टेक जगत के दिग्गज Elon Musk ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन से इस्तीफा दे दिया है। वे Department of Government Efficiency (DOGE) के प्रमुख के तौर पर सरकारी सुधारों में जुटे थे, लेकिन अब उन्होंने अपनी भूमिका से हटने का ऐलान कर दिया है।
Elon Musk का Government Exit – जानिए क्या बोले मस्क
एलन मस्क ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर लिखा:
“मेरे Special Government Employee के रूप में तय समय की समाप्ति के साथ, मैं राष्ट्रपति ट्रंप का आभार व्यक्त करता हूं। DOGE मिशन भविष्य में और मजबूत होगा क्योंकि यह सरकारी कार्यसंस्कृति का हिस्सा बन जाएगा।”
In the coming days, legacy media will try to convince you that President Trump and Elon Musk are no longer friends and that’s why Musk left.
What they won’t tell you is that Elon was a Special Government Employee, limited to 130 days of service and that term ends tomorrow. pic.twitter.com/blNzVm9Gnd
Elon Musk vs Trump’s Big Beautiful Bill – असहमति की असली वजह
मस्क के इस्तीफे का मुख्य कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ‘One Big Beautiful Bill’ बताया जा रहा है। यह एक विशाल कर और आव्रजन सुधार प्रस्ताव है, जिसे लेकर मस्क ने नाराजगी जताई।
उन्होंने बिल को ‘Massive Spending Bill’ करार दिया और कहा:
“कोई बिल बड़ा हो सकता है या खूबसूरत – लेकिन दोनों एक साथ नहीं।”
यह बयान ट्रंप सरकार की नीतियों पर मस्क की असहमति को स्पष्ट करता है।
क्यों नाखुश थे Elon Musk?
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन फंडिंग में कटौती
क्लाइमेट एक्शन और क्लीन एनर्जी पर सीमित फोकस
सरकारी नौकरशाही की जटिलताएं
बिल के जरिये मस्क के मिशन को नुकसान
कौन होगा Elon Musk का DOGE में अगला Successor?
DOGE के अगले प्रमुख को लेकर अटकलें शुरू हो चुकी हैं। विवेक रामास्वामी का नाम संभावित विकल्पों में सामने आया है, लेकिन आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
Musk Returns to Tesla & SpaceX – अब फोकस बिजनेस पर
सरकारी भूमिका से बाहर निकलने के बाद एलन मस्क अब पूरी तरह से Tesla, SpaceX और अन्य कंपनियों पर ध्यान देंगे। उनका इस्तीफा इस बात का संकेत है कि सरकारी सुधारों में प्राइवेट सेक्टर की अप्रोच को अपनाना आसान नहीं है।
टेक कंपनी Meta Platforms ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए नया सब्सक्रिप्शन मॉडल पेश किया है। इसी के तहत अब Instagram का “Instagram Plus” पेड प्लान भारत में लॉन्च किया गया है, जिसकी कीमत ₹299 प्रति महीना रखी गई है। इस नए प्लान का मकसद यूजर्स को एडवांस और एक्स्ट्रा फीचर्स देना है, जबकि बेसिक इंस्टाग्राम ऐप पहले की तरह फ्री में ही चलता रहेगा। Instagram Plus में क्या मिलेगा खास? Instagram Plus सब्सक्रिप्शन लेने वाले यूजर्स को कई अतिरिक्त सुविधाएं मिलेंगी, जैसे: कंपनी के मुताबिक यह प्लान खासतौर पर उन यूजर्स के लिए है जो इंस्टाग्राम का ज्यादा प्रोफेशनल या एडवांस तरीके से इस्तेमाल करते हैं। फ्री यूजर्स पर कोई असर नहीं अच्छी बात यह है कि सामान्य यूजर्स के लिए इंस्टाग्राम का फ्री वर्जन पहले की तरह जारी रहेगा।जो लोग सिर्फ बेसिक स्क्रॉलिंग, पोस्टिंग और स्टोरी देखने जैसे फीचर्स इस्तेमाल करते हैं, उन्हें किसी तरह का भुगतान नहीं करना होगा।
West Bengal में मदरसों को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। राज्य सरकार अब मदरसों का व्यापक सर्वे कराने जा रही है, जिसमें कई अहम जानकारियां जुटाई जाएंगी। जानकारी के मुताबिक, इस सर्वे में मदरसों की संरचना, शिक्षा व्यवस्था और संचालन से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल पूछे जाएंगे। कुल मिलाकर 8 प्रमुख बिंदुओं पर डाटा इकट्ठा किया जाएगा, ताकि राज्य में मदरसों की स्थिति को बेहतर तरीके से समझा जा सके। इन सवालों के जरिए यह जानने की कोशिश की जाएगी कि मदरसों में कितने छात्र पढ़ रहे हैं, वहां किस तरह की शिक्षा दी जा रही है, शिक्षक कितने हैं और संस्थानों का संचालन कैसे हो रहा है। सरकार का मानना है कि इस सर्वे से शिक्षा व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। वहीं, इस फैसले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा भी शुरू हो गई है। फिलहाल प्रशासन की ओर से सर्वे की प्रक्रिया और समयसीमा को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाने बाकी हैं।
