आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGMore NewsTrump-Putin-Xi Jinping Meeting: चीन में यूक्रेन पर फैसले को लेकर सतर्क जिनपिंग, 18-19 नवंबर की बैठक पर सस्पेंस◆BREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर में युवतियों के दो गुटों के बीच मारपीट, सोशल मीडिया पर वायरल हुए दो वीडियो◆BREAKINGछत्तीसगढ़रायपुर में किराये के मकान में मां-बेटे के शव मिले, 3-4 दिन से बंद था कमरा; बदबू आने पर हुआ खुलासा◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट में 4 गानों पर रोक लगाने के निर्देश, बच्चों पर असर को लेकर जताई चिंता◆BREAKINGछत्तीसगढ़आरंग-भिलाई मार्ग पर हाइवा की टक्कर से युवक की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया चक्काजाम◆BREAKINGधर्म-कर्मChoti Diwali 2026: 12 घंटे Bhadra का साया, जानें कब जलाएं यमराज के नाम का दीपक और पूजा का शुभ मुहूर्त◆BREAKINGछत्तीसगढ़दीपावली पर पटाखों से हादसों की आशंका, बिलासपुर सिम्स में डॉक्टरों की टीम अलर्ट; ICU से एम्बुलेंस तक इंतजाम◆BREAKINGछत्तीसगढ़रायपुर में 8 नवंबर को मांस-मटन की बिक्री पर प्रतिबंध, होटल-रेस्टोरेंट में भी नहीं परोसा जाएगा नॉनवेज◆BREAKINGMore NewsTrump-Putin-Xi Jinping Meeting: चीन में यूक्रेन पर फैसले को लेकर सतर्क जिनपिंग, 18-19 नवंबर की बैठक पर सस्पेंस◆BREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर में युवतियों के दो गुटों के बीच मारपीट, सोशल मीडिया पर वायरल हुए दो वीडियो◆BREAKINGछत्तीसगढ़रायपुर में किराये के मकान में मां-बेटे के शव मिले, 3-4 दिन से बंद था कमरा; बदबू आने पर हुआ खुलासा◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट में 4 गानों पर रोक लगाने के निर्देश, बच्चों पर असर को लेकर जताई चिंता◆BREAKINGछत्तीसगढ़आरंग-भिलाई मार्ग पर हाइवा की टक्कर से युवक की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया चक्काजाम◆BREAKINGधर्म-कर्मChoti Diwali 2026: 12 घंटे Bhadra का साया, जानें कब जलाएं यमराज के नाम का दीपक और पूजा का शुभ मुहूर्त◆BREAKINGछत्तीसगढ़दीपावली पर पटाखों से हादसों की आशंका, बिलासपुर सिम्स में डॉक्टरों की टीम अलर्ट; ICU से एम्बुलेंस तक इंतजाम◆BREAKINGछत्तीसगढ़रायपुर में 8 नवंबर को मांस-मटन की बिक्री पर प्रतिबंध, होटल-रेस्टोरेंट में भी नहीं परोसा जाएगा नॉनवेज◆

PAL-PAL KI KHABAR HAR PAL

[category_slider]

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Iran का नया Proposal: अमेरिका को भेजीं 7 शर्तें, होर्मुज खोलने से किया इनकार

Table of Content

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ दोनों देशों के बीच शांति की कोशिशें चल रही हैं, तो दूसरी तरफ शर्तों को लेकर टकराव लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच ईरान ने अमेरिका के सामने सात शर्तों वाला नया प्रस्ताव रख दिया है। तेहरान का साफ कहना है कि जब तक उसकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी। इतना ही नहीं, ईरान ने दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापारिक रास्तों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने से भी इनकार कर दिया है।

रॉयटर्स की 5 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने कतर के जरिए अमेरिका को अपना नया परमाणु प्रस्ताव भेजा है। अमेरिकी प्रशासन फिलहाल इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेजाई ने रूस दौरे के दौरान कहा कि अमेरिका को पहले उसकी सात शर्तें माननी होंगी। इसके बाद ही बातचीत और होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर विचार किया जाएगा।

ईरान की 7 शर्तें क्या हैं?

