हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में मानसून का कहर लगातार तेज़ होता जा रहा है। बीते दो दिनों में मंडी ज़िले (Mandi District) में भारी बारिश, बादल फटने (Cloudburst), फ्लैश फ्लड (Flash Flood) और लैंडस्लाइड (Landslide) की घटनाओं ने हालात बिगाड़ दिए हैं। अब तक 10 लोगों की मौत, 34 से अधिक लापता, और 300 से ज़्यादा लोगों को रेस्क्यू किया गया है।
Himachal Pradesh Main Affected Area – मंडी बना Tragedy Zone
- मंडी के करसोग, गोहर, धर्मपुर और थुनाग इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
- ज़िले में 248 सड़कें बंद, जबकि पूरे राज्य में 406 से ज्यादा रास्ते अवरुद्ध हैं।
- 994 ट्रांसफॉर्मर खराब हो चुके हैं, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप है।
- मंडी में 253.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है, जो पिछले 24 घंटों में सबसे ज़्यादा है।
जान-माल का नुकसान – Death Toll बढ़ता जा रहा
- अब तक 10 Confirmed Deaths हो चुकी हैं।
- 34 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन कर रहा है।
- मंडी से 316 लोगों को रेस्क्यू किया गया है; चंबा और हमीरपुर से भी रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी है।
Flood Situation & Dam Water Release
- ब्यास नदी (Beas River) खतरे के निशान पर पहुँच चुकी है।
- Pandoh Dam से 1.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे निचले क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।
- कीरतपुर-मनाली हाईवे और कई पुल बाढ़ व मलबे से बाधित हैं।
Schools बंद, CM ने दिए अलर्ट रहने के निर्देश
- मंडी और आस-पास के ज़िलों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।
- मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी डीसीज़ को 24×7 Disaster Ready रहने का निर्देश दिया है।
Weather Alert by IMD: Orange & Yellow Warning जारी
- मौसम विभाग (IMD) ने कांगड़ा, सोलन, सिरमौर में Orange Alert और मंडी, शिमला समेत अन्य जिलों में Yellow Alert जारी किया है।
- 5 जुलाई तक भारी बारिश और Flash Flood Risk बना रहेगा।
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