रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी (Anil Ambani) पर सरकारी एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। बीते दिनों ED (Enforcement Directorate), CBI (Central Bureau of Investigation) और SEBI ने एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई करते हुए Yes Bank Loan Fraud और SBI Loan Scam से जुड़े कई मामलों में जांच तेज़ कर दी है।
CBI Raid: SBI Loan Fraud में FIR दर्ज
शनिवार (23 अगस्त) को CBI ने Anil Ambani और रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई ₹2,000 करोड़ SBI Loan Fraud Case से जुड़ी है। CBI ने इस मामले में FIR भी दर्ज कर ली है।
ED Investigation: ₹17,000 Crore Loan Scam की जांच
5 अगस्त 2025 को ED ने Anil Ambani से करीब 10 घंटे पूछताछ की। यह मामला ₹17,000 करोड़ के Bank Loan Money Laundering Scam से जुड़ा है। इसमें Yes Bank समेत कई बड़े बैंकों से लिए गए कर्ज शामिल हैं।
ED Raid: ₹3,000 Crore Yes Bank Loan Fraud का खुलासा
जुलाई 2025 के आखिर में ED ने रिलायंस ग्रुप और उससे जुड़ी कंपनियों के 35 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई ₹3,000 करोड़ Yes Bank Loan Scam को लेकर की गई।
ED की शुरुआती जांच में सामने आया कि:
- बैकडेटेड अप्रूवल और फर्जी डॉक्युमेंट्स से लोन पास किए गए।
- उधार लेने वाली कंपनियों में एक जैसे डायरेक्टर और पते थे।
- कर्ज की रकम को Shell Companies में डायवर्ट किया गया।
- Yes Bank अधिकारियों को रिश्वत देने की आशंका है।
SEBI Action: ₹2,150 Crore Yes Bank Bonds Case
SEBI ने हाल ही में Anil Ambani की सेटलमेंट याचिका खारिज कर दी। मामला Reliance Mutual Fund द्वारा Yes Bank AT-1 Bonds में ₹2,150 करोड़ के निवेश से जुड़ा है। SEBI का आरोप है कि यह निवेश लोन डील के बदले किया गया था।
Reliance Group Executives भी जांच के घेरे में
ED ने रिलायंस ग्रुप के 6 टॉप एक्जीक्यूटिव्स को भी तलब किया है। उनसे PMLA (Prevention of Money Laundering Act) के तहत पूछताछ की जा रही है।
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