Meta Superintelligence Labs: Zuckerberg की नई चाल से OpenAI और Google में मची हलचल!
देश हरपल डिजिटल डेस्क | टेक डेस्क
सिलिकॉन वैली में इन दिनों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में टैलेंट वॉर चरम पर है। Meta के CEO मार्क ज़करबर्ग अब OpenAI, Google और Anthropic जैसी दिग्गज AI कंपनियों को सीधी चुनौती देने के लिए एक नई ‘सुपर चाल’ चल चुके हैं — Meta Superintelligence Labs (MSL) की शुरुआत के साथ।
Meta अब तेजी से AI की सबसे तेज़ और होशियार ब्रेनपावर को अपने पाले में कर रहा है। खास बात है कि , यह जिन प्रतिभाओं को नियुक्त कर रहा है, उन्हें मिलने वाले पैकेज की रकम सुनकर कंपनियों के HR हिल गए हैं — 20 करोड़ डॉलर (1600 करोड़ रुपये तक) के पैकेज दिए जा रहे हैं!

Top AI Talent की Meta में एंट्री!
इस ‘AI Talent Hunt’ में कई चर्चित नाम शामिल हो चुके हैं:
Huiwen Chang: GPT-4o की को-क्रिएटर और Google की मशहूर रिसर्चर, अब की टीम में शामिल हैं।
Alexander Wang: पूर्व Scale AI के CEO को ने Superintelligence Labs का Chief AI Officer बनाया है।
Nate Friedman: GitHub के पूर्व CEO और VC फर्म NFDG के को-फाउंडर अब AI Products और Applied Research संभालेंगे।
Daniel Gross: Safe Superintelligence के पूर्व CEO, अब AI Product Division की कमान।
Ruoming Pang: Apple की Foundation Models टीम के हेड रहे Pang को ₹1600 करोड़ के पैकेज पर नियुक्त किया।
Trapit Bansal: OpenAI में ‘O-Series’ के डेवलपर, जिन्हें ₹800 करोड़ के ऑफर पर शामिल किया।
Shuchao Bi: YouTube Shorts के को-फाउंडर और Google Ads में AI विशेषज्ञ रहे Bi ने भी जॉइन किया।
पैकेज में क्या-क्या शामिल है?
Bloomberg की रिपोर्ट के अनुसार, Meta द्वारा दी जा रही compensation में शामिल है:
Base Salary
Signing Bonus
Meta Stock (Equity) – जिसमें performance metrics और loyalty-based clauses होते हैं।
Extended Contracts – कुछ नियुक्तियाँ चार साल से भी लंबे अनुबंधों पर आधारित हैं।
इसमें वो लोग भी हैं जिन्होंने अपने मौजूदा स्टार्टअप्स में बड़ी equity छोड़ Meta जॉइन किया। उन्हें हुए नुकसान की भरपाई के लिए Signing Bonus को बढ़ाया गया है।
Meta का लक्ष्य क्या है?
Meta की Superintelligence Labs का लक्ष्य सिर्फ Language Models बनाना नहीं, बल्कि Artificial General Intelligence (AGI) और Superintelligence Systems का निर्माण करना है, जिससे वह OpenAI, Google DeepMind और Anthropic जैसी कंपनियों को सीधे टक्कर दे सके।
मार्क ज़करबर्ग ने साफ़ किया है कि AGI पर नियंत्रण रखने के लिए टेक्नोलॉजी की दुनिया के सर्वश्रेष्ठ दिमागों को एक साथ लाना जरूरी है – और अब उसी मिशन पर है।
क्या यह टैलेंट वॉर और तेज़ होगी?
AI सेक्टर में यह प्रतिस्पर्धा अब केवल इनोवेशन की नहीं रही, बल्कि ‘किसके पास बेहतर ब्रेन है’ इस रेस की भी बन गई है। पहले Apple, फिर OpenAI और अब Meta — हर कंपनी अब AI के अगले अध्याय को लिखने में जुटी है।
यह रणनीति न केवल एआई इंडस्ट्री को पुनर्परिभाषित कर रही है, बल्कि एक नया AI साम्राज्य भी बना रही है, जहाँ टैलेंट, टेक्नोलॉजी और ट्रिलियन-डॉलर वैल्यू का मिलन हो रहा है। भारत से Trapit Bansal और Shuchao Bi जैसे नामों की मौजूदगी भारतीयों के लिए भी गर्व का विषय है।
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