नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में इस हफ्ते गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, चांदी की कीमत 13,071 रुपए घटकर 1.94 लाख रुपए से 1.81 लाख रुपए प्रति किलो पर आ गई है। वहीं, सोना भी 1,576 रुपए सस्ता हुआ है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 1.41 लाख रुपए से गिरकर करीब 1.40 लाख रुपए पर पहुंच गया है।
इस महीने अब तक चांदी 39,485 रुपए और सोना 8,084 रुपए सस्ता हो चुका है। इससे पहले 1 अक्टूबर 2026 को एक किलो चांदी की कीमत 2.20 लाख रुपए और 10 ग्राम सोने का भाव 1.48 लाख रुपए था।
कीमतों में गिरावट की प्रमुख वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना और ऊंचे भाव पर बड़े निवेशकों की बिकवाली बताई जा रही है।
सोना सस्ता होने की 3 प्रमुख वजहें
सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।
- ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली: त्योहारों से पहले सोना काफी महंगा हो गया था। ऐसे में बड़े निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए ऊंचे दामों पर सोने की बिक्री शुरू कर दी।
- मजबूत डॉलर का असर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड मजबूत होने से सोने की कीमतों पर दबाव पड़ा।
- खरीदारों की कम मांग: रिकॉर्ड ऊंचे भाव देखकर आम खरीदारों ने फिलहाल सोने की खरीदारी कम कर दी है। इससे बाजार में मांग प्रभावित हुई है।
चांदी सस्ती होने की 3 वजहें
चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे औद्योगिक मांग और बाजार में बिकवाली को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
- फैक्टरियों से कम मांग: चांदी का इस्तेमाल सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में बड़े पैमाने पर होता है। वैश्विक आर्थिक सुस्ती के कारण औद्योगिक मांग में कमी आने से इसकी कीमतों पर दबाव पड़ा।
- बाजार में बिकवाली: शेयर और वायदा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच बड़े ट्रेडर्स ने चांदी की बिकवाली की, जिससे भाव में गिरावट आई।
- सोने की कीमतों का असर: सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में अक्सर एक-दूसरे के अनुरूप बदलाव देखने को मिलता है। सोने के भाव गिरने के बाद चांदी में भी बिकवाली का दबाव बढ़ा।
क्या सोने-चांदी की गिरावट लंबे समय तक रहेगी?
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, सोने और चांदी में निवेश करने वालों को एक साथ पूरी खरीदारी करने के बजाय किश्तों में निवेश करना चाहिए। उनके अनुसार, कुछ खरीदारी अभी की जा सकती है और बाकी रकम से 15-20 दिन के अंतराल पर निवेश किया जा सकता है।
उन्होंने निवेश के लिए एक-दो महीने के बजाय 6 महीने से एक साल तक का नजरिया रखने की सलाह दी है।