Iran की ओर से भेजे गए नए प्रस्ताव की पूरी आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की गई है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों के बयानों और पहले पेश किए गए सात चरणों वाले प्रस्ताव के आधार पर कुछ प्रमुख मांगें सामने आई हैं।

  • आर्थिक प्रतिबंधों से राहत: अमेरिका ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध हटाए।
  • तेल कारोबार की अनुमति: ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपना तेल बेचने की छूट मिले।
  • नौसैनिक नाकेबंदी खत्म हो: ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी समुद्री नाकेबंदी हटाई जाए।
  • फ्रीज संपत्तियां वापस मिलें: विदेशों में जमा ईरान की रोकी गई संपत्तियां जारी की जाएं।
  • युद्ध का मुआवजा: युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई के मुद्दे पर सहमति बने।
  • क्षेत्रीय संघर्ष खत्म हो: लेबनान समेत मध्य पूर्व के दूसरे मोर्चों पर भी युद्धविराम लागू हो।
  • होर्मुज पर समझौता: समुद्री रास्ते की सुरक्षा और आवाजाही को लेकर ईरान की शर्तों पर सहमति बनाई जाए।

ध्यान देने वाली बात यह है कि ये मांगें अलग-अलग बयानों और पुराने प्रस्तावों से सामने आई हैं। इन्हें नए प्रस्ताव की प्रमाणित आधिकारिक सात-सूत्रीय सूची नहीं माना जाना चाहिए।

Hormuz Strait को लेकर ईरान का सख्त रुख

होर्मुज जलडमरूमध्य इस पूरे विवाद का सबसे अहम हिस्सा बन गया है। यह समुद्री रास्ता फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के समुद्री रास्ते से होने वाले तेल व्यापार का करीब पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है।

Iran का कहना है कि अमेरिका जब तक अपनी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म नहीं करता और उसकी मांगों पर सहमति नहीं बनती, तब तक होर्मुज में सामान्य आवाजाही बहाल करने का फैसला नहीं लिया जाएगा।

हालांकि, ईरान ने इससे पहले मध्यस्थों के सामने एक ऐसा प्रस्ताव भी रखा था, जिसके तहत समझौता होने पर दो दिनों के भीतर होर्मुज को खोलने की संभावना जताई गई थी। यानी रास्ता खोलने का विकल्प पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन इसके लिए ईरान अपनी शर्तों पर समझौता चाहता है।

अमेरिका की मांग और ईरान के बीच सबसे बड़ा विवाद

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में सबसे बड़ी रुकावट परमाणु कार्यक्रम बना हुआ है। वॉशिंगटन चाहता है कि किसी भी शुरुआती समझौते में ईरान के यूरेनियम संवर्धन, परमाणु भंडार और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण से जुड़े मुद्दों को शामिल किया जाए।

दूसरी तरफ, तेहरान का कहना है कि पहले आर्थिक प्रतिबंधों और समुद्री नाकेबंदी जैसे मुद्दों का समाधान होना चाहिए। उसके बाद ही परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत आगे बढ़ सकती है।

यही वजह है कि दोनों देश बातचीत के क्रम को लेकर भी सहमत नहीं हो पा रहे हैं। अमेरिका परमाणु मुद्दे को शुरुआत में शामिल करना चाहता है, जबकि ईरान पहले अपनी शर्तों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।

