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KCR पर बढ़ा Pressure Kavitha के बयान से BRS में मची Political हलचल, Action की मांग तेज

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भारत राष्ट्र समिति (BRS) इन दिनों गहरे अंदरूनी संकट से गुजर रही है। पार्टी सुप्रीमो के. चंद्रशेखर राव (KCR) की बेटी और एमएलसी के. कविता के हालिया बयानों ने पार्टी में नई Political हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से अपने भाई और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव (KTR) पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का नेतृत्व केवल KCR के हाथों में ही सुरक्षित है।

Kavitha का आरोप: BJP से गुप्त विलय की कोशिश हुई थी

कविता ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि 2023 में जब वह दिल्ली शराब नीति केस में जेल में थीं, तब BRS के कुछ अंदरूनी नेताओं ने बीजेपी के साथ गुप्त समझौते के जरिए पार्टी विलय की कोशिश की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस प्रयास का कड़ा विरोध किया और पार्टी के मूल विचारों से समझौता नहीं किया।

Support की कमी से नाराज़ हैं Kavitha

कविता ने यह भी नाराज़गी जताई कि जब सोशल मीडिया पर उनके कांग्रेस में शामिल होने की अफवाहें फैलीं, तब पार्टी ने उन्हें कोई समर्थन नहीं दिया। इसके उलट, दूसरे नेताओं के खिलाफ ऐसी ही अफवाहों पर BRS ने तुरंत सफाई दी थी। इससे कविता को पार्टी में “साफ भेदभाव” महसूस हुआ।

Party में फूटा असंतोष, KCR पर बढ़ा दबाव

इन बयानों के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। कई सीनियर नेता अब कविता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे आपसी बातचीत से सुलझाने की सलाह दे रहे हैं। इस विवाद ने पार्टी की एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Congress और BJP को मिला हमला करने का मौका

BRS की इस अंदरूनी खींचतान को देखते हुए कांग्रेस और भाजपा ने राजनीतिक हमले तेज कर दिए हैं। दोनों पार्टियाँ इसे BRS की कमजोरी और विखंडन का संकेत बता रही हैं, जिससे पार्टी की पब्लिक इमेज को नुकसान पहुँच रहा है।

Kavitha का नया Camp Office और Political Plans

इस बीच खबर है कि कविता अपने घर के पास एक नया कैंप ऑफिस खोलने की तैयारी कर रही हैं, जो उनके भविष्य की स्वतंत्र राजनीतिक रणनीतियों का संकेत है। माना जा रहा है कि वह अपने सामाजिक संगठन ‘तेलंगाना जागृति’ के माध्यम से नई Grassroots-level गतिविधियाँ शुरू कर सकती हैं।

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