दिल्ली के jantar mantar पर एक अनोखा और चर्चा में रहने वाला विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, जहां ‘मैं भी अन्ना’ की तर्ज पर प्रदर्शनकारियों ने खुद को ‘मैं हूं कॉकरोच’ कहते हुए नारे लगाए। करीब 5 घंटे तक चले इस प्रोटेस्ट में उम्मीद के मुकाबले कम भीड़ नजर आई, जिससे आयोजन को लेकर कई सवाल भी उठने लगे। अनोखे नाम से चर्चा में आया प्रदर्शन प्रदर्शनकारियों ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बैनर तले यह विरोध दर्ज कराया। उनका दावा था कि यह प्रदर्शन सिस्टम और राजनीति के प्रति नाराजगी दिखाने का एक अलग तरीका है। हालांकि, नाम और थीम को लेकर सोशल मीडिया पर भी जमकर बहस छिड़ गई। भीड़ उम्मीद से कम, चर्चा ज्यादा आयोजकों को जहां बड़ी भीड़ की उम्मीद थी, वहीं मौके पर उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही। इसके बावजूद पूरे कार्यक्रम ने मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर काफी ध्यान खींचा। आखिर क्या मिला इस प्रदर्शन से? प्रदर्शन खत्म होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि इस विरोध से हासिल क्या हुआ। कुछ लोगों ने इसे creative protest बताया, तो कुछ ने इसे सिर्फ attention-grabbing स्टंट करार दिया। जंतर-मंतर फिर बना विरोध का केंद्र दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बना रहा, जहां अलग-अलग विचारधाराओं और मुद्दों को लेकर लोग अपनी आवाज उठाते दिखे।
आज की बदलती लाइफस्टाइल में लंबे समय तक कुर्सी (chair) पर बैठकर काम करना आम बात हो गई है, लेकिन यही आदत अब सेहत के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। डॉक्टरों के मुताबिक हर दिन 4 से 5 नए मामले ऐसे सामने आ रहे हैं, जिनमें लोग स्लिप डिस्क (Slipped Disc) की समस्या से जूझ रहे हैं। बिना दर्द के भी हो रहा बड़ा नुकसान चौंकाने वाली बात यह है कि कई मरीजों में शुरुआत में कोई तेज दर्द नहीं होता, इसलिए बीमारी का पता देर से चलता है। जब तक लक्षण समझ में आते हैं, तब तक समस्या गंभीर हो चुकी होती है और कुछ मामलों में यह लकवे (Paralysis) तक पहुंच जाती है। खराब पोश्चर और लगातार बैठना बड़ी वजह विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक गलत तरीके से बैठना, लगातार स्क्रीन के सामने काम करना और फिजिकल एक्टिविटी की कमी इस बीमारी के मुख्य कारण हैं। खासकर ऑफिस वर्कर्स, स्टूडेंट्स और ड्राइवर ज्यादा जोखिम में हैं। किन बातों का रखें ध्यान डॉक्टर सलाह देते हैं कि:
UP में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। जहां कुछ दिन राहत भरी बारिश और हल्की हवाओं से लोगों को सुकून मिला था, वहीं अब प्रदेश में भीषण गर्मी की वापसी होने जा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 9 जून से 11 जून के बीच कई जिलों में लू (Heatwave) का असर देखने को मिलेगा। तापमान में तेज बढ़ोतरी की संभावना मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश के तापमान में करीब 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इन जिलों में सबसे ज्यादा असर लू का असर खासतौर पर पश्चिमी और मध्य यूपी के जिलों में ज्यादा देखने को मिल सकता है। कई इलाकों में दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है। स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरूरी डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और धूप से खुद को बचाकर रखें। बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखने की जरूरत है। कब मिलेगी राहत? फिलहाल 11 जून के बाद मौसम में हल्का बदलाव आने की संभावना जताई जा रही है, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
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