SIR और Vote Chori को लेकर देश की राजनीति में हलचल जारी है। इसी बीच Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि SIR के खिलाफ आवाज उठाने वाली CJP आखिर INDIA Bloc Rally में शामिल क्यों नहीं होगी?
अभिजीत दीपके ने इस सवाल का जवाब देते हुए साफ किया कि उनकी पार्टी INDIA ब्लॉक की रैली के मुद्दे का समर्थन करती है, लेकिन संगठन के तौर पर इसमें शामिल नहीं होगी। इसके पीछे उन्होंने CJP की स्वतंत्र पहचान और राजनीतिक निष्पक्षता को वजह बताया।
Mamata Banerjee से मुलाकात के पीछे क्या थी वजह?
अभिजीत दीपके ममता बनर्जी से मुलाकात करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पुराने आंदोलनों में मिले समर्थन के लिए उनका आभार जताया। दीपके के मुताबिक, जब CJP ने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था, तब ममता बनर्जी ने युवाओं के आंदोलन का समर्थन किया था।
इसके अलावा CJP से जुड़े कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के दौरान भी ममता बनर्जी ने उनके पक्ष में आवाज उठाई थी। दीपके ने बताया कि वह इसी समर्थन के लिए व्यक्तिगत तौर पर ममता बनर्जी का धन्यवाद करना चाहते थे।
मुलाकात के दौरान ममता बनर्जी ने भी CJP के युवा कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की और उन्हें पश्चिम बंगाल आने का निमंत्रण दिया।
INDIA Bloc की Rally में क्यों शामिल नहीं होगी CJP?
इस मुलाकात के बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या CJP के कार्यकर्ता 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली INDIA ब्लॉक की रैली में हिस्सा लेंगे?
अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि CJP इस रैली के मुद्दे का समर्थन करती है, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसका हिस्सा नहीं बनेगी। उनका कहना है कि CJP एक स्वतंत्र संगठन है और वह किसी राजनीतिक दल या गठबंधन के साथ अपनी पहचान नहीं जोड़ना चाहती।
संगठन का मानना है कि चुनावी पारदर्शिता और Vote Chori जैसे मुद्दे किसी एक राजनीतिक पार्टी तक सीमित नहीं हैं। इसलिए इन मुद्दों पर आवाज उठाने वाले सभी लोगों और संगठनों का समर्थन किया जाना चाहिए।
SIR और Vote Chori के मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन
दरअसल, चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर भी कई विपक्षी दलों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
इसी मुद्दे पर INDIA ब्लॉक ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित करने की घोषणा की थी। विपक्षी नेताओं का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा जरूरी है।
राहुल गांधी समेत INDIA ब्लॉक के कई नेताओं ने इस रैली में शामिल होने की अपील की। विपक्ष की योजना इस प्रदर्शन के जरिए चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की है।
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी विपक्ष ने उठाई आवाज
रैली से पहले 31 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सांकेतिक सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम भी आयोजित किया था। इसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य विपक्षी नेताओं ने हिस्सा लिया।
इस कार्यक्रम में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर विपक्ष की चिंताएं सामने रखी गईं। हालांकि, यह संसद में होने वाली आधिकारिक महाभियोग प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि विपक्ष का प्रतीकात्मक राजनीतिक विरोध था।
दिल्ली में Rally को लेकर सुरक्षा के इंतजाम
रामलीला मैदान में होने वाली रैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की। मैदान और आसपास के इलाकों में पुलिसकर्मियों की तैनाती, CCTV कैमरों और अन्य निगरानी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया गया।
रैली के चलते मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव भी किया गया। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने पहले से तैयारियां की थीं।
CJP ने साफ किया अपना Stand
ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद अभिजीत दीपके के बयान से CJP का रुख स्पष्ट हो गया है। संगठन SIR और कथित Vote Chori के खिलाफ उठ रही आवाज का समर्थन करता है, लेकिन INDIA ब्लॉक की राजनीतिक गतिविधियों में सीधे शामिल होने से बचना चाहता है।
CJP के इस फैसले से एक बात साफ है कि किसी मुद्दे पर समर्थन देने और किसी राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा बनने के बीच संगठन अंतर रखना चाहता है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में CJP अपने स्वतंत्र मंच से इस मुद्दे पर किस तरह की गतिविधियां जारी रखती है।
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