कतर के जरिए जारी है बातचीत, लेकिन नहीं निकला समाधान

दोनों देशों के बीच सीधे बातचीत के बजाय कतर के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान किया जा रहा है। 2 नवंबर को दोहा में ईरानी प्रतिनिधियों और कतर के मध्यस्थों के बीच बातचीत हुई थी। इस दौरान प्रस्ताव में बदलाव और समझौते के मसौदे पर चर्चा हुई, लेकिन कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी है और अब सब कुछ वॉशिंगटन के रुख पर निर्भर करता है।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भी कहा था कि सितंबर में पेश किए गए सात चरणों वाले प्रस्ताव को छोटा करके तेजी से लागू करने की संभावना पर काम किया जा रहा है।

Trump ने सैन्य कार्रवाई का विकल्प रखा खुला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। हालांकि, उन्होंने सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी खुला रखा है।

इस बीच 3 नवंबर को अमेरिका ने ईरान के क़ेश्म द्वीप पर सीमित सैन्य कार्रवाई की थी। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे रक्षात्मक कार्रवाई बताया था। इसके बाद ईरान ने चेतावनी दी कि उस पर दोबारा हमला हुआ तो जवाबी कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बातचीत के जरिए समाधान निकलने की उम्मीद जताई है। वहीं, ईरान का कहना है कि वह अपनी शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं है।

चीन और रूस भी बढ़ा रहे कूटनीतिक प्रयास

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच चीन और रूस भी सक्रिय नजर आ रहे हैं। चीन ने सभी पक्षों से सैन्य कार्रवाई के बजाय राजनीतिक समाधान निकालने की अपील की है। वहीं, रूस ने भी दोबारा सैन्य संघर्ष शुरू होने की आशंका पर चिंता जताई है।

कतर के अलावा ओमान और अन्य क्षेत्रीय देश भी तनाव कम करने की कोशिशों में जुटे हैं। इन देशों की चिंता है कि अगर संघर्ष दोबारा बढ़ा तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा और व्यापार पर पड़ सकता है।

भारत पर क्या पड़ सकता है असर?

होर्मुज जलडमरूमध्य में लंबे समय तक रुकावट रहने का असर भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर भी पड़ सकता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात करता है।

अगर इस रास्ते से तेल की आपूर्ति प्रभावित होती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसका असर आगे चलकर पेट्रोल-डीजल, माल ढुलाई और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

इसके अलावा समुद्री जहाजों के बीमा और परिवहन खर्च में बढ़ोतरी से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर दबाव आ सकता है।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल ईरान का प्रस्ताव अमेरिका के पास है और उस पर समीक्षा जारी है। कतर समेत दूसरे मध्यस्थ दोनों देशों के बीच समझौते का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका ईरान की सात शर्तों पर सहमत होगा? या फिर परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ेगा?

फिलहाल किसी समझौते की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। आने वाले दिनों में अमेरिका का जवाब और मध्यस्थ देशों की कोशिशें तय करेंगी कि दोनों देश बातचीत की मेज पर लौटते हैं या पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ता है।

हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

Yukta

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Trump-Putin-Xi Jinping Meeting: चीन में यूक्रेन पर फैसले को लेकर सतर्क जिनपिंग, 18-19 नवंबर की बैठक पर सस्पेंस

Trump-Putin-Xi Jinping Meeting: चीन में यूक्रेन पर फैसले को लेकर सतर्क जिनपिंग, 18-19 नवंबर की बैठक पर सस्पेंस

रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर दुनिया की तीन बड़ी ताकतों के बीच संभावित बैठक चर्चा में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात 18-19 नवंबर को चीन के शेनझेन में होने वाले APEC शिखर सम्मेलन के दौरान हो सकती है। हालांकि, अभी इस बैठक को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस इस बैठक के जरिए यूक्रेन युद्ध पर बातचीत को आगे बढ़ाना चाहता है। लेकिन चीन के सामने एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती है। वह नहीं चाहता कि ऐसा संदेश जाए कि यूक्रेन की गैरमौजूदगी में दुनिया की बड़ी ताकतें उसके भविष्य और सीमाओं का फैसला कर रही हैं। चीन के सामने क्यों है कूटनीतिक चुनौती? अमेरिका और रूस के बीच संभावित बातचीत को लेकर चीन सावधानी बरत रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बीजिंग ऐसी बैठक की मेजबानी से मिलने वाली अंतरराष्ट्रीय पहचान तो चाहता है, लेकिन यूक्रेन युद्ध के विवाद में सीधे तौर पर उलझना नहीं चाहता। चीन के लिए यह भी अहम है कि बैठक को यूक्रेन के बंटवारे या उसकी जमीन के भविष्य पर तीन देशों के फैसले के तौर पर न देखा जाए। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की भी पहले ऐसी किसी व्यवस्था पर चिंता जता चुके हैं, जिसमें यूक्रेन को ही बातचीत से बाहर रखा जाए। पुतिन यूक्रेन युद्ध पर करना चाहते हैं चर्चा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से इस त्रिपक्षीय बैठक का प्रस्ताव सामने आया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, मॉस्को चाहता है कि इस मुलाकात में यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के संभावित रास्तों पर चर्चा हो। रूस की कोशिश है कि बातचीत में उसके हितों को जगह मिले। हालांकि, यूक्रेन की भागीदारी के बिना उसके भविष्य से जुड़े किसी समझौते को लेकर सवाल उठ सकते हैं। ट्रम्प की प्राथमिकता Nuclear Arms Control अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी चीन और रूस के नेताओं के साथ संभावित बैठक में दिलचस्पी दिखाई है। ट्रम्प के बयानों के मुताबिक, उनकी प्राथमिकता परमाणु हथियारों पर नियंत्रण और परमाणु निरस्त्रीकरण जैसे मुद्दों पर बातचीत करना है। वहीं, पुतिन यूक्रेन युद्ध को चर्चा का प्रमुख मुद्दा बनाना चाहते हैं। इस तरह तीनों नेताओं की प्राथमिकताएं अलग-अलग दिखाई दे रही हैं। यही वजह है कि बैठक का एजेंडा और उसका प्रारूप अभी स्पष्ट नहीं है। चीन ने बातचीत की पुष्टि की, लेकिन बैठक तय नहीं चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा है कि चीन तीनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों की संभावित बैठक को लेकर संबंधित पक्षों के संपर्क में है। हालांकि, उन्होंने बैठक की तारीख या अंतिम कार्यक्रम की पुष्टि नहीं की। क्रेमलिन की ओर से भी बैठक की तैयारियों पर बातचीत की जानकारी दी गई है। लेकिन अभी यह तय नहीं है कि तीनों नेता एक साथ बैठेंगे या नहीं और अगर बैठक होती है तो उसमें किन मुद्दों पर चर्चा होगी। 18-19 नवंबर पर दुनिया की नजर शेनझेन में 18 और 19 नवंबर को होने वाला APEC सम्मेलन इस संभावित मुलाकात के लिए अहम मौका हो सकता है। अगर ट्रम्प, पुतिन और जिनपिंग एक साथ बैठक करते हैं, तो यह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की बड़ी घटना होगी।

बिलासपुर में युवतियों के दो गुटों के बीच मारपीट, सोशल मीडिया पर वायरल हुए दो वीडियो

