Kanwar Yatra 2025 को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। मेरठ ज़िले में इस साल यात्रा के दौरान भंडारों और दुकानों के लिए Name Plate और QR Code अनिवार्य (Mandatory) कर दिया गया है। यह नियम 11 जुलाई से 23 जुलाई तक लागू रहेगा, जब लाखों कांवड़िए उत्तराखंड से गंगाजल लेकर हरिद्वार से अपने शहरों की ओर लौटते हैं।
Kanwar Yatra 2025 में क्या है नया Name Plate और QR Code Rule?
मेरठ प्रशासन के अनुसार अब सभी दुकानों और भंडारों पर निम्न जानकारियाँ अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होंगी:
- दुकान मालिक का नाम, पता और मोबाइल नंबर
- खाद्य सामग्री की सूची और उनके रेट्स
- फूड सेफ्टी लाइसेंस नंबर
- एक स्कैन करने योग्य QR Code जिससे यात्रियों को दुकान की जानकारी मिले
QR Code से मिलेगी Food Safety की गारंटी
प्रशासन का उद्देश्य है कि Kanwar Yatra 2025 के दौरान किसी भी तरह की भोजन की गुणवत्ता में लापरवाही न हो।
QR कोड के जरिए कोई भी यात्री देख सकेगा कि:
- दुकान का मालिक कौन है
- वह फूड लाइसेंस प्राप्त है या नहीं
- वहां पर मांसाहारी भोजन बेचा जा रहा है या नहीं
VHP और Police की Team करेगी Monitoring
- विश्व हिंदू परिषद (VHP) की टीमें और पुलिस अधिकारी मिलकर सभी भंडारों की जांच कर रहे हैं।
- Non-Veg Food और शराब पर सख्त प्रतिबंध लागू किया गया है।
- अगर कोई नियम तोड़ता पाया गया, तो उस पर ₹2 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
Supreme Court का पिछला फैसला और विवाद
2024 में ठीक ऐसा ही नियम लागू होने पर सुप्रीम कोर्ट ने Name Plate Rule को लेकर सवाल खड़े किए थे। कोर्ट ने कहा था:
- यह नियम संवैधानिक अधिकारों का हनन है
- इससे धार्मिक भेदभाव और छुआछूत को बढ़ावा मिल सकता है
फिलहाल भी यह मामला कोर्ट में है, लेकिन Yogi Government ने इसे सुरक्षा और पारदर्शिता के नाम पर दोबारा लागू कर दिया है।
Yogi Govt के अन्य इंतज़ाम
- कांवड़ मार्ग पर CCTV कैमरे, वॉच टावर, बैरिकेडिंग, मेडिकल कैंप और टॉयलेट्स लगाए गए हैं
- साफ पानी, प्रकाश व्यवस्था और शौचालयों का विशेष ध्यान रखा गया है
- स्थानीय प्रशासन का फोकस है कि यात्रा सुरक्षित, स्वच्छ और शांतिपूर्ण तरीके से हो
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