के नेता और कार्यकर्ता रामलीला मैदान में जुट रहे हैं। इस रैली के जरिए विपक्ष चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने जा रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं के इसमें शामिल होने की संभावना है।
इस प्रदर्शन को लेकर जहां विपक्ष ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं, वहीं दिल्ली के व्यापारियों की चिंता भी बढ़ गई है। दिवाली से ठीक पहले होने वाली इस रैली से बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही और कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। व्यापारिक संगठन CTI ने राहुल गांधी को इस संबंध में चौथी चिट्ठी लिखकर अपनी चिंता जाहिर की है।
रामलीला मैदान में जुटेंगे INDIA ब्लॉक के नेता
SIR के खिलाफ आयोजित इस रैली को विपक्ष ने अपने ‘Vote Bachao, Desh Bachao’ अभियान का अहम हिस्सा बनाया है। INDIA ब्लॉक के करीब 21 राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता इसमें शामिल होने वाले हैं।
कार्यक्रम के तहत दोपहर 12 बजे मिंटो रोड और कनॉट प्लेस के जंक्शन से मार्च निकालने की योजना है। यह मार्च रामलीला मैदान पहुंचेगा, जहां मुख्य रैली आयोजित होगी। कार्यक्रम शाम 5 बजे तक चलने की अनुमति दी गई है।
आयोजकों ने रैली में करीब 10 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान जताया है, जबकि दिल्ली पुलिस का अनुमान इससे काफी कम है। पुलिस के मुताबिक, करीब 50 हजार लोग कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
SIR को लेकर विपक्ष के निशाने पर Election Commission
विपक्ष लगातार SIR प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है। राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए गए हैं। इससे योग्य मतदाताओं के मतदान के अधिकार पर असर पड़ने की आशंका है।
विपक्ष का दावा है कि करीब 13.2 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। INDIA ब्लॉक की मांग है कि पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो और मतदाता सूची में सामने आई कथित गड़बड़ियों को दूर किया जाए।
इसके साथ ही विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहा है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि पात्र मतदाता निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं।
31 अक्टूबर को 250 सांसदों ने किया ‘जनमहाभियोग’ कार्यक्रम
रामलीला मैदान की रैली से पहले 31 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर प्रतीकात्मक ‘जनमहाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित किया।
इसमें INDIA ब्लॉक के करीब 250 सांसदों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष की शिकायतों और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाया गया। राहुल गांधी ने भी इस दौरान चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी बात रखी।
हालांकि, यह संसद में होने वाली आधिकारिक महाभियोग प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि विपक्ष की ओर से आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम था। बीजेपी ने इस आयोजन की आलोचना की और इसे विपक्ष का राजनीतिक प्रदर्शन बताया।
राहुल गांधी को व्यापारियों की चौथी चिट्ठी, कारोबार पर असर की चिंता
इस रैली को लेकर दिल्ली के व्यापारियों और विपक्ष के बीच भी चर्चा तेज है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली की तारीख पर दोबारा विचार करने की अपील की है।
व्यापारियों का कहना है कि दिवाली से पहले दिल्ली के बाजारों में खरीदारी का दबाव काफी बढ़ जाता है। ऐसे में रामलीला मैदान के आसपास होने वाले बड़े आयोजन से ट्रैफिक जाम, पार्किंग की समस्या और ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
CTI के मुताबिक, रामलीला मैदान के आसपास चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, चावड़ी बाजार, भागीरथ पैलेस और करोल बाग जैसे करीब 20 बड़े बाजार हैं।
व्यापारिक संगठन ने दावा किया है कि रैली के कारण करीब 10,000 से 12,000 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका है। व्यापारियों ने राहुल गांधी से रैली को दिवाली के बाद आयोजित करने की अपील की थी।
राहुल गांधी की अपील- दिल्ली आएं तो स्थानीय दुकानों से करें Shopping
व्यापारियों की चिंता के बीच राहुल गांधी ने 31 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने रैली में शामिल होने के लिए दिल्ली आने वाले लोगों से स्थानीय बाजारों में खरीदारी करने की अपील की।
राहुल गांधी ने कहा कि दिवाली, छठ और भाई दूज जैसे त्योहारों के समय दिल्ली के छोटे दुकानदारों से सामान खरीदने से उन्हें फायदा मिल सकता है।
उनकी अपील का मकसद राजनीतिक प्रदर्शन के साथ स्थानीय व्यापार को भी समर्थन देना बताया गया। हालांकि, व्यापारिक संगठनों की ओर से रैली की तारीख को लेकर चिंता बनी हुई है।
Delhi में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 4,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
रैली में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं।
- 4,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी और केंद्रीय सुरक्षा बलों की कंपनियां तैनात की गई हैं।
- रामलीला मैदान को 14 सुरक्षा जोन में बांटा गया है।
- 200 से ज्यादा CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है।
- ड्रोन और बॉडी-वॉर्न कैमरों की मदद से भी सुरक्षा पर नजर रखी जाएगी।
- ITO, दिल्ली गेट, राजघाट, अजमेरी गेट और तुर्कमान गेट के आसपास ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है।
पुलिस ने लोगों को सेंट्रल दिल्ली के प्रमुख रास्तों पर निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी देखने की सलाह दी है। रैली के दौरान कई जगह डायवर्जन और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है।
अमित शाह ने राहुल गांधी को दी संसद में बहस की चुनौती
SIR विवाद पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी विपक्ष को जवाब दे चुके हैं। उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को मतदाता सूची के मुद्दे पर संसद में बहस करने की चुनौती दी है।
अमित शाह का कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। वहीं, विपक्ष का तर्क है कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर जवाब देना चाहिए और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
SIR Protest: आज की रैली पर देशभर की नजर
दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाला यह प्रदर्शन SIR और मतदाता सूची को लेकर चल रही राजनीतिक बहस का एक अहम पड़ाव है। विपक्ष जहां चुनाव आयोग की जवाबदेही और कथित वोटर लिस्ट गड़बड़ियों का मुद्दा उठा रहा है, वहीं सरकार और चुनाव आयोग विपक्ष के आरोपों को खारिज कर रहे हैं।
दूसरी तरफ, व्यापारियों की नजर इस बात पर है कि रैली के दौरान बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही और कारोबार कितना प्रभावित होता है। अब आज के प्रदर्शन में विपक्षी नेताओं के भाषण, उनकी आगे की रणनीति और व्यापारियों की चिंताओं पर आने वाली प्रतिक्रियाओं पर सबकी नजर रहेगी।
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