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में युवतियों के दो गुटों के बीच मारपीट के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो बहतराई इलाके का बताया जा रहा है, जबकि दूसरा अशोक नगर स्थित अटल आवास का है। दोनों घटनाओं में युवतियां आपस में गाली-गलौज और मारपीट करती नजर आ रही हैं। दोनों मामले सरकंडा थाना क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। फिलहाल किसी भी पक्ष ने थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर घटनाओं और मारपीट में शामिल युवतियों की पहचान करने में जुटी है। बहतराई में बहस के बाद बाल खींचकर की मारपीट पहला वीडियो बहतराई इलाके का बताया जा रहा है। इसमें कुछ युवतियां किसी बात को लेकर आपस में बहस करती दिखाई दे रही हैं। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज शुरू हो गई। इसके बाद युवतियां एक-दूसरे के बाल खींचने लगीं और थप्पड़, लात-घूंसे मारने लगीं। सड़क पर मारपीट होते देख आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, जबकि कई लोग मोबाइल से घटना का वीडियो बनाते रहे। अशोक नगर के अटल आवास में भी भिड़े दो गुट दूसरा वीडियो अशोक नगर स्थित अटल आवास का बताया जा रहा है। यहां भी युवतियों के दो गुटों के बीच विवाद के बाद मारपीट हुई। दोनों वीडियो सामने आने के बाद शहर में घटनाओं को लेकर चर्चा हो रही है। वायरल वीडियो के आधार पर पहचान में जुटी पुलिस फिलहाल दोनों घटनाओं में किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस थाने में शिकायत नहीं की गई है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर घटनास्थल और मारपीट में शामिल युवतियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

रायपुर में किराये के मकान में मां-बेटे के शव मिले, 3-4 दिन से बंद था कमरा; बदबू आने पर हुआ खुलासा

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी इलाके में किराये के मकान में रहने वाली मां और बेटे के शव मिलने से हड़कंप मच गया। दोनों के शव कमरे के अंदर अलग-अलग जगह मिले। महिला का शव फर्श पर पड़ा था, जबकि बेटे की लाश बिस्तर पर मिली। कमरा पिछले तीन से चार दिनों से बंद था। आसपास के लोगों को जब कमरे से तेज बदबू आने लगी, तब उन्होंने पुलिस को सूचना दी। घटना छोटा अशोक नगर की है। सूचना मिलने पर गुढ़ियारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पुलिस ने उसे तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। अंदर मां-बेटे के शव मिले। शुरुआती जांच में दोनों की आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। चार साल से किराये के मकान में रह रहे थे मां-बेटे मृतकों की पहचान जयजी देशमुख (52) और उनके बेटे हंसमुख देशमुख (25) के रूप में हुई है। दोनों पिछले करीब चार साल से दिलीप मंडल के मकान में किराये पर रह रहे थे। मकान मालिक से पूछताछ में पता चला कि हंसमुख लंबे समय से बीमार था और उसका इलाज चल रहा था। तीन-चार दिन से बंद था कमरा, बदबू आने पर हुआ खुलासा जानकारी के मुताबिक, मां-बेटे पिछले तीन-चार दिनों से कमरे से बाहर नहीं निकले थे। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। आसपास रहने वाले लोगों को जब कमरे से तेज बदबू आने लगी, तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य, सभी पहलुओं से जांच घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के साथ फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने कमरे की जांच कर जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आत्महत्या की आशंका सहित सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। मां-बेटे की मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।

इंदौर में दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट में 4 गानों पर रोक लगाने के निर्देश, बच्चों पर असर को लेकर जताई चिंता

पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के 15 नवंबर को इंदौर में होने वाले कॉन्सर्ट से पहले चार गानों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर निर्देश जारी किए गए हैं। जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने C-21 मॉल प्रबंधन को पत्र लिखकर इन गानों को कार्यक्रम में नहीं गाने देने को कहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग का मानना है कि इन गानों के बोल बच्चों पर गलत प्रभाव डाल सकते हैं। जिन गानों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं, उनमें ‘पटियाला पैग’, ‘5 तारा ठेके’, ‘जेब विचों अफीम लभिया’ और ‘जट्ट उत्थे फायर करदा जित्थे पाबंदी हथियार दी’ शामिल हैं। विभाग ने 6 नवंबर को जारी पत्र में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के 22 जुलाई 2019 के आदेश का हवाला दिया है। 5 साल से अधिक उम्र के बच्चों को भी मिलेगी एंट्री महिला एवं बाल विकास विभाग ने पत्र में बताया है कि कॉन्सर्ट में 5 साल से अधिक उम्र के बच्चों को भी प्रवेश दिया जाएगा। इसी वजह से गानों के बोल को लेकर चिंता जताई गई है। पत्र की प्रतियां कलेक्टर, विजय नगर के अनुविभागीय अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक और विजय नगर थाना प्रभारी को भी भेजी गई हैं। प्रोफेसर ने बच्चों को मंच पर बुलाने और कारतूस वाली बेल्ट पर भी जताई आपत्ति दरअसल, चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉ. पंडितराव धारेनावर ने इन गानों को लेकर शिकायत की थी। उन्होंने चार गानों पर आपत्ति जताने के साथ कॉन्सर्ट के दौरान बच्चों को मंच पर नहीं बुलाने की मांग की थी। उन्होंने दिलजीत दोसांझ को कारतूस वाली बेल्ट पहनने से रोकने और विवादित गानों को उनके बोल बदलकर भी नहीं गाने देने की मांग की थी। शिकायत में हाईकोर्ट के पुराने आदेश का हवाला देते हुए प्रशासन से कार्रवाई की अपील की गई थी। 3 निजी स्कूलों और महापौर कार्यालय को मिली थी बम धमाके की धमकी दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट से पहले इंदौर में सुरक्षा को लेकर भी चिंता सामने आई थी। 2 नवंबर को शहर के तीन निजी स्कूलों और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के कार्यालय को बम धमाके की धमकी वाले ई-मेल मिले थे। इन ई-मेल में 15 नवंबर को होने वाले कॉन्सर्ट के दौरान आईईडी विस्फोट की चेतावनी भी दी गई थी। ऐसे में कार्यक्रम से पहले सुरक्षा व्यवस्था के साथ गानों और बच्चों की एंट्री को लेकर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है।

आरंग-भिलाई मार्ग पर हाइवा की टक्कर से युवक की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

छत्तीसगढ़ के आरंग-भिलाई मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार हाइवा की चपेट में आने से 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने आरंग-राजिम (नयापारा) मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीण मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने और सड़क पर तेज रफ्तार भारी वाहनों पर नियंत्रण लगाने की मांग कर रहे हैं। चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। सुबह करीब 6 बजे हुआ हादसा, मौके पर तोड़ा दम जानकारी के मुताबिक, हादसा सुबह करीब 6 बजे हुआ। मृतक की पहचान मनोज धीवर (35) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मनोज सुबह किसी काम से घर से निकले थे। इसी दौरान तेज रफ्तार हाइवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मनोज की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। तेज रफ्तार भारी वाहनों पर रोक लगाने की मांग ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर भारी वाहन तेज रफ्तार से चलते हैं, जिससे लगातार हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने के साथ ही भारी वाहनों की गति नियंत्रित करने की मांग की। तहसीलदार और पुलिस मौके पर पहुंचे चक्काजाम की सूचना मिलने पर आरंग तहसीलदार और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास किया। अधिकारियों की ओर से मृतक के परिवार को मुआवजा दिलाने का आश्वासन भी दिया जा रहा है। किसान नेता बोले- परिवार को मिले तत्काल आर्थिक सहायता मौके पर मौजूद किसान नेता परसनाथ साहू ने बताया कि मनोज सुबह करीब 6:30 बजे तालाब जा रहे थे, तभी हाइवा चालक ने उन्हें कुचल दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम किया। उनकी मांग है कि मृतक के परिवार को तत्काल अंतरिम राहत के रूप में आर्थिक सहायता दी जाए। प्रशासन की समझाइश के बाद जाम खत्म होने की स्थिति अधिकारियों ने पुलिस बल की मौजूदगी में ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी मांगों पर चर्चा की। प्रशासन की समझाइश के बाद चक्काजाम खत्म होने की स्थिति में है। जाम के चलते कुछ समय तक मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.