बीजिंग/वॉशिंगटन – अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव का असर अब विमान और धातुओं के व्यापार पर भी पड़ने लगा है। चीन ने साफ कर दिया है कि वह अब अमेरिकी विमान कंपनी बोइंग से नए जेट नहीं खरीदेगा। इसके साथ ही, चीन ने अमेरिका को कीमती मेटल्स (rare earth metals) की सप्लाई भी रोक दी है।
क्यों लिया ये बड़ा फैसला?
यह सब हुआ है अमेरिका द्वारा चीन पर लगाए गए नए टैक्स (टैरिफ) के बाद। अमेरिका ने हाल ही में कुछ चीनी सामानों पर भारी टैरिफ लगाए हैं। इसके जवाब में चीन ने बोइंग की डिलीवरी रोकने और कीमती मेटल्स की सप्लाई बंद करने का निर्णय लिया।
बोइंग को लगेगा बड़ा झटका
बोइंग के लिए चीन एक बड़ा ग्राहक रहा है। हर साल चीन दर्जनों बोइंग विमान खरीदता रहा है। लेकिन अब जब चीन ने मना कर दिया है, तो इसका सीधा असर अमेरिका की इकोनॉमी और बोइंग कंपनी पर पड़ेगा।
टेक्नोलॉजी और मेटल की लड़ाई
चीन के पास दुर्लभ मेटल्स का बड़ा भंडार है – जैसे लैन्थेनम, नियोडिमियम, डाइसप्रोसियम आदि। ये मेटल्स इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़, गाड़ियाँ और रक्षा उपकरण बनाने में काम आते हैं। अगर चीन इनकी सप्लाई रोक देता है, तो अमेरिका और बाकी देशों की टेक इंडस्ट्री को बड़ी दिक्कत हो सकती है।
आम लोगों पर भी असर?
इस तरह की ट्रेड वॉर का असर आम लोगों पर भी पड़ता है। उड़ानों की कीमतें बढ़ सकती हैं, गैजेट्स महंगे हो सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अनिश्चितता बढ़ जाती है।
