जम्मू-कश्मीर में बहुप्रतीक्षित Amarnath Yatra 2025 का शुभारंभ 2 जुलाई को हो गया है। इस पवित्र यात्रा की शुरुआत जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पूजा-अर्चना के बाद पहले जत्थे को रवाना कर की। इस वर्ष यात्रा सुरक्षा के लिहाज से और भी अधिक सख्त कर दी गई है, खासकर पाहलगाम आतंकी हमले के बाद।
High-Tech Security: CRPF, Drone Surveillance और RFID से लैस
- इस बार Amarnath Yatra 2025 मार्ग पर 581 अर्धसैनिक बलों की कंपनियाँ तैनात की गई हैं, जिनमें CRPF, BSF, ITBP, NDRF और स्थानीय पुलिस शामिल हैं।
- Drone Surveillance, Anti-Drone Systems, और जमर्स का इस्तेमाल कर पूरे रूट को हाईटेक बनाया गया है।
- नो-फ्लाई ज़ोन की घोषणा कर दी गई है, जहां ड्रोन, गुब्बारे और अन्य उड़ने वाले उपकरण प्रतिबंधित हैं।
- हर यात्री के पास RFID टैग होगा और प्रमुख स्थानों पर Face Recognition Cameras लगाए गए हैं।
5,892 श्रद्धालु रवाना, CRPF Escort में सफर
- पहले दिन 5,892 श्रद्धालुओं ने यात्रा शुरू की, जो 310 वाहनों में रवाना हुए। इनमें पुरुष, महिलाएं, बच्चे, साधु और ट्रांसजेंडर श्रद्धालु शामिल हैं।
- सभी वाहन CRPF की निगरानी में काफिले के रूप में आगे बढ़े, जिससे सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
Mock Drill और Emergency Preparedness
- NH-44 और सभी बेस कैंप पर Mock Drill किए गए हैं ताकि आपदा की स्थिति में तुरंत राहत कार्य किया जा सके।
- Medical टीम, Quick Response Units, और Landslide Rescue Units पूरे मार्ग पर तैनात हैं।
Terror Alert के बाद सख्ती, Registration में आई गिरावट
- अप्रैल 2025 में हुए Pahalgam Terror Attack के बाद सरकार ने यात्रा को लेकर विशेष सतर्कता बरती है।
- इस घटना के बाद यात्रियों के पंजीकरण में करीब 10% की गिरावट देखी गई, लेकिन सुरक्षा इंतज़ामों ने लोगों को दोबारा यात्रा के लिए प्रेरित किया है।
Pilgrims Guidelines: क्या करें, क्या न करें
- सभी श्रद्धालु ID प्रूफ, RFID कार्ड और ग्रुप में यात्रा करने के निर्देशों का पालन करें।
- केवल अधिकृत वाहनों में ही यात्रा करें और सुरक्षा बलों के निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
- बेस कैंप और यात्रा मार्ग पर आवश्यक सुविधाएं जैसे मेडिकल, हेल्पलाइन और रेस्क्यू टीमें तैनात हैं।
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