India-US Trade War तेज़ होता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में भारत से आने वाले कई सामानों पर 50% Import Tariff लगा दिया। यह फैसला भारत के रूस से तेल आयात (Russian Oil Import) और ट्रेड बैलेंस को लेकर लिया गया। इस कदम से भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाज़ार पर दबाव देखा गया।
इसी बीच भारत के रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने अमेरिका को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा –
👉 “कोई भी देश स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता, हमारे लिए सिर्फ स्थायी राष्ट्रीय हित (Permanent National Interest) मायने रखते हैं।”
Donald Trump के Tariff से क्यों बढ़ा विवाद?
- अमेरिका का आरोप है कि भारत रूस से बड़ी मात्रा में सस्ता तेल खरीदकर वॉशिंगटन की रणनीति को चुनौती दे रहा है।
- इसी कारण अमेरिका ने अचानक 50% अतिरिक्त शुल्क (Extra Duty) लगा दिया।
- इस फैसले का असर भारतीय रुपये पर पड़ा और शेयर बाजार गिरावट में चला गया।
Rajnath Singh का Indirect Attack on US
रक्षा मंत्री ने सीधे Trump का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका बयान अमेरिका पर ही इशारा करता था।
- उन्होंने कहा, “कुछ Global Powers भारत की तेज़ी से बढ़ती Economy और ताकत देखकर जलन महसूस कर रही हैं।”
- “कुछ लोग दिखाना चाहते हैं कि ‘Sabke Boss to hum hain’, लेकिन India अब दबाव में झुकने वाला नहीं है।”
- उन्होंने भारत की Defence Manufacturing में बड़ी उपलब्धि गिनाई—2014 में ₹600 करोड़ का Defence Export अब बढ़कर ₹24,000 करोड़ से ज्यादा हो चुका है।
India का Clear Stand
भारत ने साफ कर दिया है कि उसकी विदेश नीति और आर्थिक रणनीति किसी दबाव में नहीं बदलेगी।
- India-US रिश्ते मजबूत हैं, लेकिन भारत अपनी Independent Foreign Policy से समझौता नहीं करेगा।
- Russia से तेल आयात जारी रहेगा क्योंकि यह भारत की Energy Security और Economic Interest के लिए ज़रूरी है।
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