Jammu-Kashmir Omar Abdullah ने केंद्र सरकार की उस योजना का कड़ा विरोध किया है, जिसके तहत राज्य की नदियों से पानी Punjab, Haryana और Rajasthan भेजने के लिए 113 किलोमीटर लंबी नहर बनाने की योजना बनाई गई है।
उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि “Jammu ke log paani ke liye taras rahe hain, hum doosron ko paani kaise dein?”
Omar Abdullah का बयान: “Pehle Jammu ki zarurat puri hogi”
ओमर अब्दुल्ला ने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर पहले खुद अपनी जल ज़रूरतें पूरी करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि:
“जब हमें Shahpur Kandi barrage के water की ज़रूरत थी, तो Punjab ने सालों तक अटकाया। अब उन्हें ज़रूरत है, तो हमारी ज़मीन और पानी चाहिए?”
उन्होंने सवाल उठाया कि जब जम्मू-कश्मीर खुद drought से जूझ रहा है और “paani taps mein nahi aa raha,” तो वह दूसरों को कैसे पानी दे सकता है?
Background: Indus Water Treaty Suspension ke baad nayi jal neeti
भारत सरकार ने हाल ही में 1960 की Indus Waters Treaty को सस्पेंड कर दिया है, जिसके बाद पश्चिमी नदियों (Sindhu, Jhelum, Chenab) का “अतिरिक्त” पानी अब पाकिस्तान को ना भेजकर भारत के राज्यों को देने की योजना बनाई गई है।
इसी कड़ी में, जम्मू-कश्मीर से पानी लेकर 113 किमी लंबी नहर के ज़रिए Punjab, Haryana, Rajasthan तक पहुंचाने की योजना सामने आई है।
Punjab Governor और Political Parties का पलटवार
Omar Abdullah के बयान पर Punjab Governor Gulab Chand Kataria ने कहा:
“Bharat ke rajyon mein pani ka jhagda hamari sanskriti ka hissa nahi hai. Yeh alag-alag deshon mein hota hai, ek rashtra mein nahi.”
इसके अलावा Punjab की सभी बड़ी राजनीतिक पार्टियों – AAP, Congress और Akali Dal – ने भी ओमर के बयान को “राजनीतिक” और “राष्ट्रहित के खिलाफ़” बताया है।
- AAP प्रवक्ता Neel Garg ने कहा, “Jal vitran का फैसला केवल केंद्र सरकार को लेना चाहिए।”
- Congress और SAD ने इसे “Punjab ke haq ka paani” बताते हुए तुरंत वितरण की मांग की।
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